in ,

उद्धव बाल ठाकरे की जीवनी, Uddhav Thackeray Biography in Hindi

Uddhav Thackeray – Chief Minister of Maharashtra

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव बाल ठाकरे का नाम भारतीय राजनीति की मशहूर शख्सियतों में शुमार है। उद्धव ठाकरे देश के उन नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने शिव सेना के रूप में क्षेत्रिय पार्टी का नेतृत्व करते हुए बेशुमार प्रसिद्धि हासिल की है। दशकों पहले बाल ठाकरे ने जिस शिव सेना की नींव रखी थी, उसी पार्टी से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने वाले उद्धव ठाकरे परिवार के पहले सदस्य बन गए हैं। जहां एक तरफ सियासत का हिस्सा बनकर उद्धव अकसर चर्चा में रहे, वहीं मजबूत विपक्ष के तौर पर भी उन्होंने जमकर सूर्खियां बटोरी हैं।

यहाँ पढ़ें: सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी की जीवनी

नाम (Name)उद्धव ठाकरे
जन्म तिथि (uddhav thackeray birthday)27 जुलाई 1960
आयु (uddhav thackeray age)60 वर्ष
पिता (uddhav thackeray father)बाल ठाकरे
माता (uddhav thackeray mother)मीना ठाकरे
पत्नी (uddhav thackeray wife)रशमी ठाकरे
बेटे (uddhav thackeray son)आदित्य ठाकरे, तेजस ठाकरे
राजनीतिक पार्टी (uddhav thackeray party)शिव सेना
Uddhav Thackeray‘s Biography

उद्धव ठाकरे का शुरुआती जीवन (uddhav thackeray biography)

उद्धव ठाकरे का जन्म 27 जुलाई 1960 को एक मराठी परिवार में हुआ था। उनके पिता बाल ठाकरे और माता मीना ठाकरे के तीन बच्चों में उद्धव ठाकरे सबसे बड़े बेटे हैं। महाराष्ट्र के बालमोहन विद्या मंदिर से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उद्धव ठाकरे ने फोटोग्राफी विषय (uddhav thackeray education) से सर जे.जे इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड आर्ट से स्नातक की डिग्री हासिल की।

उद्धव बाल ठाकरे की जीवनी

उद्धव ठाकरे का राजनीति से परिचय

उद्धव ठाकरे बहुत ही कम उम्र में राजनीति से रूबरू हो गए थे। दरअसल उद्धव महज चार साल के थे, जब उनके पिता बाल ठाकरे ने साल 1964 में शिव सेना की नींव रख दी थी।

उद्धव बाल ठाकरे की जीवनी और राजनीती
उद्धव बाल ठाकरे और राजनीती

इसी के साथ बाल ठाकरे की अध्यक्षता में बहुत कम समय में शिव सेना ने महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी।

ऐसे में जाहिर है राजनीतिक परिवार से ताल्लुक होने के कारण उद्धव न सिर्फ सत्ता के गलियारों से बखूबी इत्तेफाक रखने लगे थे बल्कि सियासी दांव-पेंच में माहिर हो गए थे।

उद्धव ठाकरे के राजनीतिक जीवन की शुरुआत

उद्धव ठाकरे ने अपने राजनीतिक जीवन का आगाज साल 2002 में किया। इस दौरान उन्होंने पहली बार औपचारिक रूप से बृहन्मुंबई महानगरपालिका के आगामी चुनावों में शिव सेना के चुनाव प्रचार का दारोमदार संभाला।

सामना के वरिष्ठ संपादक

इन चुनावों में उद्धव की लगन देखकर पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता उनसे इतने प्रभावित हुए कि साल 2003 में उन्हें शिव सेना का कार्यकारी अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। जिसके बाद उद्धव को सामना का वरिष्ठ संपादक नियुक्त कर दिया गया।

उद्धव बाल ठाकरे और सामना
उद्धव बाल ठाकरे और सामना

सामना शिव सेना का एक मराठी अखबार है, जिसकी नींव साल 1988 में बाल ठाकरे ने ही रखी थी। वर्तमान में भी सामना महाराष्ट्र का मशहूर अखबार है, जिसमें शिव सेना की नीतियों का विस्तार में वर्णन किया जाता है।

उद्धव ठाकरे साल 2006 से 2019 तक सामना के वरिष्ठ संपादक रहे। वहीं महाराष्ट्र का मुख्मंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

महाराष्ट्र नव निर्माण सेना

बाल ठाकरे की अध्यक्षता में शिव सेना ने महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में अपनी पकड़ काफी मजबूत कर ली थी और उद्धव ठाकरे पार्टी के युवा नेता की छवि के साथ मशहूर हो चुके थे। इसी बीच शिव सेना में फूट की सुगबुगाहटें महाराष्ट्र की सियासत में सूर्खियां बन गयीं थी और इन सूर्खियों के केंद्र में थे राज ठाकरे।

राज ठाकरे (uddhav thackeray vs raj thackeray) बाल ठाकरे के भतीजे और उद्धव ठाकरे के भाई हैं। 2006 में किन्ही मनमुटावों के चलते राज ठाकरे ने शिव सेना को छोड़ने का फैसला कर लिया। लिहाजा उन्होंने शिव सेना का दामन छोड़ कर महाराष्ट्र में एक नयी स्थानीय पार्टी, महाराष्ट्र नव निर्माण सेना की नींव रख दी।

शिव सेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे

सियासी दांव-पेंच के बीच महाराष्ट्र की गद्दी पर काबिज होने की जद्दोजदह में जुटी शिव सेना को उस वक्त सबसे बड़ा झटका लगा, जब 2012 में पार्टी के अध्यक्ष बाल ठाकरे ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।

दशकों तक बाल ठाकरे के साये में शून्य से शिखर तक का सफर तय करने वाली शिव सेना के सामने सबसे बड़ा सवाल अगले अध्यक्ष को लेकर था। ऐसे में पार्टी अध्यक्ष के लिए उद्धव ठाकरे के नाम की पेशकश की गयी।

कारण साफ था, यह एक ऐसा समय था जब उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र की सियासत में अहम भूमिका निभाकर एक अलग पहचान बनाने में कामयाब रहे थे,वहीं शिव सेना को भी एक मजबूच उत्तराधिकारी की जरूरत थी, जो बाल ठाकरे के बाद पार्टी को समेट कर सभी को एक साथ लेकर चल सके।

लिहाजा उद्धव ठाकरे की इन्ही खूबियों के चलते पार्टी ने उनके नाम पर मुहर लगा दी और साल 2013 में उद्धव ठाकरे को सर्वसम्मति के साथ शिव सेना का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया।

महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार

उद्धव बाल ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस
उद्धव बाल ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस

 2014 में जहां पूरे देश में मोदी लहर का शोर था, वहीं महाराष्ट्र भी इस लहर से अधूता नहीं था। ऐसे में शिव सेना ने भी बीजेपी की अध्यक्षता वाली NDA से हाथ मिला लिया। जिसके बाद महाराष्ट्र में शिव सेना ने बीजेपी के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनायी और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस (uddhav thackeray vs devendra fadnavis) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

शिव सेना की बीजेपी से तकरार (uddhav thackeray vs modi)

महाराष्ट्र की गंठबंधन सरकार में उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता वाली शिव सेना और बीजेपी (uddhav thackeray vs bjp) में तकरार की तमाम सुगबुगाहटें सियासी गलियारों की सूर्खियां बन गयीं थीं। केंद्र से लेकर महाराष्ट्र तक बीजेपी के कई फैसलों से नाराज शिव सेना को बीजेपी से शिकायत थी।

यहाँ पढ़ें: नरेंद्र मोदी की जीवनी

लिहाज अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे (uddhav thackeray on ram mandir) सहित राज्य के कई मसलों को लेकर शिव सेना के बगावती बोल महाराष्ट्र में बीजेपी की गद्दी के लिए खतरा बनने लगे। इसी कड़ी में आरोप-प्रत्यारोप के इस सिलसिले ने राज्य की सियासी बयार को एक अलग ही रुख दे दिया।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (how uddhav thackeray became cm of maharashtra)

uddhav thackeray ki jivani
Uddhav Thackeray ki jivani

साल 2019 में महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों का शंखनाद हुआ। इन दिनों बीजेपी और शिव सेना की तकरार महाराष्ट्र की सियासत में खासी चर्चा में थी। हालांकि इन चुनावों तक भी बीजेपी और शिव सेना के गठबंधन सरकार बनने के पूरे कयास लगाए जा रहे थे।

वहीं चुनावों के नतीजे आने तक सत्ता की सारी तस्वीर बदल चुकी थी। शिव सेना ने बीजेपी का दामन छोड़ कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया और राज्य में एक बार फिर गठबंधन सरकार बनी। लेकिन इस बार महाराष्ट्र से बीजेपी का पत्ता साफ हो गया था।

यहाँ पढ़ें: अमित शाह की जीवनी

महाराष्ट्र में कांग्रेस और शिव सेना की गठबंधन सरकार बनी और 28 नवंबर 2019 को (when uddhav Thackeray takes oath) उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

विवादों में उद्धव ठाकरे

उद्धव बाल ठाकरे और कंगना राणावत
उद्धव बाल ठाकरे और कंगना राणावत

राज्य की कमान संभालने के साथ ही बतौर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सामने कई नई चुनौतियां थी। इसी बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस सुशांत सिंह राजपूत (uddhav thackeray on sushant singh Rajput) की रहस्यमय मौत ने उद्धव सरकार की जड़ों को हिला कर रख दिया।

सुशांत की मौत के लिए सीबीआई जांच के आदेशों की आंच महाराष्ट्र सरकार पर पड़ी तो उद्धव ठाकरे विवादों के केंद्र में आ गए। BMC (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) द्वारा बी-टाउन एक्ट्रेस कंगना रनाउत (uddhav thackeray vs kangana ranaut) के ऑफिस में तोड़फोड़ से लेकर सुशांत की मौत के संदिग्धों तक में उद्धव सरकार के हाथ का दावा किया जाने लगा।

साथ ही उद्धव सरकार की हर गतिविधियों पर मीडिया की फुल कवरेज (uddhav thackeray vs arnab goswami) ने उद्धव ठाकरे को एक बार फिर कई गलत वजहों से सूर्खियों के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया।

उद्धव ठाकरे का निजी जीवन (uddhav thackeray family)

उद्धव बाल ठाकरे की जीवनी
उद्धव बाल ठाकरे और आदित्य ठाकरे

साल 1988 में कॉलेज के दौरान उद्धव की मुलाकात रशमी से हुई। बहुत कम समय में उद्धव रशमी को पसंद करने लगे थे। लिहाजा उद्धव और रशमी 13 दिसंबर को शादी के बंधन में बंध गए। उद्धव ठाकरे और रश्मी ठाकरे के दो बच्चे (uddhav thackeray children) हैं – आदित्य ठाकरे और तेजस ठाकरे (uddhav thackeray son)

आदित्य ठाकरे को उद्धव की ही तरह हमेशा से राजनीति में दिलचस्पी थी, जिसके कारण उन्होंने सियासत को अपना करियर चुन कर पार्टी की विरासत को आगे बढ़ाने का फैसला किया। वहीं तेजस ठाकरे  राजनीति से दूर रहना पसंद करते हैं।

उद्धव ठाकरे का फोटोग्राफी से प्यार (uddhav thackeray photography)

सियासी बिसात पर दांव-पेंच खेलने के अलावा उद्धव ठाकरे को फोटोग्राफी में खासी दिलचस्पी है। उनकी तस्वीरों के कलेक्शन को साल 2004 में जहांगीर आर्ट गैलरी में प्रदर्शित किया गया था।

इसके अलावा उद्धव ठाकरे ने 2010 में महाराष्ट्र देश और 2011 में पाहावा विट्ठल के नाम से एक फोटो बुक भी पब्लिश की थी। इन किताबों में महाराष्ट्र की कई खूबसूरत तस्वीरें मौजूद थीं।

Reference –

2020,wikipedia, uddhav thackeray ki jivani

Written by Sakshi Pandey

I am enthusiastic and determinant. I had Completed my schooling from Lucknow itself and done graduation or diploma in mass communication from AAFT university at Noida.
A Journalist by profession and passionate about writing. Hindi content Writer and Blogger like to write on Politics, Travel, Entertainment, Historical events and cultural niche. Also have interest in Soft story writing.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

निर्मला सीतारमण की जीवनी

निर्मला सीतारमण की जीवनी,Biography,Education,Political career hindi me

lakadhara aur sher

लकड़हारा और शेर – lakadhara aur sher – पंचतंत्र