मूर्ख सारस और केकड़ा पंचतंत्र की कहानी | murkh saras aur kekda Panchtantra ki kahani in Hindi

मूर्ख सारस और केकड़ा Episode 5, Bedtime Moral Stories, Hindi Fairy Tales, Panchatantra Kahaniya

murkh saras aur kekda Panchtantra ki kahani

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murkh saras aur kekda Panchtantra ki kahani in Hindi

सारस का एक झुंड झील के किनारे एक पेड़ पर रहता था। उसी पेड़ की कोटर में एक सांप रहता था। जब भी कोई सारस अंडा देता, सांप उन्हें खा जाता।

murkh saras aur kekda Panchtantra ki kahani
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एक दिन एक केकड़े ने एक सारस को रोते हुए देखा और उससे पूछा, “तुम क्यों रो रहे हो?”

सारस ने केकड़े को सांप के बारे में बताया। केकड़े ने एक युक्ति सोची जिससे उसे सांप से छुटकारा मिल सकता था।

उसने सारस से कहा, “मैं बताता हूं तुम क्या करो। बहुत सारी मछलियों को एक रास्ते पर फैला दो जो नेवले के बिल से सीधा सांप की कोटर तक जाता हों।

नेवला इस तरह से सांप तक पहुंच जाएगा और उसे मार देगा क्योंकि वह दोनों दुश्मन है।”

सारस मान गया और उन्होंने मिलकर रास्ते पर मछलियां बिछा दी। नेवला मछलियों के जरिए सांप के बिल तक पहुंच गया और उसे मार डाला।

उसके बाद नेवले ने सारस को देखा और पेड़ पर चढ़कर उसे भी मार दिया।

नैतिक शिक्षा :– कुछ भी कार्य करने से पहले उसके फायदे और नुकसान के बारे में अच्छी तरह सोच लेना चाहिए।

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