कछुआ और खरगोश पंचतंत्र की कहानी | Kachua aur Khargosh Panchtantra ki kahani in Hindi

Hindi Animated Story – Kachua aur Khargosh | Rabbit and Tortoise | कछुआ और खरगोश

Kachua aur Khargosh Panchtantra ki kahani

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Kachua aur Khargosh Panchtantra ki kahani in Hindi

एक जंगल में एक खरगोश रहता था। वह हर वक्त कछुए का मजाक उड़ाते हुए बोलता, “तुम कितना धीरे चलते हो!”

Kachua aur Khargosh Panchtantra ki kahani
Kachua aur Khargosh Panchtantra ki kahani

तंग आकर एक दिन कछुए ने खरगोश को दौड़ के मुकाबले की चुनौती दी। खरगोश ने पहले तो कछुए की खिल्ली उड़ाई फिर मान गया। प्रतियोगिता की शुरुआत हुई। कछुआ धीरे-धीरे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता रहा।

दूसरी और खरगोश पहले दौड़ा और फिर उसने सोचा, “कछुआ तो बहुत धीमी गति से चल रहा है। इतने मैं थोड़ा आराम कर लेता हूं।”

खरगोश एक पेड़ की छाया में बैठ गया और उसे नींद आ गई। उधर कछुआ धीरे-धीरे अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ता रहा और लक्ष्य तक पहुंच गया। कछुआ प्रतियोगिता जीत गया। उस दिन के बाद से खरगोश ने कछुए का मजाक कभी नहीं उड़ाया।

नैतिक शिक्षा :– लगातार अपने लक्ष्य की और बढ़ते रहो।

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