in

गऊ माता आरती – aarti Gau Mata Ki

आरती गऊ माता की – Gau Mata Ki aarti video

Gau Mata Ki aarti

यहाँँ पढ़ें : आरती श्री गंगा माता की
यहाँँ पढ़ें : एकादशी माता की आरती

Gau Mata Ki aarti, Gomata Aarti lyrics –  श्री गौमाताजी की आरती

आरती श्री गैय्या मैंय्या की,आरती हरनि विश्‍व धैय्या की।

आरती श्री गैय्या मैंय्या की…।

अर्थकाम सद्धर्म प्रदायिनी,अविचल अमल मुक्तिपद्दायिनी।
सुर मानव सौभाग्या विधायिनी,प्यारी पूज्य नन्द छैय्या की॥

आरती श्री गैय्या मैंय्या की…।

अखिल विश्व प्रतिपालिनी माता,मधुर अमिय दुग्धान्न प्रदाता।
रोग शोक संकट परित्राता,भवसागर हित दृढ नैय्या की॥

आरती श्री गैय्या मैंय्या की…।

आयु ओज आरोग्य विकाशिनी,दुःख दैन्य दारिद्रय विनाशिनी।
सुष्मा सौख्य समृद्धि प्रकाशिनी,विमल विवेक बुद्धि दैय्या की॥

आरती श्री गैय्या मैंय्या की…।

सेवक हो चाहे दुखदाई,सम पय सुधा पियावति माई।
शत्रु-मित्र सबको सुखदायी,स्नेह स्वभाव विश्व जैय्या की॥

आरती श्री गैय्या मैंय्या की…।

आरती श्री गैय्या मैंय्या की,आरती हरनि विश्‍व धैय्या की।

आरती श्री गैय्या मैंय्या की…।

यहाँँ पढ़ें : माता वैष्णो देवी की आरती

Gau Mata Ki aarti PDF Download – आरती श्री गैय्या मैंय्या की

आरती श्री गैय्या मैंय्या की, गऊ माता की आरती का PDF Download करने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

यहाँँ पढ़ें : तुलसी माता की आरती
यहाँँ पढ़ें : आरती अहोई माता की

गाय माता की महिमा कहानी – गौ सेवा से लाभ| Cow Story – Go Mahima Story

Gau Mata Ki aarti, story

गऊ माता की कथा का PDF Download करने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

यहाँ पढ़ें : श्री अन्नपूर्णा माता जी की आरती
यहाँ पढ़ें : आरती श्री अम्बा जी की

भारत मे गाय को गौ माता माना जाता है। गाय एक पालतू पशु भी है, जो संसार मे सर्वत्र पाई जाती हैं। गाय का दूध भी उत्तम किस्म का होता है।

भारत मे वैदिक काल से ही गाय का बड़ा महत्व रहा है। आरंभ मे मनुष्य की समृद्धि की गणना उसकी गो संख्या से की जाती थी। हिंदू, धार्मिक दृष्टि से भी गाय को पवित्र मानते हैं तथा उसकी हत्या करना महा पातक पापों मे की जाती है।

गाय को गौ माता क्यों कहा जाता है?

Gau Mata Ki aarti
Gau Mata Ki aarti

समुद्र मंथन के दौरान इस धरती पर दिव्य गाय की उत्पत्ति हुई थी। भारतीय गोवंश को माता का दर्जा दिया गया है इसलिए उन्हे गौ माता कहते हैं। हमारे शास्त्रों मे भी गाय को पूजनीय कहा जाता है, इसलिए घर मे रोटी बनाते समय पहली रोटी गाय के नाम की भी बनती है, गाय का दूध अमृत तुल्य होता है।

भारतीय गाय की दो मुख्य विशेषताएँ हैं-

1.       सुंदर कूबड़
2.       पीठ पर और गर्दन के नीचे त्वचा का झुकाव (गलकंबल)

भारत मे गाय की 30 से अधिक नस्लें पाई जाती हैं जैसे- रेड सिंधी, साहिवाल, गिर, देवनी, थार पारकर आदि नस्लें भारत में दुधारु गायों की प्रमुख नस्लें हैं।

भारतीय गाय को तीन वर्गों मे विभाजित किया जा सकता है। पहले वर्ग में वे गाएं आती हैं जो दूध तो बहुत देती हैं लेकिन उनकी पुसंतान कृषि मे अनुपयोगी होती हैं। इस प्रकार की गाए दुग्ध प्रधान एकांगी नस्ल की हैं। दूसरी गाए वे होती हैं जो दूध कम देती हैं किंतु उनके बछड़े कृषि और गाड़ी खींचने के काम आते हैं। इन्हे वत्सप्रधान एकांगी नस्ल कहते हैं। तथा कुछ गाएँ दूध भी प्रचुर मात्रा में देती हैं और उनके बछड़े भी कर्मठ होते हैं ऐसी गायों को सर्वांगी नस्ल की गाय कहा जाता है।

Reference-
17 February 2017, Gau Mata Ki aarti, wikipedia

Written by savita mittal

मेरा नाम सविता मित्तल है। मैं एक लेखक (content writer) हूँ। मेैं हिंदी और अंग्रेजी भाषा मे लिखने के साथ-साथ एक एसईओ (SEO) के पद पर भी काम करती हूँ। मैंने अभी तक कई विषयों पर आर्टिकल लिखे हैं जैसे- स्किन केयर, हेयर केयर, योगा । मुझे लिखना बहुत पसंद हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shri Gangaji ki Aarti

आरती श्री गंगा माता की – shri ganga ji ki aarti in Hindi

parivar ke saath chuttiya manane ke liye bharat ki top 10 destination

parivar ke saath chuttiya manane ke liye bharat ki jagah, परिवार के साथ छुट्टियां मनाने के लिए भारत की टॉप 10 जगहें