सुनहरे हंस पंचतंत्र की कहानी | Golden Swan Panchtantra ki kahani in Hindi

सुनहरे पंखों वाला हंस (Sunahare Pankhon) – Swan with Golden Feathers – ChuChuTV Hindi Kahaniya

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सुनहरे हंस पंचतंत्र की कहानी | Golden Swan Panchtantra ki kahani in Hindi

प्राचीन भारत में एक राज्य था। उस राज्य के महल में एक खूबसूरत कुंड था जिसमें कमल खिले हुए थे। उस कुंड में कई स्वर्ण हंस रहा करते थे जो हर छः महीने में राजा को अपना एक पंख देते थे।

Golden Swan Panchtantra ki kahani
Golden Swan Panchtantra ki kahani

एक दोपहर वहां एक और स्वर्ण पक्षी आया। उसने हंसों से वहां रहने की आज्ञा मांगी।

हंसों ने कहा, “तुम यहां नहीं रह सकते। हम राजा को यहां रहने का किराया देते हैं। यह जगह हमारी है।”

पक्षी को अपना अपमान पसंद नहीं आया। उसने राजा के पास जाकर हंसों की शिकायत कर दी। राजा को गुस्सा आया और उसमें सभी हंसो को मारने की आज्ञा दी।

एक बूढ़े हंस ने राजा के सेवकों को उनके तरफ आते हुए देखा। उसने अपने साथियों से कहा, “मुझे लगता है हमारी जान खतरे में है। हम सब को एक साथ यहां से उड़ना होगा।”

स्वर्ण हंस को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा।

नैतिक शिक्षा :– हमें सब के प्रति दया भाव रखना चाहिए।

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