समझदार हंस पंचतंत्र की कहानी | samajhdar hans Panchtantra ki kahani in Hindi

समझदार हंस Story For Children In Hindi – Panchtantra Ki Kahaniyan

samajhdar hans Panchtantra ki kahani

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samajhdar hans Panchtantra ki kahani in Hindi

कलहंस का झुंड एक पेड़ पर रहता था। एक दिन एक बूढ़े हंस ने देखा कि उनके पेड़ के नीचे एक बेल उग रही है।

उसने सभी पक्षों को सुझाव दिया, “यह बेल बड़ी हो रही है, इसके सहारे शिकारी हम तक पहुंच जाएगा और हमें पकड़ लेगा।”

samajhdar hans Panchtantra ki kahani
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पर सभी ने उसकी सलाह को अनदेखा कर दिया। वक्त के साथ बेल बड़ी हो गई। एक दिन जब सभी कलहंस पेड़ पर नहीं थे।

शिकारी उसी बेल के सहारे पेड़ पर चढ़ गया। शिकारी को पेड़ पर कुछ घोसले दिखे। उसने पेड़ पर जाल बिछा दिया और नीचे उतर गया।

अगली सुबह सभी कलहंसो ने खुद को जाल में फंसा पाया। बूढ़े हंस ने कहा, “घबराओ नहीं। ऐसा अभिनय करो जैसे कि तुम सब मर चुके हो और सभी मौका मिलते ही भाग जाना।”

शिकारी आया और सारे पक्षियों को मरा हुआ समझकर नीचे फेंक दिया। सारे पक्षी एक साथ उड़ गए और दूर जाकर, एक नए पेड़ पर अपना घर बना लिया।

नैतिक शिक्षा :– किसी भी खतरे को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

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