लोमड़ी और बकरी पंचतंत्र की कहानी | lomdi aur bakri Panchtantra ki kahani in Hindi, बकरी और लोमड़ी

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lomdi aur bakri Panchtantra ki kahani

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lomdi aur bakri Panchtantra ki kahani in Hindi

एक लोमड़ी गलती से एक कुएं में गिर गई। वह बाहर आने का भरकस प्रयास करती रही पर विफल रही। तभी वहां से एक बकरी गुजर रही थी। वह कुएं से पानी पीना चाहती थी।

lomdi aur bakri Panchtantra ki kahani
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बकरी को देखकर शातिर लोमड़ी ने कहा, “प्यारी बहन, मैं इस कुएं में भीषण सूखे से बचने के लिए कूदी हूं। तुम भी आ जाओ और अपनी प्यास बुझाओ।”

बकरी लोमड़ी की बात मानकर सूखे कुएं में कूद गई। लोमड़ी झट से बकरी की पीठ पर कूदी और फिर उसके सीगो का सहारा लेकर कुए से बाहर निकल गई।

जाते-जाते उसने बकरी को अलविदा कहा और जंगल में चली गई।

बेचारी बकरी कुएं में फस गई।

नैतिक शिक्षा :– धूर्त की बात पर भरोसा ना करें।

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