आगरा का किला – Agra Fort – UNESCO World Heritage Site in India

लगभग 200 सालों से भी ज्यादा समय तक हिन्दुस्तान की सरजमीं पर हुकूमत करने वाली मुगल सल्तनत के दौर को मध्यकालीन भारत का स्वर्णिम युग माना जाता है। मंगोल से ताल्लुक रखने के बावजूद मुगलों ने हिन्दुस्तान की संस्कृति को इस कदर अपनाया कि मुगल काल का जिक्र इतिहास के पन्नों का एक खूबूसरत किरदार बन गया।

दरअसल मुगल सल्तनत की अमूल्य धरोहरों से वर्तमान भारत भी अछूता नहीं है, जिसका उदाहरण लाल किले की वो प्राचीर है जहां से हर साल 15 अगस्त के दिन प्रधानमंत्री समूचे देश को संबोधित कर आजादी के जश्न का आगाज करते हैं।

इसी कड़ी में एक नाम आगरा किले का भी शामिल है। किसी जमाने में मुगल सल्तनत की राजधानी रहने वाला आगरा किला आज भारतीय इतिहास की शान है, जिसका नाम संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNESCO ने विश्व धरोहर की सूची में भी शामिल है।(agra fort unesco world heritage site)

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Agra fort आगरा का किला ( पूरी ऐतिहासिक यात्रा )

आगरा का किला सामान्य जानकारी – Agra Fort

यूनेस्को विश्व धरोहरस्थलआगरा किला
स्थान अगरा, उत्तर प्रदेश
क्षेत्र94 एकड़
निर्माण1565 – 1573
निर्माणकर्तामुगल शासक अकबर
वास्तुकला मुगल स्थापत्य कला
Agra Fort

आगरा के किले का इतिहास (agra fort history)

Agra Fort
Agra Fort

15वीं शताब्दी में मंगोलिया से ताल्लुक रखने वाले बाबर ने हिन्दुस्तान का रुख किया। उस दौर तक दिल्ली उत्तर भारत की राजधानी होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और आर्थिक शहर बनकर उभर चुका था। वहीं दिल्ली की गद्दी पर लोदी वंश का वर्चस्व कायम था।

लिहाजा बाबर ने दिल्ली पर आक्रमण किया और तात्कालीन शासक इब्राहिम लोदी को 1526 में पानीपत के पहले युद्ध में शिकस्त देकर हिन्दुस्तान में मुगल सल्तनत की नींव रखी। युद्ध जीतने के बाद बाबर ने इब्राहिम लोदी के आगरा स्थित महल में पनाह ली। बाबर ने इस महल में एक बावली भी बनवाई। यही नहीं बाबर के बाद मुगल सल्तनत के अगले बादशाह हुमायुं की ताजपोशी भी इसी महल में की गई थी।

जिसके बाद 1540 में शेर शाह सूरी ने हुमायुं को हरा कर महल पर कब्जा कर लिया। वहीं बाद में मुगल बादशाह अकबर ने आगरा की भैगोलिक अहमियत को समझते हुए 1558 में मुगल सल्तनत की राजधानी दिल्ली से आगरा स्थांतरित करने का एलान कर दिया।(agra fortmughal capital)

अकबर के दरबार में इतिहासकार रहे अबुल फजल ने इस दौर का जिक्र करते हुए लिखा कि, ईंटो से बने इस किले को बादलगढ़ के नाम से जाना जाता था। अकबर द्वारा दिल्ली सल्तनत का तख्त संभालने के समय तक यह किला काफी बदहाल अवस्था में था। जिसे संवारने का श्रेय मुगल बादशाह अकबर को ही जाता है।(agra fort king)
आगरा के किले का निर्माण राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित बरौली से लाए गए लाल बलुआ पत्थरों के साथ शुरू किया गया। इस किले के अंदर ईंटों का ही इस्तेमाल किया गया, वहीं किले की बाहरी दिवारों को लाल बलुआ पत्थरों से ही बनाया गया। कुछ आंकड़ों के अनुसार 4,000 से भी ज्यादा कामगारों द्वारा आठ सालों तक इस किले के निर्माण कार्य में संल्गन रहने के बाद 1573 (agra fort kabbana) में यह किला पूरी तरह से बन क तैयार हुआ था।(agra fortmade by akbar)

हालांकि वर्तमान किले का स्वरूप अकबर द्ववारा बनवाए गए किले से काफी अलग है। अकबर के बाद मुगल शासक शाहजहां ने आगरा के किले को और भी ज्यादा बेहतर तरीके से निखारा। शाहजाहां ने किले के ठीक सामने यमुना नदी के किनारे अपनी बेगम मुमताज महल की याद में ताजमहल का निर्माण कराया, वहीं आगरा के किले में भी कई इमारतों को तोड़कर सफेद संगमरमर से बनावाया गया। (agra fort built by shahjahan)
मुगल काल के बाद इस किले पर जाट, मराठा और शिंदे सहित कई शासकों ने अपना अधिपत्य कायम किया। इसके अलावा आगरा का किला ब्रिटिश हुकुमत के समय 1857 की क्रान्ति का भी गवाह रह चुका है।

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आगरा किले का खाका(agra fort architecture)

लगभग 94 एकड़ में बने और 70 फीट ऊंची दीवारों के साथ आगरा के किले की सीमाए यमुना नदी के बिल्कुल साथ-साथ चलतीं हैं। इस किले में चार मुख्य द्वार हैं – खिरजी गेट यमुना नदी की तरफ खुलता है, दिल्ली गेट का रास्ता राजधानी की तरफ जाता है, लाहौर गेट और अकबर गेट , जिसे अमर सिंह राठौर गेट के नाम से भी जाना जाता है।(agra fort gate)

दिल्ली गेट(Agra fort Delhi gate)

पश्चिमी की ओर खुलने वाला दिल्ली गेट काफी भव्य होने के साथ-साथ अकबर के समय की सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया यह दरवाजा अकबर के समय में भी किले का मुख्य द्वार हुआ करता था।
सफेद संगमरमर और लकड़ी की कारीगरी से बने दिल्ली गेट से भीतर प्रवेश करते ही दो भव्य हाथियों की आकृति के साथ ‘हाथी पोल’सुरक्षा के दायरे को और भी ज्यादा मजबूत करता है।

हालांकि वर्तमान में किले के उत्तरी भाग में भारतीयसेना की पैराशूट ब्रिगेड की छावनी है, जिसके चलते दिल्ली गेट से पयर्टकों तथा आम लोगों का प्रवेश निषेध है। आगरा के किले का दीदार करने वाले पयर्टको की एंट्री अमर सिंह गेट से होती है।(agra fort under indian army)

आगरा का किला वास्तुकला और स्थापत्य के चलते भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण विरासतों में से एक है। अबु फजल के अनुसार इस किले के भीतर मुगल वास्तुकला के साथ-साथ 500 से भी ज्यादा बंगाली और गुजराती वास्तुकलाओं का समावेश भी मौजूद था। हालांकि शाहजहां द्वारा सफेद संगमरमर से बनी इमारतों का निर्माण कराने के दौरान कुछ इमारतों धवस्त हो गयीं थीं।

इसके अलावा शाहजहां ने अकबर दरवाजे का नाम बदलकर अमर सिंह द्वार रख दिया था। यह द्वार भी दिल्ली गेट की तरह भव्य और लाल बलुआ पत्थर से बना है। वहीं यमुना नदी के छोर पर लाल बलुआ पत्थर से बना बंगाली महल को अब अकबर महल और जहांगीर महल में बांट दिया गया है।

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आगरा किले की एतिहासिक इमारतें(agra fort uttar pradesh)

जहांगीर हौज (1610 A.D.)–

5 फीट गहराई और 8 फीट चौड़ाई के साथ 1610 में बना जहांगीर हौज शाही स्नान के लिए मशहूर था। एक पारसी शिलालेख में भी हौज-ए-जहांगीर के नाम से इसका जिक्र किया गया है। हालांकि यह हौज अकबर के बंगाली महल का ही हिस्सा था, लेकिन हौज की उपस्थिति के चलते इसे जहांगीर महल भी कहा जाने लगा।(agra fort Jahangir hauj)

शाहजहांनी महल (1628 -35 A.D.)–

सफेद संगमरमर से बने खास महल और लालबलुआ पत्थर से बने जहांगीरी महल के बीच में स्थित शाहजहांनी महल आगरा किले के शुरुआती भव्य महलों में से एक था, जिसका निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने कराया था। यह इमारत लाल बलुआ पत्थरों से ही बनी है, जिसे सफेद संगमरमर का इस्तेमाल करते हुए बेहद खूबसूरती के साथ निखारा गया है।(agra fort shah jahanimahal)
मुगल काल की मशहूर फूल पत्तियों से बनी पित्तरादुरा कला भी इस महल की शान है। वहीं खास महल की तरफ खुलने वाले दरवाजे के सामने एक बड़ी बालकनी है, जहां से गजनी गेट, बाबर बावली का आसानी से दीदार किया जा सकता है।

गजनी गेट (1030 A.D.)–

वास्तव में गजनी गेट गजनी के सुल्तान मोहम्मद गजनी की धरोहर है, जिसे 1842 में ब्रिटिश हुकूमत द्वारा आगरा किले में स्थापित किया गया। इस द्वार का निर्माण 1025 में मोहम्मद गजनी द्वारा सोमनाथ से लाई गई चंदन की लकड़ियों से किया गया था, जिसमें गुजराती स्थापत्य कला के अंश आसानी से देखे जा सकते हैं।(agra fortgazani gate)

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जहांगीर की न्याय की श्रृंखला (1605 A.D.)

मुगल बादशाह जहांगीर द्वारा शुरु की गई यह कवायद अपने आप में काफी अनोखी है। जंजीर-ए-अदल और अदल-ए-जहांगीर के नाम से भारतीय इतिहास में मशहूर यह श्रृखंला शुद्ध सोने से बनी थी। साथ ही इसमें 60 घंटिया थी, जिनका कुल वजन एक कुंटल था। इस श्रृंखला के एक हिस्से को शाह बुर्ज और दूसरे छोर को यमुना नदी के किनारे स्थित पत्थर की चौकी में बांधा गया था।

न्याय की श्रृंखला के जरिए मुगल सल्तनत की प्रजा बिना डरे और बिना किसी भेद-भाव के अपनी शिकायतें सीधा मुगल बादशाह और सल्तनत के आला अधिकारियों के पास दर्ज करा सकती थी।(agra fort Jahangir chain of justice)

शाह बुर्ज (1632 – 1640 A.D.) –

यमुना नदी के किनारे बना शाह बुर्ज आगरा किले का सबसे बड़ा बुर्ज है, जिसे मुगल बादशाह अकबर द्वारा बनावाया गया था। अकबर अकसर इस बुर्ज से ही झरोखा दर्शन, सूर्य नमस्कार और उगते सूरज का दीदार किया करते थे। जहांगीर द्वारा शुरु की गई न्याय की श्रृंखला का एक हिस्सा शाह बुर्ज के दक्षिण में ही बांधा गया था। (agra fort shah burj)

मुगल काल की इस धरोहर का किस्सा खासा दिलचस्प है। दरअसल शाह बुर्ज न सिर्फ दिवान-ए-खास, शीश महल, खास महल और महल की कई अहम इमारतों से जुड़ा था बल्कि मुगल बादशाह यहीं से समूचे हिन्दुस्तान की बागडोर संभालते थे।

वहीं ताज महल का सबसे खूबसूरत दीदार भी पूरे महल में सिर्फ शाह बुर्ज से ही किया जा सकता था। कुछ साक्ष्यों के अनुसार बादशाह शाहजहां ने अपनी जिंदगी की आखरी आठ साल यहीं पर ताज का दीदार करते हुए बिताया था और इसी जगह पर उन्होंने आखिरी सांस भी ली थी, जिसके बाद उनके शव को नाव के सहारे नदी उस पार ताज परिसर में ही दफनाया गया।(agra fort to tajmahal)

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शीश महल (1631-40)

शीश महल का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने कराया था। इस महल की दीवारें शीशे से बनी हैं, जिसके लिए सीरिया से खूबसूरत और मजबूत कांचों का आयात कराया गया था। गर्मियों के दिनों में शाहजहां शीश महल में ही रहते थे। हालांकि शाहजहां ने दिल्ली और लाहौर में भी शीश महल बनवाया था, लेकिन आगरा किले में स्थित शीश महल सभी महलों में खूबसूरत और बेहद बारीकी के साथ तराशा गया था।(agra fort sheesh mahal)

आगरा किले की अन्य इमारतें(Agra fort famous site)

इसके अलावा आगरा किले में स्थित अंगूरी बाग, स्वर्ण मंडप, मीना मस्जिद, मोती मस्जिद, नगीना मस्जिद, नौबत खाना, रंग महल सहित कई खूबसूरत ऐतिहासिक इमारतें इस किले की शान है। जहां रंग महल को शाही हरम भी कहा जाता था, वहीं नगीना मस्जिद मीना बाजार के लिए जानी जाती है।

आगरा किलाः एक ऐतिहासिक संस्कृति (Agra fort UNESCO)

1983 में संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNESCO से आगरा किले को विश्व धरोहर के खिताब से नवाजते हुए इसका नाम विश्व विरासत सूची में शामिल किया था। वहीं 2004 में आगरा किले को अगा खान अवॉर्ड फॉर आर्किटेक्चर से सम्मानित किया गया। जिसके बाद भारत सरकार ने आगरा किले का स्टैंप भी जारी किया था।

जाने का समय(agra fort timing)–6 am से 6 pm
टिकट(agra fort ticket)– 35 (भारतीय पयर्टक), 550 (विदेशी पयर्टक)
रेलवे स्टेशन (agra fort railway station)– आगरा केन्ट रेलवे स्टेशन
हवाई स्टेशन (agra fort air port)– आगरा एयरपोर्ट

Reference-
May 2021, Agra Fort, wikipedia

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