अमिताभ बच्चन जीवनी | Amitabh Bachchan Biography in Hindi, Indian Film Actor

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तू खुद की खोज में निकल, तू किसलिए हताश है।
तू चल, तेरे वजूद की, समय को भी तलाश है…समय को भी तलाश है।।

जिंदगी के अमूमन कई पहलू होते हैं। कुछ जिंदगियां नाकामियों के डर से दुनिया की भीड़ में गुम हो जाती हैं, तो कुछ सफलताका सहरा बांधे आगे बढ़ जाती हैं। वहीं कुछ असफलताओं को हथियार बना कर जिंदगी की हर जंग जीतते हुए दुनिया के लिए मिसाल बन जाती हैं। ऐसी ही एक शख्सियत है बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की। फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री के साथ ही लगातार कई फ्लॉप फिल्में देने वाले अमिताभ ने एक नाकाम अभिनेता से बी-टाउन के सुपरस्टार और फिर सदी के महानायक तक का सफर तय कर हर किसी के लिए मिसाल पेश की। (amitabh bachchan biography in Hindi)

Amitabh Bachchan Biography in Hindi

नामअमिताभ बच्चन
जन्म तिथि 11 अक्टूबर 1942
जन्म स्थान इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश
आयु 78 वर्ष
व्यवसाय अभिनेता, फिल्म निर्माता, गायक
माता तेजी बच्चन
पिता हरिवंश राय बच्चन
पत्नी जया बच्चन
बेटी श्वेता बच्चनश्वेता बच्चन
बेटा अभिषेक बच्चन
बहू एश्वर्या राय बच्चन
Amitabh Bachchan Biography in Hindi

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शुरुआती जीवन (amitabh bachchan ka jivan parichaye)

Amitabh Bachchan Biography
Amitabh Bachchan Biography

अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्टूबर 1942(amitabh bachchan birthday,jivan parichaye)को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले में हुआ था। अमिताभ के पिता हरिवंश राय बच्चन (amitabh bachchan father) हिन्दी साहित्य के मशहूर कवि थे, वहीं उनकी माता तेजी बच्चन (amitabh bachchan mother) एक समाजसुधारक थीं।

दरअसल अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय बच्चन और उनके पूर्वज उत्तर प्रदेश के ही प्रतापगढ़ जिले(amitabh bachchan village) से ताल्लुक रखते थे, हालांकि बाद में पूरा बच्चन परिवार संगम नगरी में आकर बस गया। इसके साथ ही हरिवंश राय बच्चन ने अपना उपनाम भी श्रीवास्तव से बदलकर बच्चन रख लिया।(amitabh bachchan caste)

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अमिताभ बच्चन के नाम का अर्थ (amitabh bachchan original name)

अमिताभ के जन्म एक ऐसे दौर में हुआ जब देश में स्वतंत्रता आंदोलन अपने चरम पर था, वहीं आजादी के नारों का जयघोष देश की हर गली में गूँज रहा था। ऐसे में हरिवंश राय बच्चन इंकलाब जिंदाबाद के नारे से बेहद प्रभावित थे। लिहाजा उन्होंने अपने बेटे का नाम ‘इंकलाब’ रख दिया। (amitabh bachchan real name)

हालांकि बाद में अपने करीबी दोस्त और उस दौर के मशहूर कवि सुमित्रानन्दन पन्त ने हरिवंश राय बच्चन को बेटे का नाम इंकलाब से बदल कर ‘अमिताभ’ रखने का सुझाव दिया, जिसका अर्थ होता है –“कभी न बुझने वाली रोशनी”

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अमिताभ बच्चन की शिक्षा(amitabh bachchan education)

अमिताभ बच्चन ने अपनीशुरुआती शिक्षा इलाहाबाद से ही पूरी की। जिसके बाद उन्होंने नैनीताल स्थित शीरवुड कॉलेज में दाखिला लिया। वहीं बाद में अमिताभ ने दिल्ली विश्वविद्यालय से संबंधित किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की।

इसी दौरान अमिताभ ने पृथ्वीराज थियेटर में अपनी किस्मत आजमानी चाही और फिर ऑल इंडिया रेडियो में भी ऑडिशन दिया, हालांकि उनकी दोनों कोशिशें नाकाम रहीं। जिसके बाद अमिताभ ने कलकत्ता की एक कंपनी में काम करना शुरु कर दिया।

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अभिनेता बने अमिताभ(amitabh bachchan superstar)

Amitabh Bachchan Biography
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अमिताभ बच्चन ने 1969 में मृणाल सेन की फिल्म भुवन शोम से फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री की। हालांकि इस फिल्म में अमिताभ ने महज अपनी आवाज दी थी। इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरुस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

अमिताभ ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म सात हिन्दुस्तानी से की थी। इसके बाद 1971 में अमिताभ बच्चन राजेश खन्ना स्टारर फिल्म आनन्द में एक डॉक्टर का किरदार निभाते नजर आए थे। इस फिल्म के लिए अमिताभ को पहली बार बेस्ट स्पोर्टिंग एक्टर के फिल्म फेयर अवॉर्ड से नवाजा गया था।

इसी कड़ी में अमिताभ परवाना (1971), रेशमा और शेरा (1971), गुड्डी, बावर्ची, बॉम्बे टू गोवा, संजोग सहित कई फिल्मों में नजर आए। हालांकि अभी तक अमिताभ की कोई भी फिल्म बड़े पर्दे पर कमाल दिखाने में नाकाम रही।

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अमिताभ बच्चनः नाकाम अभिनेता से एंग्री यंग मैन तक (amitabh bachchan angry young man)

दरअसल फिल्म इंडस्ट्री में अमिताभ की एंट्री कुछ खास नहीं थी। एक अनुमान के मुताबिक एक्टिंग करियर की शुरुआत के साथ ही अमिताभ की बैक टू बैक 14 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं। ऐसे में अमिताभ का नाम बी-टाउन के फ्लॉप कलाकारों की फेहरिस्त में शुमार हो चुका था। लेकिन अमिताभ के लफ्जों में –

“लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

असफलता एक चुनौती है इसे स्वीकार करो
क्या कमी रह गई देखो और सुधार करो
जब तक न सफल हो नींद चैन को त्यागो तुम
संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम
कुछ किए बिना ही जय जयकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती”

लिहाजा अकसर हिन्दी साहित्य के मशहूर कवि सोहन लाल द्विवेदी की इन पक्तियों दोहराने वाले अमिताभ ने इन्हें अपने जीवन का मूलमंत्र बना लिया और अमिताभ ने कोशिश जारी रखी।

आखिरकार अमिताभ को सलीम खान और जावेद अख्तर के निर्देशन में बन रही फिल्म जंजीर में मुख्य किरदार निभाने का मौका मिला। नतीजतन जहां एक तरफ 1973 में रिलीजिंग के साथ ही फिल्म ने बड़े पर्दे पर सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, वहीं दूसरी तरफ अमिताभ बच्चन एक फ्लॉप कलाकार से सबके पसंदीदा एंग्री यंग मैन बन गए। (amitabh bachchan deewar)

फिल्म जंजीर की कामयाबी ने अमिताभ की तकदीर बदल दी। इस फिल्म में अमिताभ को उनके दमदार किरदार के लिए बेस्ट एक्टर फिल्म फेयर पुरुस्कार से सम्मानित किया गया।

इसके बाद अमिताभ ‘कुवाँरा बाप’, ‘दोस्त’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘मजबूर’ सहित कई सुपरहिट फिल्मों में दमदार किरदार निभाते नजर आए थे।

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सुपरस्टार अमिताभ बच्चन (big b amitabh bachchan)

70 के दशक तक अमिताभ के सितारे बुलंदी छूने लगे और लगातार फ्लॉप फिल्में देने वाले अमिताभ की बैक टू बैट सुपरहिट फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जमकर धमाल मचाने लगीं। इसी फेहरिस्त में एक नाम फिल्म दीवार (1975) और  फिल्म शोले (1975) का नाम भी शामिल है, जिसमें अमिताभ का किरदार और फिल्मों के डॉयलॉग आज भी लोगों के जहन में जिंदा है। (amitabh bachchan sholay)

यश चौपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म दीवार में अमिताभ बच्चन ने उस दौर के मशहूर बॉलीवुड कलाकारों मसलन शशी कपूर, निरूपा रॉय, परवीन बॉबी और नीतू सिंह के साथ स्क्रीन साझा की। फिल्म दीवार ने बॉक्स ऑफिस पर जमकर धूम मचाने के साथ-साथ 1975 में साल की टॉप चार फिल्मों में से एक बन गयी। (amitabh bachchan and shashi kapoor)

इसके अलावा 15 अगस्त 1975 को बड़े पर्दे पर रिलीज हुई फिल्म शोले ने बंपर ओपनिंग के साथ दर्शकों की जमकर सराहना बटोरी। यही नहीं फिल्म शोले को पचास साल की बेस्ट फिल्म के खिताब से भी नवाजा गया।

लिहाजा एक ही साल में एंग्री यंग मैन से लेकर शोले की जय-वीरू की दोस्ती तक अमिताभ ने अपने हर किरदार में दर्शकों के दिल पर दस्तक दी और महज कुछ ही समय में अमिताभ ने बी-टाउन में स्टार्डम की उन ऊंचाइयों को छू लिया, जिसके बाद बतौर सुपरस्टार अमिताभ का नाम देश की शान बन गया।

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फिल्म कुली के सेट पर घायल हुए अमिताभ बच्चन(amitabh bachchan coolie)

Amitabh Bachchan Biography
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बतौर अभिनेता अमिताभ बेहद खूबसूरती और जिंदादिली के साथ हर किरदार अदा करते हैं। शायद यही कारण था कि रील लाइफ और रियल लाइफ में काफी हद तक एक जैसे ही हैं। अमिताभ अपनी हर फिल्म में जान फूंकने के लिए हर संभव कोशिश करने से कभी पीछे नहीं हटते, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण 80 के दशक में आई फिल्म कुली है।

दरअसल मनमोहन देसाई के निर्देशन में बन रही फिल्म कुली में अमिताभ एक कुली का किरदार निभा रहे थे। इसी दौरान अमिताभ फिल्म के सेट पर कुछ गुंडो के साथ मार-पीट की सीन शूट करना था। इस सीन में अमिताभ को एक मेज पर जोर से छलांग लगानी थी लेकिन छलांग लगाते ही मेज का एक कोना अमिताभ को लग गया और वो बुरी तरह से घायल हो गए। (amitabh bachchan coolie accident)

वहीं अमिताभ के साथ घटी इस दुर्घटना की खबर सुन कर उनके फैंस काफी निराश हो गए। अमिताभ के अस्पताल में रहने के दौरान देश के हर कोने में उनकी सलामती की दुआ पढ़ी जा रही थी। आखिरकार अमिताभ कुछ समय बाद ठीक होकर सेट पर वापस लौट आए।

जिसके बाद फिल्म कुली को 1983 में रिलीज किया गया और फिल्म ने बड़े पर्दे दर्शकों की पर जमकर सराहना लूटी। लगभग दो दशकों तक कई सुपरहिट फिल्में देने के बाद अमिताभ ने अपने करियर में एक छोटा सा ब्रेक लेने का फैसला किया।

राजनीति में अमिताभ बच्चन ने आजमाई किस्मत(amitabh bachchan and politics)

1984 में फिल्मों से ब्रेक लेने के बाद अमिताभ ने राजनीति का रुख करने का फैसला किया। दरअसल यह वही दौर था जब 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी और पीएम की कुर्सी संभालने वाले राजीव गांधी सत्ता के गलियारों से पूरी तरह वाकिफ नहीं थे।

ऐसे में राजीव गांधी से दोस्ती की खातिर अमिताभ ने राजीव गांधी की मदद करने मन बना लिया था। लिहाजा अमिताभ ने 8वीं लोकसभा के चुनावों में हिस्सा लिया और देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद सीट से 68 फीसदी मतों के साथ एतिहासिक जीत हासिल की।

हालांकि जीत का यह सहरा अमिताभ के सर पर ज्यादा समय तक न रह सका और आखिरकार बोफोर्स घोटाला मामला के तूल पकड़ने के साथ ही अमिताभ ने इस्तीफा दे दिया।

कांग्रेस का साथ छोड़ने के बाद अमिताभ ने अपने पुराने दोस्त अमर सिंह की मदद करने के लिए उत्तर प्रदेश की स्थानीय पार्टी समाजवादी पार्टी के सात हाथ मिला लिया। वर्तमान में अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन (amitabh bachchan wife) समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सासंद भी हैं।

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन (amitabh bachchan films)

2000 में अमिताभ ने यशराज के बैनर तले बनी फिल्म मोहब्बतें से फिर बड़े पर्दे पर कमबैक किया। इस फिल्म में शाहरुख और एशवर्या (amitabh bachchan and shahrukh khan) के साथ स्क्रीन साझा करने वाले अमिताभ गुरुकुल के अध्यापक नारायण शंकर की भूमिका में दमकर रोल निभाते नजर आए थे। इस फिल्म के लिए अमिताभ को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के फिल्म फेयर पुरुस्कार से सम्मानित किया गया।

इसके बाद अमिताभ कभी खुशी कभी गम (2001), आँखे (2002), बागबान (2003), खाकी (2004), सरकार (2005), कभी अलविदा न कहना (2006), भूतनाथ (2008), पा (2009), बुड्ढा होगा तेरा बाप (2011), भूतनाथ रिटर्न (2014), पीकू (2015), पिंक (2016), ठग्स ऑफ हिन्दुस्तान (2018) जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में मजर आए। इन फिल्मों ने न सिर्फ बड़े पर्दे पर जमकर धमाल मचाया बल्कि दर्शकों की खूब सराहना भी बटोंरीं।

टीवी शो के होस्ट के रूप में अमितभा बच्चन (amitabh bachchan kbc)

Amitabh Bachchan Biography
Amitabh Bachchan Biography

बड़े पर्दे पर अपने नाम का डंका बजाने वाले अमिताभ छोटे पर्दे की भी पहचान बन चुके हैं। दरअसल सोनी टीवी का मशहूर शो कौन बनेगा करोड़पति?(amitabhbachchankaunbanegacrorepati) सबसे सफल टीवी शोज में से एक है, जिसके हर सीजन को अमिताभ साल 2009 से ही होस्ट करते हैं।

कई फिल्मों में अमिताभ ने दी आवाज (amitabh bachchan voice over)

Film Year
BhuvanShome1969
Bawarchi 1972
BalikaBadhu1975
Tere mere sapne1996
Hello Brother 1999
Lagaan 2001
Parineeta 2005
Jodha Akbar 2008
Swami 2007
ZorLagaaKeHaiya! 2009
Ra.One 2011
Kahaani 2013
Krrish 32013
Mahabharat2013
The Ghazi Attack 2017
Firangi2017

अमिताभ बच्चन की निजी जिंदगी (amitabh bachchan family)

Amitabh Bachchan Biography
Amitabh Bachchan Biography

करियर में स्टार्डम हासिल करने वाले अमिताभ बच्चन अपनी निजी जिंदगी में काफी हद तक जमीन से जुड़े और उसूलों पर आधारित जीवन जीने में यकीन रखते हैं। शायद यही वजह है कि अकसर पेज 3 की सर्खियों में रहने वाला बच्चन परिवार की जड़ें आज भी अमिताभ के जन्म स्थान इलाहाबाद से जुड़ी हैं।

अमिताभ ने अभिनेत्री जया बहादुरी के साथ साल 1973 में सात फेरे लिए(amitabh bachchan marriage)। अमिताभ और जया की बेटी श्वेता बच्चन नन्दा (amitabh bachchan daughter) एक लेखक, पत्रकार हैं। वहीं उनके बेटे अभिषेक बच्चन अभिनेता और बहू एश्वर्या राय बच्चन(amitabh bachchan daughter in law) मशहूर अभिनेत्री हैं। (amitabh bachchan and jaya bachchan)

70 और 80 के दशक में अमिताभ बच्चन का नाम बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा के साथ भी जुड़था। कुछ अफवाहों के अनुसार अमिताभ और रेखा फिल्म सिलसिला की शूटिंग के दौरान एक-दूसरे के करीब आए थे। फिल्म के निर्माता यश चौपड़ा ने अपने एक साक्षात्कार में इस मसले पर बात करते हुए बताया था कि , फिल्म सिलसिला के सेट पर चल रही रील लाइफ अमिताभ, रेखा और जया बहादुरी की की रीयल लाइफ से काफी हद तक मिलती-जुलती थी।(amitabh bachchan and rekha)

अमिताभ बच्चन के पुरुस्कार और सम्मान (amitabh bachchan awards and honours)

Awards/honoursOccasionYear
Life Achievement award Filmfare1991
Superstar of the Millennium Filmfare 2000
Actor of the CenturyAlexandria International Film
Festival, Egypt
2001
Life Achievement Award Asian Film Festival 2010
First Living Asian wax statue Madame Tussauds Wax Museum 2000
Padma ShriGovernment of India1984
Padma BhushanGovernment of India2001
PadmVibhushan Government of India2015
Legion of honour (Highest
Civilian honour)
French Government2007
Olmpic Torch London, Britain2012

Reference-
April 2021, Amitabh Bachchan Biography, wikipedia

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