बेहतर स्वास्थ्य के लिए टॉप १० आयुर्वेदिक टॉनिक- Top 10 Ayurvedic Tonics for better health

आयुर्वेद चिकित्सा एक पारंपरिक भारतीय प्रणाली है। इसका उद्देश्य मन, शरीर और आत्मा को संतुलन में रखकर स्वास्थ्य को संरक्षित करना है। आयुर्वेद बीमारी के इलाज के साथ साथ उसको रोकने के लिए भी उतना ही कारगर है। ऐसा करने के लिए, यह एक समग्र दृष्टिकोण को नियोजित करता है जिसमे आहार, व्यायाम और जीवन शैली में परिवर्तन शामिल है।

आयुर्वेदिक जड़ी बूटियाँ (Ayurvedic Herbs) और रसायण भी इस दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण घटक हैं। यह आपके शरीर को बीमारी से बचाने और बेहतर पाचन और मानसिक स्वास्थ्य सहित कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने में मदद करता है। टॉनिक का अर्थ होता है ऐसी औषधि या दवा जिसका सेवन लम्बे समय तक बेहतर स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में टॉनिक का वर्णन “रसायण” शब्द से किया गया है।

आज हम बात करेंगे टॉप १० आयुर्वेदिक टॉनिक (Top 10 Ayurvedic Tonics) के बारे में जो आपको बेहतर स्वास्थ्य को हासिल करने में मदद करेंगे।

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Ayurvedic Tonic in Hindi – बेहतर स्वास्थ्य के लिए टॉप १० आयुर्वेदिक टॉनिक

Ayurvedic Tonic in Hindi

लिवर के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक – Ayurvedic Tonics For Liver

Ayurvedic Tonic in Hindi
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लिवर, जिसे यकृत भी कहते है, यह एक महत्वपूर्ण अंग है। आयुर्वेद में लिवर को पित्त का स्थान बताया गया है। वात, पित्त, और कफ के असंतुलन से यकृत में कई बीमारियां हो सकती है। आयुर्वेद में कई आयुर्वेदिक रसायण का उल्लेख किया गया है जो लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करते है।

यह टॉनिक्स निम्नलिखित विकारो में फायदेमंद है:

लिवर कैंसर – Liver Cancer
लिवर पर सूजन – Hepatitis
लिवर सिरोसिस – Liver Cirrhosis
अल्कोहलिक लिवर डिजीज – Alcoholic Liver Diseases
फैटी लिवर डिजीज – Fatty Liver Diseases

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दूध पत्र – Milk Thistle

दूध पत्र (Milk thistle), कई विकारों के इलाज में आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली औषधि है। दूध पत्र एक जंगली घास है, जो आमतौर पर देश के गर्म इलाकों में पाया जाता है। इस औषधि के अर्क का उपयोग इसके कोष पुनर्जनन (Cell regeneration) लाभों को प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी पदार्थों का खजाना होता है। यह शरीर के शुद्धिकरण में मदद करता है, खासतौर पर खून और लिवर को। यह औषधि लिवर को ठीक करने में मदद रूप है इसलिए इसे Hepatoprotective कहा गया है। यह लिवर का शुद्धिकरण (Detoxification) करके उसमें से हानि पदार्थों (Toxins) का निकास करके लिवर को स्वस्थ बनाता है।

वैज्ञानिक अनुसंधान ने भी साबित किया है की लिवर के रोगों से पीड़ित लोगो में दूध पत्र का सेवन करने से लिवर का स्वास्थ्य ठीक होता है।

पतंजलि लिव-अमृत – Patanjali Liv-Amrit

पतंजलि लिव-अमृत सिरप एक बड़ी फायदेमंद और प्रचलित आयुर्वेदिक टॉनिक है। यह टॉनिक आयुर्वेद में उल्लेखित दस से भी अधिक रसौषधियों से बना है। इसमें पुनर्नवा, भृंगराज, अर्जुन जैसे हेपटोप्रोटेक्टीव औषधिया मौजूद है जो लिवर को फिरसे कार्यरत करने में मदद करते है।

लिवर के अतिरिक्त, यह पाचन से संबंधित परेशानिया जैसे की अपच, गैस, आदि को मिटने में मदद करता है और पाचन में मदद करता है। इस टॉनिक का उपयोग बच्चो से लेकर बड़ो तक सब कर सकते है। बड़े रोज सुबह और दोपहर को खाने से पहले १ से २ चम्मच इसे पानी के साथ ले सकते है और बच्चे इसे आधा चम्मच ले सकते है।

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बालों के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक – Ayurvedic Tonics For Hair Growth

Ayurvedic Tonic in Hindi
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आयुर्वेद में हेर ग्रोथ के लिए कई रसौषधि बताई गयी है। आयुर्वेद मानता है की हमारे शारीरिक दोषों की विकृति की वजह से बालों की परेशानी होती है। आज हम बात करेंगे ऐसे हेर टॉनिक के बारे में जो आपको अपने बालों को और मजबूत और लंबे बनाने में मदद करेंगे।

भृंगराज – Bhringraj

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में, भृंगराज का उपयोग युगों से किया जाता रहा है। इसकी पत्तियां लीवर क्लीन्ज़र के रूप में बहुत प्रभावी होती हैं और हेयर टॉनिक का काम करती हैं। यह बालों की समस्याओं जैसे बालों का झड़ना, डैंड्रफ, समय से पहले सफ़ेद होना और बालों को मजबूत बनाने में चमत्कारी रूप से काम करता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह एक ‘रसायण’ है जिसमें विशेष एंटी-एजिंग गुण और कायाकल्प है।

नियमित रूप से भृंगराज तेल का मालिश करने से आपके बालों की जड़ों में रक्तप्रवाह में सुधार होता है, जिससे आपके बालों को पोषण प्रदान होता है। आप भृंगराज तेल, शैम्पू, साबुन आदि का उपयोग कर सकते है।

आंवला – Amla

हैर ग्रोथ के लिए आंवला का उपयोग सदियों से किया जा रहा है। आज कल के आधुनिक विज्ञान ने भी माना है की आंवला में बालों के लिए फायदेमंद कई रसायन मौजूद होते है। आंवला में आवश्यक फैटी एसिड्स के ओडल्स होते हैं जो रोम छिद्रों में प्रवेश करते हैं, जिससे बाल नरम, चमकदार और घने बनते हैं। यह अपने उच्च लौह और कैरोटीन सामग्री के कारण बाल विकास को भी उत्तेजित करता है।

आंवला का उपयोग कई रूप से किया जा सकता है। आप बेहतर बालों के लिए आंवला तेल को अपने बालों में लगा सकते है, या फिर उसका सेवन भी कर सकते है। आप बालों के विकास को बढ़ावा देने वाली अन्य औषधियों के साथ मिलाकर भी बालों के लिए आंवला पेस्ट बना सकते हैं।

आप घर पर ही आमला हेर टॉनिक बना सकते है। हेर टॉनिक बनाने के लिए सबसे पहले सूखे आंवला को नारियल तेल (Coconut Oil) में मिलाकर उबाले। जब मिश्रण ब्राउन रंग का हो जाये तब उसे छन्नी से छान ले। इस टॉनिक को बालों में लगाने से बाल झड़ने से बचते है और लंबे, चमकदार और घने बनते है।

पाचन के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक – Ayurvedic Tonics For Better Digestion

Ayurvedic Tonic in Hindi
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क्या आप गैस, एसिडिटी, कब्ज़, आदि बीमारियों से परेशान है? अगर हा, तो आप इन सब से छुटकारा पाने के लिए आयुर्वेद की मदद ले सकते है। आयुर्वेद मानता है की सभी बीमारियों की जड़ होता है हमारा बिगड़ा हुआ पाचनतंत्र। यदि आप इसको ठीक करते है तो आपकी अधिकत्तम बीमारी अपने आप ठीक हो जाती है। आज हम बात करेंगे ऐसे आयुर्वेदिक उपायों के बारे में जिनकी मदद से आप अपने पाचनतंत्र को ठीक करके एक रोग मुक्त जीवन अपना सकते है।

पाचन के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक्स का सेवन करने से पेहले आपको इन चीज़ो का ध्यान रखना है, जो आपको आपकी जठराग्नि को संतुलित रखने में मदद करेगी।

  • भूख लगने पर ही खाना है। अतिरिक्त भोजन नहीं करना है।
  • पिछला भोजन पच जाने के बाद ही अगला भोजन करना है।
  • दो भोजन के बिच कम से कम ४ घंटे का अंतर रखना है।
  • अतिरिक्त मात्रा में ठंडा, तीखा, गरम, नहीं खाना है।

त्रिफला – Triphala

त्रिफला – तीन आयुर्वेदिक औषधियों का मिश्रण होता है जिसका उपयोग युगो से किया जा रहा है। त्रिफला अपने विभिन्न गुणों के लिए प्रसिद्द है। त्रिफला विभिन्न प्रकार में बाजार में उपलब्ध है जैसे की त्रिफला टेबलेट, त्रिफला जूस, त्रिफला चूर्ण आदि। त्रिफला में आंवला, हरीतकी, और बहेड़ा पाए जाते है जो की पाचन (digestion) में मदद करते है। त्रिफला चूर्ण को आप घर पर भी बना सकते है। इसके पाचन गुणों के अतिरिक्त कई फायदे है।

बेहतर पाचन के लिए आप त्रिफला का निम्नलिखित तरीके से सेवन कर सकते है:

  1. त्रिफला जूस शहद के साथ – आधा से एक चम्मच दो बार प्रतिदिन।
  2. त्रिफला टेबलेट्स पानी या दूध के साथ – १ से २ टेबलेट्स दो बार प्रतिदिन।
  3. त्रिफला चूर्ण दूध या पानी के साथ – आधा से एक चम्मच दो बार प्रतिदिन।

अदरक – Ginger

पाचनतंत्र को ठीक करने के लिए अदरक एक रामबाण इलाज है। अदरक का आप डायजेस्टिव टॉनिक की तरह भी उपयोग कर सकते है। अदरक पित्त, लार और विभिन्न अन्य यौगिकों जैसे पाचन रस को उत्तेजित करता है जो पाचन में सहायता करते है, इस प्रकार, यह पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण और आत्मसात के लिए बहुत अच्छा है। आयुर्वेद में अदरक को पाचक और दीपन द्रव्य बताया गया है।

अदरक टॉनिक कैसे बनाये? – How to make Ginger tonic?

  • अदरक को छोटे छोटे टुकड़ो में काट ले।
  • एक गिलास पानी को गरम करे और उसके उबलने पर अदरक के टुकड़े उसमे दाल दे।
  • थोड़ी देर इसको उबलने दे और उसके बाद छन्नी की मदद से इसको छान ले।
  • इसमें आप अन्य पाचन औषधि जैसे की निम्बू, जीरा, आदि भी दाल सकते है।

इस टॉनिक का रोज सुबह सेवन करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है और अग्नि भी प्रज्वलित होती है।

महिलाओं के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक – Ayurvedic Tonics For Females

Ayurvedic Tonic in Hindi
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मासिक के कारण महिलाएं अपने नियमित जीवन में विभिन्न कठिनाइयों से गुजरती हैं जैसे की खून की कमी, बेचैनी, थकान, दर्द, आदि। कई महिलाओ के लिए यह समय और भी कठिन हो सकता है। आज हम बात करेंगे ऐसे आयुर्वेदिक टॉनिक्स के बारे में जो इन कठिन समय दौरान होने वाली परेशानियों से लड़ने में मदद करेंगे। आप निम्नलिखित टॉनिक्स का उपयोग कर सकते है।

अशोकारिष्ट – Ashokarishta

अशोकारिष्ट एक आयुर्वेदिक मेडिसिन है जो महिलाओ को उन दिनों में होने वाले दर्द और मुश्किलिओ से रहत दिलाता है। यह आयुर्वेदिक फार्मूलेशन अशोक, धातकी, मुस्ता, हरीतकी (हरड़े), और आमलकी (आंवला) जैसी औषधियों से बना होता है। इसीलिए इसमें अनेक गुणधर्म देखने को मिलते है। यह आपको किसी भी आयुर्वेदिक स्टोर पर मिल जाएगी।

अशोकारिष्ट का सेवन: आप अशोकारिष्ट दिन में दो बार भोजन के बाद पानी के साथ ले सकते है।

इसका नियमित सेवन करने से आपको थकान, दर्द, बेचैनी जैसी परेशानियों से रहत मिल जाएगी और पुरे महिने स्फूर्ति बनी रहेगी।

शतावरी – Shatavari

शतावरी एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसका अर्थ है “जो एक सौ या कई पति के लिए स्वीकार्य है”। आयुर्वेद में इसे एक फीमेल टॉनिक माना जाता है। कायाकल्प करने वाली औषधि होने के अलावा, यह महिला बांझपन में फायदेमंद है, क्योंकि यह कामेच्छा बढ़ाती है, यौन अंगों की सूजन को ठीक करती है और यहां तक ​​कि यौन अंगों के सूखे ऊतकों को नम करती है, फॉलिकुलोजेनेसिस और ओव्यूलेशन को बढ़ाती है, गर्भाधान के लिए गर्भ तैयार करती है, और गर्भपात को रोकती है। यह लैक्टेशन को बढाती है और बदलते हार्मोन को सामान्य भी करती है।

इसका उपयोग ल्यूकोरिया और मेनोरेजिया में भी किया जाता है। शतावरी महिलाओं के लिए मुख्य आयुर्वेदिक कायाकल्प टॉनिक है। शतावरी के सेवन से निम्नलिखित फायदे होते है:

  • महिलाओ की प्रजनन शक्ति में सुधर होता है।
  • मीनोपॉज के लक्षण कम होते है।
  • एंटीऑक्सिडेंट्स की तरह काम करती है।
  • मासिक दौरान बेचैनी को कम करती है।
  • माताओं में दूध का उत्पादन बढाती है।

शतावरी का सेवन कैसे करें?

शतावरी का  सेवन आप कई तरीके से कर सकते है। यह औषधि विभिन्न स्वरुप में आपको आयुर्वेदिक स्टोर पर मिल जाएगी। मार्किट में शतावरी टेबलेट, चूर्ण, और लिक्विड में भी मिल जाएगी। आप रोजाना ५०० मि.ग्रा शतावरी का सेवन पानी के साथ दो बार कर सकते है। आप शतावरी जूस को पानी से मिलकर भी पि सकते है। 

दिमाग तेज करने के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक – Ayurvedic Tonics For Brain

Ayurvedic Tonic in Hindi
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आयुर्वेद में दिमाग की शक्ति को बढ़ाने और उसे तेज करने के लिए मेध्य रसायनो का उल्लेख किया गया है। आयुर्वेद में कई मेध्य रसायनो का उल्लेख किया गया है, जिसमे से आज हम शंखपुष्पी और ब्राह्मी के बारे में बात करेंगे। ब्रेन टॉनिक्स आम तौर पर छोटे बच्चों को उनके दिमाग के बेहतरीन विकास के लिए दिए जाते है। हलाकि इनका उपयोग मानसिक रोगों से बचने और उन्हें ठीक करने के लिए भी किया जा सकता है।

शंखपुष्पी – Shankhpushpi

शंखपुष्पी आयुर्वेद में उल्लेखित मेध्य रसायनो में सर्वश्रेष्ठ है। यह अपनी याद्दाश बढ़ाने (Memory Enhancing) गुणधर्म के लिए प्रसिद्ध है। यह आम तौर पर सभी जगह पर पाए जाने वाला जंगली पौधा होता है। आप इसका सेवन बेहतर बुद्धि और दिमाग तेज करने के लिए कर सकते है।

यह औषधि पाउडर, सिरप या फिर टेबलेट फॉर्म में किसी भी आयुर्वेदिक स्टोर पर मिल जाएगी। आप शंखपुष्पी का सेवन निम्नलिखित प्रमाण में कर सकते है:

  • शंखपुष्पी पाउडर – एक चौथाई चम्मच दिन में दो बार।
  • शंखपुष्पी रस – 2-4 चम्मच दिन में एक या दो बार।
  • शंखपुष्पी कैप्सूल – दिन में दो बार 1-2 कैप्सूल।
  • शंखपुष्पी टेबलेट – 1-2 गोलियाँ दिन में दो बार।

शंखपुष्पी के फायदे :

  • यादशक्ति बढ़ाता है – Memory enchancer
  • अनिंद्रा में मददरूप – Treats insomnia
  • मिर्गी को कम करता है – Decreases epileptic attacks
  •  एकाग्रता को बढ़ाता है – Increases concenstration

ब्राह्मी – Brahmi

ब्राह्मी आयुर्वेद के श्रेष्ट रसायनो में से एक है। इसका मेध्य गुणधर्म यादशक्ति को बढ़ाता है और दिमाग को तेज करने में मदद करता है। ब्राह्मी (Bacopa Monnerie) जमीन और पानी पर उगने वाला एक पौधा है। इसका उपयोग मानसिक  रोगों को ठीक करने और दिमाग को तेज करने के लिए सदियों से किया जा रहा है। ब्राह्मी आपको बाजार में किसी भी आयुर्वेदिक स्टोर पर अलग अलग स्वरुप में मिल जायेगा। ब्राह्मी का तेल, टेबलेट, चूर्ण, सिरप आदि विकल्प है।

ब्राह्मी का तेल सर पर मालिश करने के लिए उपयोग में लिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, ब्राम्ही का सेवन करने से भी दिमाग की शक्ति बढ़ती है। यह एक बेहतरीन मेध्य रसायन है जिसका उपयोग बड़ो से लेकर बच्चों तक सभी कर सकते है।

Reference-
9 December 2020, Ayurvedic Tonic in Hindi, wikipedia

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