श्री बाँकेबिहारी की आरती video, Image | banke bihari aarti lyrics PDF Download | श्री बाँकेबिहारी तेरी आरती गाऊँ | Banke bihari teri aarti gaun

श्री बाँके बिहारी तेरी आरती गाऊँ Shree Banke Bihari Teri Aarti I SURESH WADKAR I Aarti Sangrah

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Banke Bihari ji ki aarti lyrics in Hindi | बाँकेबिहारी की आरती

॥ श्री बाँकेबिहारी की आरती ॥

श्री बाँकेबिहारी तेरी आरती गाऊँ।
कुन्जबिहारी तेरी आरती गाऊँ।
श्री श्यामसुन्दर तेरी आरती गाऊँ।
श्री बाँकेबिहारी तेरी आरती गाऊँ॥

मोर मुकुट प्रभु शीश पे सोहे।
प्यारी बंशी मेरो मन मोहे।
देखि छवि बलिहारी जाऊँ।
श्री बाँकेबिहारी तेरी आरती गाऊँ॥

चरणों से निकली गंगा प्यारी।
जिसने सारी दुनिया तारी।
मैं उन चरणों के दर्शन पाऊँ।
श्री बाँकेबिहारी तेरी आरती गाऊँ॥

दास अनाथ के नाथ आप हो।
दुःख सुख जीवन प्यारे साथ हो।
हरि चरणों में शीश नवाऊँ।
श्री बाँकेबिहारी तेरी आरती गाऊँ॥

श्री हरि दास के प्यारे तुम हो।
मेरे मोहन जीवन धन हो।
देखि युगल छवि बलि-बलि जाऊँ।
श्री बाँकेबिहारी तेरी आरती गाऊँ॥

आरती गाऊँ प्यारे तुमको रिझाऊँ।
हे गिरिधर तेरी आरती गाऊँ।
श्री श्यामसुन्दर तेरी आरती गाऊँ।
श्री बाँकेबिहारी तेरी आरती गाऊँ॥

Banke Bihari ji ki aarti image

बाँकेबिहारी की आरती, Banke Bihari ki aarti lyrics
श्री बाँकेबिहारी की आरती

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बांके बिहारी के चमत्कार की कथा/कहानी 6 | Banke Bihari Chamatkar Story 6। Bankey Bihari

बाँकेबिहारी जी के चमत्कारों की गिनती अनंत है। इनकी लीला अद्भुत होती है, जो सभी को मोहित करती है। इनकी जितनी प्रशंसा की जाए उतना ही कम है। ऐसा कहा जाता है मानो तो मैं हूँ ना मानो तो मैं नही हूँ। यू तो मैं हर जगह हूँ मगर देखने की चाहत ना हो तो मैं फिर कहीं नहीं घर के मंदिर में भी नही हूँ।

एक चमत्कार के अनुसार

एक बार की बात है, गो स्वामी जी, बांकेबिहारी जी मंदिर में भगवान के लिए लड्डू रखना भूल गए, तो भगवान कृष्ण खुद बाजार जाकर वो लड्डू ले आए इसके बदले बिहारी जी ने लड्डू बनाने वाले को अपने सोने के कंगन दे दिए, लेकिन जब सुबह बांके बिहारी जी का मंदिर का दरवाज़ा खोला गया तो चमत्कार हुआ उसे सब देखते रह गए।

बिहारी जी के हाथों मे कंगन नही थे और नीचे लड्डू बिखरे हुए थे, पुजारी जी को याद आया वो तो लड्डू रखना भूल गए थे, तभी यह बात सारे मंदिर मे फैल गई। जब दुकान दार को पता चला तो वह पुजारी जी के पास पूछने आया कि यही वो कंगन तो नही हैं। यह निश्चित हो गया कि लड्डू लेने भगवान जी ही आए थे। कहते हैं भक्त अगर कोई सेवा भूल जाए तो मैं खुद पूरा कर लेता हूँ।

इसी प्रकार बाँके बिहारी जी की कथा अनंत हैं ऐसे इतिहास मे कई क़िस्से हैं जिनसे यह अनुभव होता है कि जो भगवान की भक्ति करता है भगवान उसके हर काम पूरे करते हैं अगर उनसे कोई भूल हो जाती है तो भगवान उसका निदान खुद करते हैंं, इनकी लीला अद्भुत है।

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