शेर और बढ़ई पंचतंत्र की कहानी | lion and woodcutter Panchtantra ki kahani in Hindi

बढ़ाई और शेर की कहानी पंचतंत्र magic story woodcutter and Gready lion Hindi moral story लालची कहानी

lion and woodcutter Panchtantra ki kahani

यहाँ पढ़ें : vishnu sharma ki 101 panchtantra kahaniya

lion and woodcutter Panchtantra ki kahani in Hindi

एक दिन एक जंगल में एक शेर और बढ़ई की दोस्ती हो गई। बढ़ई ने शेर को अपने घर बुलाया। बढ़ई के कहने पर शेर ने उसके साथ खाना खाया। शेर को वह खाना बहुत स्वादिष्ट लगा। बढ़ई ने शेर से कहा, “तुम यहां रोज आकर खाना खा सकते हो पर वादा करो कि तुम अकेले आओगे।”

lion and woodcutter Panchtantra ki kahani
lion and woodcutter Panchtantra ki kahani

एक दिन सियार और कौवे ने शेर से पूछा कि वह अब शिकार क्यों नहीं करता। शेर ने उससे कहा, “मैं रोज बढ़ई के घर जाकर खाना खाता हूं। बढ़ई की पत्नी बहुत स्वादिष्ट खाना बनाती है।”

शेर ने उन दोनों को भी उसके साथ बढ़ई के घर खाना खाने बुलाया। जब बढ़ई ने शेर के साथ सियार और कौवे को आते देखा, तो वह अपनी पत्नी के साथ पेड़ पर चढ़ गया।

उसने शेर से कहा, “तुमने अपना वादा तोड़ा, हैं। आज से हमारी दोस्ती खत्म। यहां वापस मत आना।”
नैतिक शिक्षा :– हमें अपना वादा कभी भी तोड़ना नहीं चाहिए।

Leave a Comment