शिकारी और दो कबूतर पंचतंत्र की कहानी | shikari aur do kabutar Panchtantra ki kahani in Hindi

शिकारी और दो कबूतर कहानी – Hunter and Two Pigeons | Hindi Kahaniya | Stories in Hindi | JOJO TV

shikari aur do kabutar Panchtantra ki kahani

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शिकारी और दो कबूतर पंचतंत्र की कहानी | shikari aur do kabutar Panchtantra ki kahani in Hindi

एक शाम, एक क्रूर शिकारी ने पेड़ पर चढ़कर एक कबूतर को पकड़ लिया। पर इससे पहले की वह शिकारी घर  लौट पाता, बारिश होने लगी। तो उसने कबूतर को पिंजरे मैं डाला और पेड़ के नीचे बैठ गया। 

shikari aur do kabutar Panchtantra ki kahani
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जब नर कबूतर आया तो अपनी पत्नी को पिंजरे में देखकर दुखी हुआ। मादा कबूतर ने उसे सांत्वना देते हुए कहा, “ मेरे प्रिय, यह शिकारी हमारा मेहमान है। हमें उसे भोजन और आराम देना चाहिए। ”

नर कबूतर ने अपनी पत्नी की बात मानकर आग जलाई पर उसे शिकारी को देने के लिए कुछ खाना नहीं मिला।  तब वहां स्वयं आग में खुद गया ताकि शिकारी को भोजन मिल जाए। 

शिकारी हैरान रह गया और मादा कबूतर को आजाद कर दिया। मादा कबूतर को अपना जीवन अपने पति के बिना व्यर्थ लगा और वह भी आग मैं कूद  गयी

दोनों कबूतरो के  इस  त्याग  से शिकारी का  ह्रदय परिवर्तन हो गया और उसने आगे का जीवन सन्यासी की तरह बिताया। 

नैतिक शिक्षा :– स्वयं के जीवन का त्याग  सभी त्यागो से बड़ा होता है। 

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