श्री रघुवर जी की आरती video,Image|Aarti Shri Raghuvar Ji Ki lyrics PDF Download|आरती कीजै श्री रघुवर जी की | Aarti kijay shri raghuvar ji ki

Aarti Kije Shri Raghuvar Ki Aarti with lyrics|आरती कीजै श्री रघुवर|Hari Om Sharan|Nandini|Ram Bhajan (Video)

Aarti Shri Raghuvar Ji Ki Lyrics In Hindi

॥ श्री रघुवर आरती ॥

आरती कीजै श्री रघुवर जी की,सत् चित् आनन्द शिव सुन्दर की।
दशरथ तनय कौशल्या नन्दन,सुर मुनि रक्षक दैत्य निकन्दन।
अनुगत भक्त भक्त उर चन्दन,मर्यादा पुरुषोतम वर की।

आरती कीजै श्री रघुवर जी की…।

निर्गुण सगुण अनूप रूप निधि,सकल लोक वन्दित विभिन्न विधि।
हरण शोक-भय दायक नव निधि,माया रहित दिव्य नर वर की।

आरती कीजै श्री रघुवर जी की…।

जानकी पति सुर अधिपति जगपति,अखिल लोक पालक त्रिलोक गति।
विश्व वन्द्य अवन्ह अमित गति,एक मात्र गति सचराचर की।

आरती कीजै श्री रघुवर जी की…।

शरणागत वत्सल व्रतधारी,भक्त कल्प तरुवर असुरारी।
नाम लेत जग पावनकारी,वानर सखा दीन दुख हर की।

आरती कीजै श्री रघुवर जी की…।

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Raghuvar Bhagwan ki aarti Lyrics Image

Raghuvar bhagwan ki aarti Lyrics - श्री रघुवर जी की आरती
श्री रघुवर जी की आरती

Aarti Shri Raghuvar Ji Ki Lyrics In Hindi PDF Download – श्री रघुवर जी आरती

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Shri Raghuvar Bhagwan ji ki Katha

हिंदु धर्म के पूजनीय श्री राम रघुवर जी का जन्म दशरथ जी के यहाँ माता कौश्यला से हुआ था। श्री राम जी चार भाई थे, राम जी सबसे बड़े भाई हैं और उनके तीन भाई भरत, लक्ष्मण और शत्रुगन हैं। राम जी मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाते हैं। उन्होने अपनी माता द्वारा अपने पिता से मांगे गए वचन का पालन करने के लिए 14 वर्ण का बनवास भी काटा।

श्री राम जी अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ वन मे रहे ताकि उनके पिता का दिया हुआ वचन न टूटे। तथा माता कैकई की इच्छानुसार अपने छोटे भाई को तिलक दे दिया, क्योंकि उन्होने अपने पिता के वचन का मान रखने के लिए 14 वर्ष बन मे बिताए, इसलिए वे मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहलाते हैं।

श्री राम जी की पत्नी माता अपने पति धर्म का पालन करने के लिए राम जी के साथ वन की परेशानियों को आसानी से सहन करती हैं तथा लक्ष्मण जी अपने छोटे भाई होने का कर्तव्य निभाते हुए श्री राम जी के साथ वन मे रहते हैं। भगवान रघुवर दया के सागर हैं उनका कोमल ह्रदय सभी की परेशानियों को हर लेता है। इसलिए ऐसा कहते हैं जिसका भी अस्तित्व है उसी मे राम हैं।

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