बैल और शेर की कहानी – Lion And Bulls – पंचतंत्र

बहुत पुरानी बात है, वर्धमानक नामक एक ग्रामीण व्यापारी अपनी बैलगाड़ी में बैठकर मथुरा की ओर जा रहा था। बैलगाड़ी को खींचने वाले बैलों के नाम संजीवक व नंदक थे। दोनों बैल अपने मालिक से बहुत प्रेम करते थे।

व्यापारी की बैलगाड़ी जब यमुना के खादर से गुजर रही थी, तभी अनजाने में संजीवक के पैर दलदल में जा धंसे।

बैल ने बाहर निकलने का बहुत प्रयास किया परंतु उसे सफलता नही मिली। व्यापारी ने भी उसे बाहर निकालने की बहुत कोशिश की, किंतु कोई फायदा नही हुआ। आखिरकार उसने संजीवक को वहीं छोड़ दिया और आगे बढ़ गया।

अब संजीवक उदासी में सोच रहा था, “ मैंने उम्र भर अपने मालिक की सेवा करी और उसने मुझे इसका यह ईनाम दिया”। उसने स्वयं को भाग्य के भरोसे छोड़ दिया।

Lion And Bulls Story
Lion And Bulls Story

यहाँ पढ़ें : पंचतंत्र की 101 कहानियां

उसके पास दो ही विकल्प थे – या तो दलदल में फंसा रहकर प्राण त्याग दे या अंतिम दम तक बचने का प्रयास करे। उसने अपना खोया हुआ साहस बटोरा और बलिष्ठ शरीर की मांसपेशियों की सारी ताकत लगाकर बाहर निकलने का प्रयास किया। अब की बार वह सफल रहा और बाहर निकल गया।

अब उसकी कोई मंजिल न थी और वर्धमानक के पास वह लौटना नही चाहता था। वह यूं ही नदी के किनारे चलने लगा।

कुछ दूर चलने पर जंगल आ गया, जहां उसने भर पेट हरी घास खाई और नदी का ताजा पानी पिया। वह वहीं जंगल में रहने लगा और कुछ ही समय में और भी हट्टा – कट्टा हो गया। अब वह शेर की तरह गर्जना करना भी सीख गया था।

एक दिन जंगल का राजा शेर जिसका नाम पिंगलक था, नदी किनारे पानी पीने वहां आया, तभी उसने ज़ोरदार गर्जना सुनी, ऐसी आवाज़ पिंगलक शेर ने पहले कभी न सुनी थी, अत: वह डरकर अपनी गुफा में जाकर छिप गया।

पिंगलक शेर के दो भेड़िये मंत्री थे, जिनके नाम दमनक और कर्टक थे। जब दमनक को पता चला कि शेर किसी चीज़ से डर गया है तो उसने पूछा, “ महाराज ! आप किसे देखकर इतना भयभीत हैं, मुझे बताइए, मैं उसे आपके सामने पेश कर दूँगा। आप तो जंगल के राजा हैं, इस प्रकार डर कर छिप जाना आपको कतई शोभा नही देता”।

फिर अत्यंत संकोच तथा हिचक के साथ शेर ने उसे अपने डर का कारण बताया। तब दमनक ने उससे कहा कि वह गर्जना भरी आवाज़ के उस स्त्रोत का पता लगा कर रहेगा।

कुछ दिन बाद संजीवक बैल को साथ लेकर दमनक भेड़िया शेर के सामने उपस्थित हुआ और बोला, “महाराज ! यह है वह प्राणी जो गर्जना करता है। इसका कहना है कि इसे भगवान शिव ने यहां भेजा है”।

संजीवक से मिलकर शेर बहुत प्रसन्न हुआ। अब उसका अधिकांश समय संजीवक के साथ ही गुजरता था। धीरे – धीरे शेर सरल स्वभाव का हो गया, उसने शिकार करना छोड़ दिया। शेर की यह हालत देख दमनक और कर्टक तथा जंगल के दूसरे जानवर चिंतित हो गए।

बैल और शेर की कहानी – Lion And Bulls story

Lion And Bulls story

तब दमनक ने समस्या से मुक्ति पाने के लिए एक उपाय सोचा। वह शेर के पास जाकर बोला, “ महाराज ! संजीवक आपके राज्य पर बुरी नजर रखता है तथा आपको मारकर स्वयं राजा बनना चाहता है”।

फिर अगले दिन दमनक ने संजीवक के पास जाकर अलग कहानी सुनाई। वह बोला, “ शेर ने तुम्हें मारकर तुम्हारा माँस जंगल के जानवरों में बांट देने की योजना बनाई है। इससे पहले की वह तुम्हें मार दे, तुम अपने नुकीले सींगों से उसका प्राणांत कर दो”।

दमनक की यह बात सुनकर संजीवक को बेहद क्रोध आ गया और वह शेर के सामने जाकर भयंकर आवाज़ मे गर्जना करने लगा। संजीवक की यह हरकत शेर को पसंद नही आई और उसने दहाड़ते हुए उस पर छलांग लगा दी। दोनो ही ताक़तवर थे, उनमे भयंकर युद्ध होने लगा। संजीवक ने अपने पैने सींगों से शेर को मारने का प्रयास किया, लेकिन शेर ने अपने मजबूत व भारी पंजों से प्रहार कर उसे मार डाला।

उसे मारकर शेर को दुख हुआ, क्योंकि संजीवक उसका मित्र था। लेकिन दमनक ने उसे विश्वास दिला दिया था कि वह धोखेबाज है, इसलिए उसे ऐसा करना पड़ा। शेर ने बाद में दमनक को अपना प्रधानमंत्री नियुक्त किया।

शिक्षा – चतुर प्राणी अपनी स्वार्थ – सिध्दि की राह ढूंढ ही लेता है।

यहाँ पढ़ें: पंचतंत्र की अन्य मजेदार कहानियाँ

पंचतंत्र की कहानी: खटमल और बेचारी जूं – bedbugs and lice story in hindiपंचतंत्र की कहानी: मित्र की सलाह – mitra ki salah
पंचतंत्र की कहानी: नकल करना बुरा है – nakal karna bura haiपंचतंत्र की कहानी: रंग में भंग – rang me bhang
पंचतंत्र की कहानी: भेड़िया आया.. भेड़िया आया – Bhediya Aaya Bhediya Aayaपंचतंत्र की कहानी: सच्चे मित्र – sache mitra
पंचतंत्र की कहानी: गुफा की आवाज – Gufa ki Awaaz – Kids Storyपंचतंत्र की कहानी: एक और एक ग्यारह – ek aur ek gyarah
पंचतंत्र की कहानी: गोलू, मोलू और भालू – Golu, Molu Aur Bhaluपंचतंत्र की कहानी: चापलूस मंडली – Chaploos Mandali
पंचतंत्र की कहानी: नाग और चीटियां – Ants and Serpent – Naag Aur Chitiyanपंचतंत्र की कहानी: ढोंगी सियार – Dhongi Siyar
पंचतंत्र की कहानी: संगत का प्रभाव – sangati ka asar – kids storiesपंचतंत्र की कहानी: बगुला भगत और केकड़ा – bagula bhagat Aur Kekda
पंचतंत्र की कहानी: धोबी का गधा – Dhobi Ka Gadha – donkey storyपंचतंत्र की कहानी: बिल्ली का न्याय – billi ka nyay
पंचतंत्र की कहानी: बैल और शेर – Lion And Bulls Story – Sher Aur Bailपंचतंत्र की कहानी: मूर्ख बातूनी कछुआ – murkh batuni kachua
पंचतंत्र की कहानी: राजा और मूर्ख बंदर – The King and the Foolish Monkey – Raja Aur Murkh Bandar Ki Kahaniपंचतंत्र की कहानी: संगठन की शक्ति – sangathan ki shakti
पंचतंत्र की कहानी: कौआ और बंदर – Kauwa aur Bandarपंचतंत्र की कहानी: स्वजाति प्रेम – swajati prem
पंचतंत्र की कहानी: बंदर और लाल बेर – bandar aur lal ber ki kahaniपंचतंत्र की कहानी: सियार और ढोल | siyar aur dhol Panchtantra ki kahani in Hindi, The Jackal and the Drum
पंचतंत्र की कहानी: कौवा और दुष्ट सांप तथा बुद्धिमान लोमड़ी – kauwa aur dusht saanp – The Cobra And The Crowपंचतंत्र की कहानी: मूर्ख साधु और ठग | murkh sadhu aur thag Panchtantra ki kahani in Hindi
पंचतंत्र की कहानी: गजराज और मूषकराज पंचतंत्र की कहानी – gajraj aur mushakrajपंचतंत्र की कहानी: साधु और चूहा | sadhu aur chuha Panchtantra ki kahani in Hindi, Monk and mouse
पंचतंत्र की कहानी: लकड़हारा और शेर – lakadhara aur sherपंचतंत्र की कहानी: शेर और बढ़ई | lion and woodcutter Panchtantra ki kahani in Hindi
पंचतंत्र की कहानी: बुद्धिमान केकड़ा और चिड़िया – buddhiman kekada aur chidiyaपंचतंत्र की कहानी: लालची सियार | lalchi siyar Panchtantra ki kahani in Hindi
पंचतंत्र की कहानी: तपस्वी और उत्पाती चूहा – The Hermit And The Mouseपंचतंत्र की कहानी: भेड़ और भेड़िया | Bhed aur Bhediya Panchtantra ki kahani in Hindi
पंचतंत्र की कहानी: बंदर और लकड़ी का खूंटा – bandar aur lakdi ka khuntaपंचतंत्र की कहानी: दो सिर वाली चिड़िया | do sir wali chidiya Panchtantra ki kahani in Hindi
पंचतंत्र की कहानी: रंगा सियार – ranga siyar – the blue jackal story in hindiपंचतंत्र की कहानी: तीन मछलियां | Teen Machliya, the three fishes Panchatantra story in Hindi
पंचतंत्र की कहानी: खरगोश की चतुराई – Khargosh Ki Chaturaiपंचतंत्र की कहानी: बूढ़ा शेर और लोमड़ी| budha sher aur lomdi Panchtantra ki kahani in Hindi
पंचतंत्र की कहानी: घंटीधारी ऊंट – ghanti dhari untपंचतंत्र की कहानी: भेड़िया और सारस | bhediya aur saras Panchtantra ki kahani in Hindi
पंचतंत्र की कहानी: झूठी शान – jhoothi shaanपंचतंत्र की कहानी: लोमड़ी और सारस – जैसे को तैसा | lomdi aur saras Panchtantra ki kahani in Hindi
पंचतंत्र की कहानी: दुश्मन का स्वार्थ – dushman ka swarthपंचतंत्र की कहानी: कछुआ और खरगोश | Kachua aur Khargosh Panchtantra ki kahani in Hindi
पंचतंत्र की कहानी: बंदर का कलेजा – bandar ka kalejaपंचतंत्र की कहानी: चींटी और कबूतर | Ant And Dove Panchtantra ki kahani in Hindi
पंचतंत्र की कहानी: बड़े नाम का चमत्कार – bade naam ka chamatkarपंचतंत्र की कहानी: हंस और उल्लू | hans aur ullu Panchtantra ki kahani in Hindi

Leave a Comment