in

माँ बगलामुखी आरती – baglamukhi mata ki aarti in Hindi

आरती माँ बगलामुखी की – baglamukhi mata aarti video

यहाँ पढ़ें : श्री अन्नपूर्णा माता जी की आरती

maa baglamukhi ji ki aarti lyrics

जय जय श्री बगलामुखी माता, आरति करहुँ तुम्हारी। 

पीत वसन तन पर तव सोहै, कुण्डल की छबि न्यारी॥
कर-कमलों में मुद्गर धारै, अस्तुति करहिं सकल नर-नारी॥

जय जय श्री बगलामुखी माता…।

चम्पक माल गले लहरावे, सुर नर मुनि जय जयति उचारी॥
त्रिविध ताप मिटि जात सकल सब, भक्ति सदा तव है सुखकारी॥

जय जय श्री बगलामुखी माता…।

पालत हरत सृजत तुम जग को, सब जीवन की हो रखवारी॥
मोह निशा में भ्रमत सकल जन, करहु हृदय महँ, तुम उजियारी॥

जय जय श्री बगलामुखी माता…।

तिमिर नशावहु ज्ञान बढ़ावहु, अम्बे तुमही हो असुरारी॥
सन्तन को सुख देत सदा ही, सब जन की तुम प्राण पियारी॥

जय जय श्री बगलामुखी माता…।

तव चरणन जो ध्यान लगावै,ताको हो सब भव-भयहारी॥
प्रेम सहित जो करहिं आरती,ते नर मोक्षधाम अधिकारी॥

जय जय श्री बगलामुखी माता…।

॥ दोहा ॥

बगलामुखी की आरती, पढ़ै सुनै जो कोय।
विनती कुलपति मिश्र की, सुख-सम्पति सब होय॥

Maa Baglamukhi Aarti pdf Download

श्री बगलामुखी माता की आरती का pdf Download करने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

यहाँ पढ़ें : Ahoi Mata Ki Aarti in hindi

Baglamukhi Chalisa| Bagalamukhi Mahavidya Chalisa | Mata Pitambari Mahavidya Chalisa – माँ बगलामुखी चालीसा

यहाँ पढ़ें : आरती श्री अम्बा जी की

AARTI SHREE PITAMBARA BAGLAAMUKHI MAATAA KEE – पीतांबर बगलामुखी माता की आरती

माता बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। इन्हें माता पीताम्बरा भी कहते हैं। ये स्तम्भन की देवी हैं। सम्पूर्ण सृष्टि में जो भी तरंग है वो इन्हीं की वजह से है। माँ पीताम्बरा बगलामुखी मन्दिर छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर में स्थित एक हिन्दू मंदिर है।

शक्तिशाली मां बगला देवी

Maa Baglamukhi Aarti
Maa Baglamukhi Aarti

मां बगला देवी बहुत ही शक्तिशाली मां हैं। शत्रुनाश, वाकसिधि, वाद विवाद में विजय के लिए इनकी उपासना की जाती है। इनकी उपासना से शत्रुओं का स्तम्भन होता है। तथा जातक का जीवन निष्कंटक हो जाता है।

बगलामुखी मंत्र के जाप से पूर्व बगलामुखी कवच का पाठ अवश्य करना चाहिए। इनका स्वरूप नव यौवन है और पीले रंग की साड़ी धारण करती हैं। मां का सोने का सिहांसन है, इनके तीन नेत्र और चार हाथ हैं। सिर पर सोने मुकुट है। स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत हैं। शरीर पतला और सुंदर है, गोरा रंग, और स्वर्ण जैसी कांति है, सुमुखी हैं, मुख मंडल अत्यंत सुंदर है जिस पर मुस्कान छाई रहती है जो मन को मोह लेती है।

बगलामुखी मां की कथा – Story of Maa Baglamukhi

Maa Baglamukhi Aarti, story

बगलामुखी मां की कथा PDF Download

बगलामुखी मां की कथा PDF Download करने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

स्वतंत्र तंत्र के अनुसार- सतयुग में सम्पूर्ण जगत को नष्ट करने वाला भयंकर तूफान आया। प्राणियों के जीवन पर संकट को देख कर भगवान विष्णु चिंतित हो गये थे। वे सौराष्ट्र देश में हरिद्रा सरोवर के समीप जाकर भगवती को प्रसन्न करने के लिए तप करने लगे। श्री विधा ने उस सरोवर से वगलामुखी रुप में प्रकट होकर उन्हें दर्शन दिया तथा विध्वंसकारी तूफान का तुरंत स्तम्भन कर दिया। मां बगलामुखी महाविधा भगवान विष्णु के तेज से युक्त होने के कारण वैष्णवी हैं।
मां बगलामुखी दया के देवी हैं अपने भक्तों पर कृपा करती है को हमेशा संकट से निकालती हैं। 

Reference
24 December 2020, Maa Baglamukhi Aarti, wikipedia

Written by savita mittal

मेरा नाम सविता मित्तल है। मैं एक लेखक (content writer) हूँ। मेैं हिंदी और अंग्रेजी भाषा मे लिखने के साथ-साथ एक एसईओ (SEO) के पद पर भी काम करती हूँ। मैंने अभी तक कई विषयों पर आर्टिकल लिखे हैं जैसे- स्किन केयर, हेयर केयर, योगा । मुझे लिखना बहुत पसंद हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Maa Annapurna Ji Ki Aarti

श्री अन्नपूर्णा माता जी की आरती – annapurna mata ki aarti in hindi

Maa Durga Aarti

आरती श्री दुर्गाजी – Durga ji ki Aarti in Hindi – जय अम्बे गौरी