श्री विश्वकर्मा आरती video,Image|vishwakarma ji ki aarti lyrics PDF Download|प्रभु श्री विश्वकर्मा घर |prabhu shri vishwakarma

Vishwakarma ji ki aarti Lyrics In Hindi

॥ श्री विश्वकर्मा आरती ॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवोप्रभु विश्वकर्मा।
सुदामा की विनय सुनीऔर कंचन महल बनाये।
सकल पदारथ देकर प्रभु जीदुखियों के दुख टारे॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो…॥

विनय करी भगवान कृष्ण नेद्वारिकापुरी बनाओ।
ग्वाल बालों की रक्षा कीप्रभु की लाज बचायो॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो…॥

रामचन्द्र ने पूजन कीतब सेतु बांध रचि डारो।
सब सेना को पार कियाप्रभु लंका विजय करावो॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो…॥

श्री कृष्ण की विजय सुनोप्रभु आके दर्श दिखावो।
शिल्प विद्या का दो प्रकाशमेरा जीवन सफल बनावो॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो…॥

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vishwakarma ji ki aarti lyrics | श्री विश्वकर्मा आरती
श्री विश्वकर्मा आरती

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हिंदी में विश्वकर्मा महापुराण कथा | Vishwakarma Mahapuran Katha In Hindi Vol. 01 | विश्वकर्मा की कथा

विश्वकर्मा जी के बारे में हमारे प्राचीन ग्रंथों एवं उपनिषद और पुराण आदि समय से ही जानकारी मिलती है। भगवान विश्वकर्मा आविष्कार एवं निर्माण कला मे निपुण थे।

विश्वकर्मा जी की इन्ही निपुणता के कारण इन्द्रपुरी, यमपुरी, कुबेरपुरी, पाणडवपुरी, वरुण पुरी, सुदामापुरी, शिवमणडलपुरी आदि का निर्माण विश्व कर्मा द्वारा ही किया गया था।

विश्वकर्मा जी द्वारा ही पुष्पक विमान तथा सभी देवों के भवन का निर्माण भी कराया था। इसके साथ- साथ कर्ण का कुण्डल, विष्णु भगवान का सुदर्शन चक्र, शंकर भगवान का त्रिशुल और यमराज का कालदण्ड आदि का निर्माण भी विश्वकर्मा द्वारा ही कराया गया था।

ऋग्वेद के अनुसार विश्वकर्मा जी को ब्रहांड का रचयिता भी माना जाता है, तथा ऋग्वेद के अंतर्गत इन्हें सर्वश्रेष्ठ सत्य के तौर पर भी उल्लिखित किया गया है।

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