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The Biography of Rahul Gandhi – राहुल गाँधी की जीवनी

राहुल गाँधी, भारतीय राजनैतिक और भारतीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष थे। वे भारत के सबसे ताक़तवर परिवार, गाँधी – नेहरू परिवार से ताल्लुक़ रखते हैं, जो भारतीय राजनीति का एक जाना माना नाम है। 2019 के लोकसभा चुनावों में, राहुल गाँधी ने वायनाड से चुनाव जीता।

दादा/ Grand Fatherफ़िरोज़ गाँधी
दादी/ Grandmotherइंदिरा गाँधी
पिता/ Fatherराजीव गाँधी
माता/ Motherसोनिया गाँधी
बहन/ Sisterप्रियंका गाँधी
The Biography of Rahul Gandhi

Early life and his Education – शुरुवाती ज़िन्दगी और उनकी शिक्षा

The Biography of Rahul Gandhi - राहुल गाँधी की जीवनी

राहुल गाँधी का जन्म साल 1970 में दिल्ली में हुआ था। वे भारत के सबसे पहले प्रधानमंत्री, जवाहर लाल नेहरू के परपोते हैं। उनकी दादी, इंदिरा गाँधी भारत की पहली महिला प्रधान मंत्री थीं। उनके पिताजी, राजीव गाँधी भी भारत के प्रधानमंत्री रहे हैं। राजीव गाँधी की मृत्यु के बाद उनकी माँ, इंदिरा गाँधी ने उनको बड़ा किया और कांग्रेस की कमान भी संभाली।

राहुल गाँधी ने अपनी शुरुवाती पढ़ाई सेंट कोलम्बस स्कूल, दिल्ली से की थी।  उसके बाद, राहुल आगे की पढ़ाई करने के लिए दून स्कूल, देहरादून चले गए।  साल 1984 में, इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद, जब उनके पिता राजीव गाँधी प्रधान मंत्री बनें, तो राहुल और प्रियंका को घर में रह के पढ़ाने का फैसला किया।

साल 1989 में उन्होंने सेंट स्टीफ़ंस कॉलेज, दिल्ली में दाखिला ले लिया। अपने पिताजी की हत्या के बाद, राहुल गाँधी ने रोल्लिंस कॉलेज, फ्लोरिडा भेजने का फैसला किया। वहाँ से उन्होंने बीए की डिग्री प्राप्त की।

उसके बाद वे एम. फिल की डिग्री प्राप्त करने के लिए ट्रिनिटी कॉलेज, लंदन चले गए। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने एक कंसल्टेंसी फर्म, मॉनिटर ग्रुप्स में काम करना शुरू किया।  2002 में, वह मुंबई स्थित प्रौद्योगिकी आउटसोर्सिंग फर्म  के निदेशकों में से एक थे। 

Political Career of Rahul Gandhi –  राहुल गाँधी का पोलिटिकल करियर

साल 2004 में, राहुल गाँधी ने भारतीय राजनीति में अपने कदम रखे। उस समय पर, कांग्रेस की पकड़ उत्तर प्रदेश पर मजबूत नहीं थी। लेकिन सोनिआ गाँधी की मेहनत के बाद उन्हें सक्सेस मिलना शुरू हुई।  और कांग्रेस युवाओं की पार्टी के रूप में उभर के आने लगी।

अपने पहले इंटरव्यू में उन्होंने विदेशी मीडिया को बताया की वो भारत के युवाओं को यूनाइट कर रहे हैं। राहुल गांधी और उनकी बहन, प्रियंका ने 2006 में रायबरेली में फिर से चुनाव के लिए अपनी माँ के अभियान को प्रबंधित किया, जिसे 400,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की। 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के अभियान में वह एक प्रमुख व्यक्ति थे; कांग्रेस ने हालांकि, 8.53% वोटों के साथ 403 सीटों में से केवल 22 सीटें जीतीं।

राहुल गांधी को पार्टी सचिवालय के फेरबदल में साल 2007 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महासचिव नियुक्त किया गया। उसी फेरबदल में, उन्हें भारतीय युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ का प्रभार भी दिया गया। साल 2008 में, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने “राहुल-ए-पीएम” विचार का उल्लेख किया जब भारत के पीएम मनमोहन सिंह अभी भी विदेश में थे। उन्हें जनवरी 2013 में पार्टी का उपाध्यक्ष भी बनाया गया।

राहुल गांधी के तहत, भारतीय यूथ कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ़ इंडिया ने 200,000 से 2.5 मिलियन तक के सदस्यों में बढ़ोत्तरी देखी। साल 2009 के लोकसभा चुनावों में, गांधी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 370,000 मतों के अंतर से हराकर अपनी अमेठी सीट को बरकरार रखा। राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सक्सेस का श्रेय दिया गया, जहां उन्होंने कुल 80 लोकसभा सीटों में से 21 जीती थीं।

मई 2011 में, राहुल गाँधी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने भट्टा पारसौल गाँव से गिरफ्तार किया था, जब वे आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में निकले और अपनी भूमि के लिए मुआवजे की माँग कर रहे थे। राहुल गांधी को विरोध स्थल से दूर ले जाया गया और बाद में दिल्ली-यूपी सीमा पर जमानत दे दी गई।

राहुल गांधी ने लगभग दो महीने तक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश चुनाव में 2012 के विधानसभा चुनावों के दौरान प्रचार किया, जिसमें 200 रैलियां कीं। हालाँकि कांग्रेस ने राज्य में चौथी पार्टी के रूप में स्थान प्राप्त किया, 28 सीटें जीतकर, पिछले 2007 के चुनावों से छह सीटों की वृद्धि हुई। अमेठी संसदीय क्षेत्र की 15 सीटों में से कांग्रेस ने दो पर जीत दर्ज की।

गांधी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र अमेठी से 2014 का भारतीय आम चुनाव लड़ा। और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के चुनाव अभियान का नेतृत्व किया। गांधी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, भाजपा की स्मृति ईरानी को 107,000 मतों के कम अंतर से हराकर अमेठी सीट पर कब्जा किया।  उनके नेतृत्व में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने चुनावों में अपने सबसे खराब प्रदर्शन का सामना किया और 2009 के आम चुनाव में पहले जीती गई 206 सीटों की तुलना में केवल 44  सीटें जीतीं।

यहाँ पढ़ें : राजीव गाँधी की जीवनी

Personal life of Rahul Gandhi – राहुल गाँधी की निजी ज़िन्दगी

The Biography of Rahul Gandhi - राहुल गाँधी की जीवनी

जबकि 2004 में, राहुल गाँधी  ने प्रेस को बताया था कि उनकी एक स्पेनिश प्रेमिका थी, जो कि वेनेजुएला की रहने वाली एक वास्तुकार थी, जिनसे वे इंग्लैंड में अध्ययन के दौरान मिले थे। 2013 में, उन्होंने सुझाव दिया कि उनकी शादी नहीं हो सकती है।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री नटवर सिंह ने कहा है कि राहुल गाँधी नास्तिक हैं। राहुल गांधी ने दिसंबर 2017 में कांग्रेस के अध्यक्ष का पद संभाला । वह राजीव गांधी फाउंडेशन और राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी भी हैं।

Some books on Rahul Gandhi – राहुल गाँधी पर कुछ किताबें

  • डिकोडिंग राहुल गाँधी – आरती रामचंद्रन
    Decoding Rahul Gandhi – Aarthi Ramachandran
  • राहुल गाँधी : दी ग्रेट वारियर ऑफ़ इंडियन पॉलिटिक्स – लक्ष्मी प्रिया
    Rahul Gandhi :The Great Warrior of Indian Politics – Lakshmi Priya 

References

Written by Utkarsh Chaturvedi

नमस्कार, मेरा नाम उत्कर्ष चतुर्वेदी है। मैं एक कहानीकार और हिंदी कंटेंट राइटर हूँ। मैं स्वतंत्र फिल्म निर्माता के रूप में भी काम कर रहा हूँ। मेरी शुरुवाती शिक्षा उत्तर प्रदेश के आगरा में हुई है और उसके बाद मैं दिल्ली आ गया। यहां से मैं अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहा हूँ और साथ ही में कंटेंट राइटर के तौर पर काम भी कर रहा हूँ।

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