The Biography of Rajiv Gandhi – राजीव गाँधी की जीवनी

राजीव रत्न गाँधी,  भारतीय राजनेता थे जो नेहरू – गाँधी परिवार से ताल्लुक़ रखते थे। वे पूर्व प्रधानमंत्री  इंदिरा गाँधी के बड़े बेटे थे। उन्हें अपनी माँ की ह्त्या के बसद उनकी जगह भारत का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था।  वे भारत के इतिहास के सबसे  प्रधानमंत्री बनें। उनकी उम्र महज़ 40 वर्ष थी जब उन्हें प्रधानमंत्री बनाया गया।     

नाना/ Grandfatherजवाहर लाल नेहरु
पिता/ Fatherफ़िरोज़ गाँधी
माता/ Motherइंदिरा गाँधी
भाई/ Brotherसंजय गाँधी
पत्नी/ Wifeसोनिया गाँधी
बच्चे/ Kidsराहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी
The Biography of Rajiv Gandhi

Early life and Education – शुरुवाती ज़िन्दगी और उनकी शिक्षा

राजीव गाँधी का जन्म साल 1944 में मुंबई में हुआ था। साल 1951 में, उन्हें और संजय गाँधी को पढ़ाई के लिए शिव निकेतन भेजा गया। जहां उनकी टीचर ने बताया की वो थोड़े शर्मीले किस्म के बच्चे हैं। बाद में उन्हें दून स्कूल, देहरादून भी भेजा गया। साल 1961 में, वे ए – लेवल करने के लिए लंदन चले गए।

साल 1962 से 1965 तक, उन्होंने ट्रिनिटी कॉलेज, लंदन से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की लेकिन वे डिग्री नहीं ले पाए। साल 1966 में राजीव गाँधी, इम्पीरियल कॉलेज ऑफ़ लंदन भी गए, लेकिन वहाँ से भी राजीव गाँधी अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए।

राजीव गाँधी, साल 1966 में भारत लौटे, जिस साल इंदिरा गाँधी प्रधान मंत्री बनीं थी। राजीव गाँधी ने , भारत लौटने के बाद फ्लाइंग क्लब ज्वाइन किया। वहाँ उन्होंने एयर प्लेन उड़ाने की ट्रेनिंग ली और साल 1970 में उन्होंने एयर इंडिया ज्वाइन की। साल 1968 में सोनिआ गाँधी से शादी की। राजीव गाँधी और सोनिआ गाँधी का प्यार पूरे साल रहा।

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Political Career of Rajiv Gandhi – राजीव गाँधी का पोलिटिकल कैरियर

The Biography of Rajiv Gandhi - राजीव गाँधी की जीवनी

राजीव गाँधी का पोलिटिकल कैरियर, साल 1980 में  शुरू हुआ।जब संजय गाँधी की एयर प्लेन हादसे में मृत्यु हो गयी, उस वक़्त राजीव गाँधी लंदन दौरे पर गए हुए थे। उनके अंतिम संस्कार के बाद, शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद उनके घर शोक प्रकट करने पहुंचे और उन्होंने राजीव गाँधी को हवाई जहाज़ न उड़ाने को कहा और उसके अलावा खुद को देश की सेवा में लगाने को कहा।

कांग्रेस के 70 मेम्बरों ने एक प्रस्ताव साइन किया और इंदिरा गाँधी से, राजीव को पॉलिटिक्स में आने की बात कही।  इंदिरा गाँधी ने साफ शब्दों में उनसे कह दिया कि ये निर्णय पूरी तरह राजीव गाँधी का है , अगर वे चाहेंगे तो ज़रूर राजनीति में अपने कदम रखेंगे।

जब राजीव गाँधी से इसके बारे में पुछा गया तो उन्होंने साफ़ शब्दों में कह दिया कि अगर उनकी माँ को इससे मदद मिलती है तो वे ऐसा जरूर करेंगे। साल 1981 में राजीव गाँधी, राजनीति में शामिल हो गए। उसी वक़्त उन्होंने दिल्ली में किसानों की एक सभा को भी सम्बोधित किया।  उस वक़्त तक वो एयर इंडिया के कर्मचारी ही थे।

1981 में जब कांग्रेस की अध्यक्षता इंदिरा गाँधी के हाथों में थी, उस वक़्त  वसंतदादा पाटिल ने  राजीव गाँधी को अमेठी की सीट से खड़ा करने का प्रस्ताव रखा , मीटिंग में सबने इस प्रस्ताव को मंजूरी देदी। उन्होंने , लोक दल के शरद यादव को 2,37,000 वोटों से मात दी और उसी साल अगस्त में उन्होंने मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट की शपत ली। दिसंबर के महीने में उन्होंने युवा कांग्रेस समिति की कमान संभाली। राजीव गाँधी, साल 1982 में हुए एशियाई खेलों की समिति के सदस्य भी बनें। एशियाई खेलों की सफलता का सारा श्रेय राजीव गाँधी को ही दिया गया।

साल 1984 में, इंदिरा गाँधी की हत्या उनके सिख बोडीगार्डों द्वारा कर दी गयी, जिसकी वजह से पूरे देश में दंगे भड़क उठे। सरदार बूटा सिंह और राष्ट्रपति ज़ैल सिंह ने राजीव गाँधी को प्रधान मंत्री बनने का प्रस्ताव रख दिया। राजीव गाँधी ने राष्ट्रपति से पार्लियामेंट को ख़त्म करने की मांग की और फिर से चुनाव कराने की मांग की।

इंदिरा गाँधी की मृत्यु के बाद राजीव गाँधी को कांग्रेस की अध्यक्षता संभाली और अपनी पार्टी को जीत के शिखर पर पहुंचाया। राजीव गाँधी ने उसी साल दिसंबर में प्रधान मंत्री की शपथ ली। उस वक़्त उनकी उम्र 40 साल थी।

साल 1989 में कई पार्टिओं ने मिल कर दोबारा से जनता दाल अलायन्स बनाया और उस साल इस गठबंधन ने 148 सीटें जीती और अटल बिहारी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी  के समर्थन से वे सरकार बनाने में कामयाब हुए  

साल 1991 में, एक आर्टिकल के मुताबिक़, राजीव गाँधी ने 2 बिलियन से ज्यादा पैसे स्वीस बैंक के अकाउंट में जमा कराये। ये सारे पैसे किसी गुप्त भारतीय खातों से गए।  दिसंबर के महीने में अपोजिशन ने इसे पार्लियामेंट में उठाया और उस वक़्त के लोक सभा के स्पीकर ने प्रोसीडिंग्स की इजाज़त दे दी। साल 2011 में सीबीआई को पत्र लिख कर नेहरू – गाँधी परिवार के ऊपर जांच शुरू करने की मांग की    

Family of Rajiv Gandhi – राजीव गाँधी का परिवार

The Biography of Rajiv Gandhi - राजीव गाँधी की जीवनी

राजीव गांधी ने साल 1968 में सोनिआ गाँधी से शादी की। सोनिया गाँधी का जन्म 1946 में इटली में हुआ और राजीव गाँधी से शादी के बाद उन्होंने भारत की नागरिकता मिल गयी। सोनिआ गाँधी ने अपने पहले बच्चे को साल 1970 में जन्म दिया। उनका पहला बच्चा, राहुल गाँधी थे। सोनिआ गाँधी ने प्रियंका गाँधी को जन्म साल 1972 में दिया।

 Rajiv Gandhi’s Assassination and his Legacy – राजीव गाँधी की हत्या और उनकी विरासत 

राजीव गाँधी की हत्या, चुनाव प्रचार की कैंपेन के दौरान हुई। एक महिला, जो राजीव गाँधी  से मिलने आयी थी, वे उनके पैर छूने के नीचे झुकी और उन्होंने अपने पैर से बम को डेटोनेट कर दिया। जो धमाका हुआ उसने राजीव गाँधी और उनके साथियों की जान लेली।  एक पत्रकार जिनकी मृत्यु उस हादसे में हो गयी उनके कैमरे ने सब कुछ रिकॉर्ड कर लिया। राजीव गाँधी के शरीर के टुकड़ों को एम्स लाया गया। उस कैमरा की रिकॉर्डिंग को मीडिया ने टी. वी. पर दिखा दिखा कर ख़ूब टी. आर. पी. बटोरी।

राजीव गाँधी का देह संस्कार, 1991 में दिल्ली में यमुना के किनारे किया गया। इस कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट भारतीय मीडिया ने किया और इस संस्कार को 60 देशों के गणमान्यों ने हिस्सा लिया।  उनकी मृत्यु के बाद 21 मई को एंटी – टेररिज्म डे मनाया जाता है।

एक आर. टी. आई के मुताबिक, भारत में 16 योजनाएं राजीव गाँधी के नाम पर चल रहीं है। उनके बेटे, राहुल गाँधी ने कांग्रेस की बागडोर संभाली और 2019  चुनावों में उन्होंने कांग्रेस का नेतृत्व किया।    

Some books by Rajiv Gandhi – राजीव गाँधी द्वारा लिखी गयीं कुछ किताबें

  • राजीव  गाँधी की हत्या : अ ब्लो टू डेमोक्रेसी
    Rajiv Gandhi’s Assasination : A blow to Democracy
  • राजीव गाँधी का वर्ल्ड व्यू
    Rajiv Gandhi’s View On World

References

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