हार्दिक पटेल जीवनी | Hardik Patel jivani in hindi | हार्दिक पटेल का जीवन परिचय

अमूमन कहा जाता है कि सियासत में मजबूत पकड़ बनाने के लिए राजनीतिक पृष्ठभूमि होना बेहद जरूरी होता है। लेकिन देश में ऐसे कई राजनेताओं की भरमार है, जिन्होंने बिना किसी सहारे के सत्ता के गलियारों में शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है। इसी कड़ी में एक नाम गुजरात की धरती से जुड़े हार्दिक पटेल का भी शामिल है, जिनका ताल्लुक एक आम परिवार से था। गुजरात में पाटिदार आंदोलन का आगाज करने और दंगों में दोषी करार पाए जाने के बावजूद हार्दिक राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब रहे। hardik patel biography in hindi

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हार्दिक पटेल जीवनी | Hardik Patel Biography in Hindi

नामहार्दिक पटेल
जन्म तिथि20 जुलाई 1993
जन्म स्थानविरंगम, गुजरात
आयु27
माताऊषा पटेल
पिताभारत पटेल
पत्नीकिंजल पटेल
पदगुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष
पार्टीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
Hardik Patel Biography

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Hardik Patel Biography

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Hardik patel background हार्दिक पटेल का शुरूआती जीवन

हार्दिक पटेल का जन्म 20 जुलाई 1993 hardil patel date of birth को गुजरात के पटेल परिवार hardil patel caste में हुआ था। उनके पिता भारत पटेल पेशे से व्यापारी हैं, वहीं उनकी माता ऊषा पटेल एक गृहणी हैं। हार्दिक पटेल के जन्म के बाद उनका परिवार विरंगम में बस गया। hardil patel birth place

Hardik patel education हार्दिक पटेल की शिक्षा

हार्दिक ने अपनी शुरूआती स्कूली शिक्षा विरंगम के ही दिव्या ज्योत स्कूल से पूरी की। जिसके बाद उन्होंने के.बी. शाह विनय मंदिर से अपनी इंटर तक की पढ़ाई पूरी की।

स्कूल के दिनों से ही हार्दिक पढ़ने में बहुत अच्छे नहीं थे। अपनी कक्षा में उनका नाम एक बैकबेंचर्स की फेहरिस्त में शुमार था। हालांकि बावजूद इसके हार्दिक की बचपन से क्रिकेट में बेहद दिलचस्पी थी। हार्दिक के बारे में यह कहना गलत नहीं होगा की वो जितने ही खराब छात्र थे, उतने ही बेहतरीन क्रिकेटर भी।

इसी कड़ी में हार्दिक ने गुजरात के ही अहमदाबाद में स्थित शाहजानन्द कॉलेज में दाखिला लिया। अपने कॉलेज के दिनों में हार्दिक को बिना किसी विपक्ष के सर्वसम्मति के साथ छात्र संघ का सचिव चुना गया। उन्होंने 2013 में कॉमर्स विषय में स्नातक की डिग्री हासिल की।

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Hardik patel career हार्दिक पटेल का करियर

Hardik Patel Biography
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hardik patel gujrat सरदार पटेल ग्रुप से जुड़े हार्दिक पटेल

31 अक्टूबर 2012 को हार्दिक पटेल गुजरात के स्थानीय समूह सरदार पटेल ग्रुप से जुड़े। इस समूह से जुड़ने के बाद बेहद ही कम समय में हार्दिक को समूह का अध्यक्ष बना दिया गया। हालांकि कुछ ही समय बाद समूह के नेता लालजी पटेल के साथ कुछ अनबन होने के चलते हार्दिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

hardik patel andolan पटिदार अनामत आंदोलन समिति

हार्दिक पटेल ने साल 2015 पाटिदार अनामत आंदोलन समिति का गठन किया। दरअसल इसी साल हार्दिक पटेल की बहन मोनिका पटेल राज्य सरकार द्वारा आयोजित एक स्कॉलरशिप टेस्ट पास करने में नाकामयाब हो गईं। वहीं मोनिका की दोस्त कम नम्बर होने के बावजूद आरक्षण के चलते स्कॉलरशिप पाने में सफल हो गई।

हार्दिक को यह भेदभाव रास नहीं आया और उन्होंने गुजरात सरकार से पाटिदारों को भी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में शामिल कर आरक्षण देने की मुहीम छेड़ दी।

कुछ ही समय में देखते ही देखते आरक्षण की यह मांग गुजरात के कई हिस्सों में जंगल में लगी आग की तरह फैल गयी और आखिरकार हार्दिक पटेल ने पाटिदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) की नींव रख दी।

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hardik patel gujrat हार्दिक पटेल के नेतृत्व में पाटिदार आंदोलन का आगाज

2015 में PAAS के नेतृत्व में हार्दिक ने पाटिदार आरक्षण का बिगुल फूंक दिया। इसी कड़ी में हार्दिक ने गुजरात की गलियों में कई रैलियों की शुरूआत की। जिसके परिणामस्वरूप गुजरात केअहमदाबाद स्थित GMDC ग्राउंड में भारी संख्या में पाटिदारों का जमावड़ा लगा गया।

शाम तक हड़ताल और धरनों से गूंज रहीं अहमदाबाद की सड़कों पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों को काबू करने के लिए अहमदाबाद पुलिस ने हरकत में आते हुए कई लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस के इस कदम के मद्देनजर पूरे शहर में दंगे भड़ गए और नतीजतन गुजरात सरकार ने भारतीय सेना का सहारा लेते हुए शहर में कर्फयू लगाने का आदेश दे दिया।

वहीं 2015 में हुए इस हादसे के चलते हार्दिक पटेल पर सीडिशन चार्ज लगा दिए गए, जिसके कारण 18 जनवरी 2020 को हार्दिक को हिरासत में ले लिया गया था।

hardik patel politician हार्दिक पटेल का राजनीतिक जीवन

Hardik Patel Biography
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बेशक पाटिदार आंदोलन अपने मुकाम को पाने में असफल रहा हो, लेकिन आंदोलन का नेतृत्व करने के चलते हार्दिक न सिर्फ गुजरात बल्कि पूरे देश में एक चर्चित चेहरा बन गए थे।

इसी दौरान गुजरात में विधानसबा चुनावों का एलान हो गया और हार्दिक पटेल ने भी इन चुनावों में शिरकत करने का फैसला कर लिया।

Hardik patel gujrat election results गुजरात विधानसभा चुनावों में हार्दिक पटेल

हालांकि 2015 में मेहसाना दंगों में दोषी पाए जाने के कारण हार्दिक इन चुनावों में हिस्सा तो नहीं ले सकते थे, लेकिन अपनी प्रसिद्धि को भुनाने के लिए उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिया। hardil patel congress

इसी कड़ी में 2017 के इन विधानसभा चुनावों में भी हार्दिक ने कांग्रेस पार्टी का प्रचार करते हुए ताबड़तोड़ रैलियां निकालीं।

हालांकि इस दौरान तक गुजरात की सियासत के केंद्र में आ चुके हार्दिक की प्रसिद्धि को उस वक्त चोट का सामना करना पड़ा जब उनके करीबी माने जाने वाले चिराग पटेल और केतन पटेल पर भ्रष्टाचार का इल्जाम लगा। चिराग और केतन पर यह आरोप था कि, उन्होंने पाटिदार समूह फंड के पैसों का इस्तेमाल अपनी निजी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए किया है।

वहीं नवम्बर 2017 में हार्दिक पटेल को तब करारा झटका लगा जब उनका एक सेक्स टेप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। जंगल में फैली आग की तरह वायरल हो रहे इस टेप ने हार्दिक को गुजरात की डर्टी पॉलिटिक्स का हिस्सा बना दिया।

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hardik patel lok sabha elections लोकसभा चुनावों में हार्दिक पटेल

दो साल बाद देश में लोकसभा चुनावों का शंखनाद होने के बाद भी हार्दिक ने कांग्रेस का प्रचार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के गढ़ गुजरात में ही भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। लेकिन इसी कड़ी में हार्दिक के सितारे एक बार बुलंदी छूने से चूक गए और वो अपने एक बयान के चलते फिर गलत वजहों से चर्चा का विषय बन गए। hardil patel bjp

दरअसल आम चुनावों में एक जनसभा को संबोधित करते हुए हार्दिक ने नेपाल के लोगों के खिलाफ एक विवादित बयान दे दिया था। उनके इस विवाद को बीजेपी ने मुद्दा बनाया और आरोप-प्रत्यारोप की इस लड़ाई में प्रधानमंत्री मोदी ने हार्दिक को भेदभाव के समर्थक के रूप में जनता के सामने रख दिया।

आखिरकार कांग्रेस ने हार्दिक पटेल को उनकी मेहनत का इनाम देते हुए 11 जुलाई 2020 को उन्हें गुजरात प्रदेश कॉंग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।

hardik patel case हार्दिक पटेल के मुकदमें

18 अक्टूबर 2015 के दिन गुजरात के राजकोट में हार्दिक पटेल के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के लिए मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद उन्हें भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले वन डे मैच में रूकावट डालने के प्रयासों के तहत गुरफ्तार कर लिया गया।

इसी कड़ी में ठीक अगले दिन 19 अक्टूबर 2015 के दिन हार्दिक को देशद्रोह के इल्जाम के साथ ही दो पुलिस वालों की हत्या में दोषी करार पाते हुए हिरासत में ले लिया गया। हालाकिं कुछ ही समय में उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत पर रिहा भी कर दिया गया। इन शर्तों के अतंर्गत हार्दिक को छह महीनों के लिए गुजरात से और नौ महीनों के लिए महसाणा से बाहर रहना पड़ेगा। लिहाजा हार्दिक पटेल ने इस दौरान राजस्थानके उदयपुर में रहने का फैसला किया।

25 अप्रैल 2018 को हार्दिक पटेल पर चल रहे मुकदमों की सुनवाई की गई। इस दौरान हार्दिक को गुजरात दंगों का दोषी पाया गया, जिसके तहते उन्हें पचास हजार रुपए के हर्जाने के साथ ही दो साल की सजा लुनाई गयी। हालांकि हर्जाना भरने के बाद हार्दिक को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

hardil patel family हार्दिक पटेल की निजी जिंदगी

 सत्ता के गलियारों में अपनी बेबाकी के लिए मशहूर हार्दिक पटेल ने 27 जनवरी 2019 को गुजरात के ही सुरेंद्रनगर जिले में स्थित दिगसार में अपनी बचपन की दोस्त किंजल पारिख के साथ सात फेरे लिए। hardil patel marriage

Reference-
25 March 2021, Hardik Patel Biography, wikipedia

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