नन्दा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान – [Nanda Devi and Valley of Flowers National Park – UNESCO World Heritage Site]

nanda devi aur phoolon ki ghati rashtriya udyan – विश्व की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंख्ला और भारत की शान हिमालय पर्वतों की खूबसूरती का कायल भला कौन नहीं होगा। बादलों और बर्फ की चादर ओढ़े आसमान छूते शिखरों का दीदार करना हर किसी की दिली तमन्ना होती है।

इसी कड़ी में दूर-दूर तक फैली रंग-बिरंगे फूलों से गुलजार घाटी इस नजारे की सुंदरता में चार चांद लगा देती है। अनगिनत अनोखी विविधताओं को खुद में समेटे हिमालय इस करिशमाई नजारे का भी गवाह है।

दरअसल देवभूमी उत्तराखंड के उत्तरी छोर पर स्थित है भारत की दूसरी सबसे ऊंची चोटी – नन्दा देवी, जिसकी गोंद में बसी है फूलों से ढ़की एक खूबसूरत घाटी। वैली ऑफ फ्लॉवर्स के नाम से मशहूर इस घाटी का नाम देश के टॉप टूरिस्ट स्पॉस्टस में शुमार है, जिसे 1988 में संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को ने प्राकृतिक स्थल के रूप में विश्व धरोहर सूची में शामिल किया था। nandadevi and valley of flowers unesco world heritage site

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यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नन्दा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान
स्थान उत्तराखंड
मानदंड प्राकृतिक
खोज1882
खोजकर्ता एडमंड स्मिथ
nanda devi aur phoolon ki ghati rashtriya udyan

valley of flowers & Nanda devi national park |फूलों की घाटी उत्तराखण्ड |phoolon ki ghati uttarakhand

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himalayan range, nandadevi and valley of flowers – हिमालय की गोंद में स्थित एक घाटी

अनगिनत अल्पाइन वनस्पतियों से भरपूर वैली ऑफ फ्लॉवर्स पश्चिमी हिमालय का हिस्सा है। एक तरफ जहां यह घाटी जंस्कार रेंज और ग्रेट हिमालय के बीच का संक्रमण क्षेत्र (transition zone between zaskar range and great himalayas)है, तो दूसरी तरफ यह पश्चिमी हिमालय और पूर्वी हिमालय को भी आपस में जोड़ती है।

वहीं अगर उत्तराखंड की बात करें तो, गढ़वाल के जोशीमठ से महज कुछ किलोमीटर दूर वैली ऑफ फ्लॉवर्स,नन्दा देवी पार्क में स्थित पुष्पावती घाटी का हिस्सा है। साथ ही यह गंगा नदी की भयंगर घाटी में एकमात्र हैंगिग वैली है। वहीं हेमकुंड घाटी लगभग 10 किलोमीटर तक वैली ऑफ फ्लॉवर्स के समवर्ती ही चलती है।nanda devi aur phoolon ki ghati rashtriya udyan

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valley of flowers river – फूलों की घाटी में पुष्पावती नदी

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पुष्पावटी नदी के बेसिन में बसी तकरीबन 15 किलोमीटर तक फैली फूलों की घाटी 6 किलोमीटर चौड़ी है। इस घाटी की सबसे ऊंची जगह पूर्व में गौरी पर्वत है, जिसके तिप्रा ग्लेशियर से एकछोटी सहायक नदी के रूप में निकलने वाली पुष्पावती नदी वैली ऑफ फ्लॉवर्स से गुजरती हुई अलखनन्दा नदी में मिल जाती है।

वैली ऑफ प्लॉवरपार्क यहां स्थित नन्दा देवी बायोस्फीयर रिजर्व का दूसरा कोर जोन है, जिसमें कई औषधिय पौधों, जानवरों और पक्षियों की लुप्त होने की कगार पर खड़ी प्रजातियां पाई जाती हैं।valley of flowers nanda devi biosphere reserve

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valley of flowers history – फूलों की घाटी का इतिहास

अमूमन वैली ऑफ फ्लॉवर्स का जिक्र कई प्राचीन किताबों और ग्रंथों में मिलता है। यहां मिलने वाले औषधीय पौंधों का उपयोग कई औषधियों में किया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार रामायण में लक्ष्मण के मूर्छित होने के बाद संजीवनी बूटी की तलाश में निकले हनुमान इसी फूलों की घाटी पहुंचते हैं और उनके द्वारा उठाया गया संजीवनी पर्वत वैली ऑफ फ्लॉवर्स ही है।valley of flowers in mythology

वहीं आधुनिक भारत में कई सालों तक इस घाटी से सिर्फ स्थानीय लोग ही परिचित थे। जिसके बाद 1882 में एडमंड स्मिथ ने इस घाटी के अस्तित्व को पुष्पावती घाटी के रूप में समूची दुनिया के सामने रखा। valley of flowers pushpawati valley

वर्षघटना
1862एडमंड स्मिथ द्वारा पुष्पवटी घाटी की खोज
1931फ्रैंक स्मिथ द्वारा लिखी किताब “वैली ऑफ फ्लॉवर्स” का प्रकाशन
1934पर्वतारोही इरिक शिपटॉन और बिल टिलमैन द्वारा नन्दा देवी अभ्यारण की खोज
1936पर्वतारोही बिल टिनमैन और नोल ओडल द्वारा नन्दा देवी पर्वत पर चढ़ाई
1939भारत सरकार द्वारा नन्दा देवी गेम अभ्यारण की स्थापना
1974 – 82पर्वतारोहण के लिए खुला अभ्यारण
1980पर्वतारोहण पर पाबंदी ; भारत सरकार द्वारा संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान घोषित
1980वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा
1982पार्क का नाम बदलकर नन्दा देवी राष्ट्रीय उद्यान किया गया
1988भारत सरकार द्वारा 223,674 हेक्टेयर क्षेत्र को नन्दा देवी राष्ट्रीय बायोस्फीयर रिजर्व बनाया गया
1988यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सूची में शामिल
2000नन्दा देवी बायोस्फीयर रिजर्व का क्षेत्र बढ़ाकर 586,069 किया गया ; वैली ऑफ फ्लॉवर्स को बायोस्फीयर रिजर्व का दूसरा कोर जोन घोषित किया गया

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valley of flowers vegetation – फूलों की घाटी की महत्वपूर्ण वनस्पतियां

flora in valley of flowersfauna in valley of flowers
Aconitum heterophyllumGrey Langur
ArnebiabenthamiiFlying Squirrel
DactylorhizahatagrieaHimalayan black bear
Gymnadenia orchidsRed fox
MegacarpaeapolyandraHimalayan weasel
PicrorhizakurroaHimalayan yellow-throated marten
PodophyllumhaxandrumHimalayan goral
Aconitum violaceumHimalayan musk deer
PolygonatummultiflorumIndian Chevrotain
FritillariaroyleiHimalayan Thar
TaxuswallichianaLammergeyer
AngiospermsHimalayan Vulture
GymnospermsYellow-billed
PteridophytesRed billed choughs
OrchidsKoklass pheasant
PoppiesHimalayan monal pheasant
PrimilasScaly-bellied
MarigoldYellow-nape
DaisiesWoodpeckers
GeraniumBlue-throat barbets
PetuniaSnow pigeon
SediamsSpotted dove
LiliesLime butterfly
CalendulaYellow swallowtail
ZinniaBlue Apollo

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Valley of flowers important birds with their scientific name – फूलों की घाटी के महत्वपूर्ण पक्षीऔर उनके वैज्ञानिक नाम

Common NameScientific NameFamilyIUCN Status
Himalayan SnowcockTetraogallushimalayensisPhasianidae
Black FrancolinFrancolinusfrancolinusPhasianidae
Common Hill PatridgeArborophilatorqueolaPhasianidae
Himalayan MonalLophophorusimpejanusPhasianidae
Common KestrelFalco tinnunculusFalconidae
Lesser KestrelFalcon aumanniFalconideVulnerable
Peregrine FalconFalco PeregrinusFalconide
Barbary FalconFalco pelegrinoidesFalconide
Pallas’s Fish EagleHaliaeetusleucorphusAccipitridaeVulnerable
Yellow-rumped Honey guideIndicator XanthonotusIndicatoridaeNear threatened
Egyptian VultureNeophronAccipitridaeEndangered
Himalayan GriffonGypsAccipitridae
Eurasian GriffonGyps fulvusAccipitridae
Eurasian sparrowhawkAccipiternisusAccipitridae
Golden EagleAquilaAccipitridae
Rock DoveColumba liviaColumbidae
Hill PigeonColumba rupestrisColumbidae
Snow pigeonColumba leuconotaColumbidae
Speckied WoodpigeonColumba hodgsoniiColumbidae

how to reach valley of flowers from delhi – कैसे पहुंचे फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान

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पहाड़ों की गोंद में होने के कारण फूलों की घाटी के खूबसूरत नजारे का दीदार करने के लिए सभी पयर्टकों को अमूमन 17 किलोमीटर valley of flowers trek distance तक की ट्रेकिंग करनी पड़ती है। उत्तराखंड के गढ़वाल valley of flowers garhwalमें स्थित जोशीमठ यहां से बेहद करीब है। हरिद्वार और देहरादून से जोशीमठ का रास्ता 270 किलोमीटर दूर हैvalley of flowers joshimath, जहां रोड के रास्ते आसानी से पहुंचा जा सकता है। valley of flowers distance from delhi

वहीं राजधानी दिल्ली से जोशीमठ पहुंचने के लिए हरिद्वार और ऋषिकेष होते हुए गोविंद घाट तक का सफर तय करना होगा। दरअसल दिल्ली से गोविंद घाट का सफर 500 किलोमीटर है और उत्तराखंड के मशहूर धार्मिक स्थल बद्रीनाथ ने गोविंद घाट महज 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।valley of flowers badrinath

valley of flowers trekking – फूलों की घाटी में ट्रैकिंग

 गोविंद घाट से ही फूलों की घाटी तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग की शुरुआत होती है। हालांकि गोविंद घाट से 11 किलोमीटर दूर घनगढ़िया तक टैक्सी या हैलीकॉप्टर से भी पहुंचा जा सकता है लेकिनपहाड़ चढ़ने के शौकीन लोगों के लिए ट्रैकिंग कर के यहां तक पहुंचनाइस यात्रा का यादगार पहलु साबित हो सकता है।valley of flowers route

घनगढ़िया यहां स्थित एक छोटा सा गांव है, जहां से फूलों की घाटी महज 3 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है। इसके अलावा घनगढ़िया सिख समुदाय के बीच खासी अहमियत रखता है। हेमकुंड स्थित मशहूर सिख तीर्थस्थल valley of flowers gurudwaraभी गोविंद घाट से घनगढ़िया के रास्ते में ही स्थित है, जिसका दर्शन करने के लिए हर साल भर भक्तों का मेला लगा रहता है।valley of flowers and hemkund sahib

साथ ही खुशबूदार जंगली फूल, खूबसूरत जंगली गुलाब औरमुंह में पानी ला देने वाली खूब सारी स्वादिष्टस्ट्रॉबैरी इस सफर को रोमांचक बनाने के साथ-साथ जीवन के अनोखे अनुभवों में से एक बन जाती है।valley of flowers trek

what is best time to visit valley of flowers फूलों की घाटी जाने का समय – जुलाई से सिंतम्बर
Valley of flowers trip cost from delhi दिल्ली से फूलों की घाटी तक यात्राखर्च – 4000 (5 दिन)

Reference-
May 2021, nanda devi aur phoolon ki ghati rashtriya udyan, wikipedia

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