ऊंट के गले में घंटी पंचतंत्र की कहानी | unt ke gale mein ghanti Panchtantra ki kahani in Hindi

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ऊंट के गले में घंटी – Hindi Kahaniya | Moral Stories | Bedtime Moral Stories | Hindi Fairy Tales

unt ke gale mein ghanti Panchtantra ki kahani

unt ke gale mein ghanti Panchtantra ki kahani in Hindi

एक बार की बात है। एक अमीर व्यापारी के पास ऊंटों का झुंड था। वैसे तो उसके पास ऊंटों की कमी नहीं थी। परंतु उनमें से एक जवान ऊंट उसे सबसे प्रिय था।

unt ke gale mein ghanti Panchtantra ki kahani
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वह ऊंट उस व्यापारी का बहुत लाड़ला था। इसलिए वह उसके गले में एक घंटी बांधकर रखता था।

सारे ऊंट प्रतिदिन जंगल के पास घास चरने जाते थे। वह मुलायम घास खाते और झील का ठंडा पानी पीते थे। सांझ ढलने से पहले सभी ऊंट वापस आ जाते थे।

वह लाडला ऊंट उन सब से अलग अकेला घूमना पसंद करता था। बाकी ऊंट उसे समझाते की वह उनके साथ रहे परंतु मालिक का लाडला होने के कारण वह उन सब की बातों पर जरा भी ध्यान नहीं देता था।

एक दिन वो ऊंट चरते–चरते जंगल के काफी अंदर चला गया। उसके गले में बंधी घंटी की आवाज सुनकर भूखा शेर उसके सामने आ गया। शेर ने एक ही झटके में उस पर छलांग लगाई और उसको मार डाला।

नैतिक शिक्षा :– अच्छे परामर्श की कद्र करो।

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