कंप्यूटर माउस के प्रकार और उनके प्रयोग | Computer Mouse in Hindi | Types of Mouse and Use case in Hindi

Table Of Contents
show

माउस का हिंदी अर्थ,computer mouse in hindi,माउस का दूसरा नाम क्या है,माउस के प्रकार,माउस की क्रिया लिखिए,माउस का अर्थ,माउस का फुल फॉर्म क्या है,माउस की कीमत,माउस है एक


माउस कंप्यूटर में उपयोग किया जाने वाला एक छोटा हार्डवेयर इनपुट डिवाइस है। यह कंप्यूटर स्क्रीन पर कर्सर की स्पीड को नियंत्रित करता है और यूजर को कंप्यूटर पर फ़ोल्डर, टेक्स्ट, फाइल और आइकन को स्थानांतरित (ट्रांसफर) करने और सलेक्ट करने की अनुमति देता है। यह एक ऐसी डिवाइस है, जिसे उपयोग करने के लिए एक सख्त-सपाट सतह पर रखने की आवश्यकता होती है।

जब यूजर माउस को घुमाता हैं, तो डिस्प्ले स्क्रीन पर कर्सर उसी दिशा में चलता है। माउस का नाम इसके आकार से लिया गया है क्योंकि यह एक छोटा, कॉर्डेड और अण्डाकार आकार का उपकरण है जो माउस(चूहे) जैसा दिखता है। माउस का कनेक्टिंग वायर माउस की पूंछ होने की कल्पना की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, कुछ माउस में अतिरिक्त बटन होती हैं, जिन्हें कई अन्य प्रोग्राम किया जा सकता है।

माउस आविष्कार को कंप्यूटर क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण सफलताओं में से एक माना जाता है क्योंकि यह कीबोर्ड के उपयोग को कम करने में मदद करता है। जबकि माउस कई प्रकार के और कई आकार में आते हैं, पर उनके मूल हिस्से और कार्य समान रहते हैं।

यहाँ पढ़ें: कम्प्यूटर के घटक |(Components of Computer)
यहाँ पढ़ें: 10 प्रकार के कंप्यूटर (Ten types of computers)
यहाँ पढ़ें: कम्प्यूटर का विकास – Development of Computer

Computer Mouse in Hindi

माउस का इतिहास (History of mouse) | माउस क्या है इन हिंदी?

अब हम कंप्यूटर माउस के इतिहास के बारे में चर्चा करेंगे। सबसे पहले आपको यह पता होना चाहिए कि माउस का पिता (अविष्कारक) कौन है?

डगलस एंगेलबर्ट (Douglas Engelbart) कंप्यूटर माउस के आविष्कारक हैं। जब 1960 में कंप्यूटर माउस बनाया गया था तब डगलस एंगेलबर्ट कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क में स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट में कार्यरत थे। इस चमत्कारी आविष्कार वाली मशीन का इस्तेमाल 1973 में ज़ेरॉक्स ऑल्टो कंप्यूटर सिस्टम में किया गया था। डगलस एंगेलबार्ट कंप्यूटर स्क्रीन पर कर्सर ले जाने में एक सफल व्यक्ति थे। यह माउस लकड़ी द्वारा आयताकार आकार में बनाया गया था, और ऊपरी बाएँ कोने में एक बटन लगा हुआ था।

Computer Mouse in Hindi

1972 में, नया माउस विकसित किया गया। उस माउस को “बॉल माउस” के रूप में जाना गया। इसमें माउस में व्हील को बॉल से रिप्लेस किया गया। इस आविष्कार की मदद से माउस के प्रदर्शन में सुधार होता है, साथ ही यूजर्स की उत्पादकता (प्रोडक्टिविटी) में भी वृद्धि होती है।

ऑप्टिकल माउस को 1980 में डिजाइन किया गया था। इस माउस में रबर बॉल को हटा दिया गया और नई तकनीक ऑप्टिकल एलईडी का उपयोग किया गया। इस नए माउस ने माइक्रोकंट्रोलर प्रोसेसिंग पॉवर को और अधिक बढ़ा दिया। साथ ही इसकी लागत भी कम हो गई।

पहला वायरलेस माउस 1984 में पेश किया गया था। इस माउस में पूरे डेटा को कंप्यूटर में ट्रांसमिट करने के लिए इन्फ्रारेड (IR) सिग्नल का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन इस तकनीक में एक समस्या पैदा हो गई थी। कभी कभी वायरलेस माउस और कंप्यूटर के बीच स्पष्ट कनेक्शन नहीं हो पाता था। इस समस्या को दूर करने के लिए IR सिग्नल को रेडियो फ्रीक्वेंसी से बदल दिया गया था।

यहाँ पढ़ें: रैम क्या है ? (What is RAM?)
यहाँ पढ़ें: Pcie meaning in Hindi, PCI-E Full form Hindi,पीसीआई, PCIE kya hai?
यहाँ पढ़ें: CPU क्या है – What is CPU in Hindi – CPU Full Form Meaning in Hindi
यहाँ पढ़ें: Motherboard क्या है – What is Motherboard in Hindi ?

कंप्यूटर माउस के हिस्से और उनके कार्य (Parts of a mouse and its functions) | माउस के कितने भाग होते हैं?

भले ही कंप्यूटर माउस देखने में एक छोटा डिवाइस हो पर उसके विभिन्न भाग होते हैं। यहां हम माउस के सभी भागों और उनके कार्यों के बारे में चर्चा करेंगे।

बटन (Button)

आजकल हर माउस में दो बटन होते हैं, एक लेफ्ट और दूसरा राइट। इन बटनों की मदद से यूजर्स किसी भी ऑब्जेक्ट और टेक्स्ट में फेरबदल कर सकते हैं। पुराने समय में, कंप्यूटर माउस में केवल एक बटन होता था। उदाहरण के लिए, अधिकांश शुरुआती Apple कंप्यूटर माउस में केवल एक बटन शामिल था।

आधुनिक माउस में जब कोई यूजर माउस के एक बटन पर क्लिक करता है, तो वह स्क्रीन पर एक्टिविटी करने के लिए कंप्यूटर के साथ संचार (कम्युनिकेट) करता है। माउस के ये दो बटन (लेफ्ट और राइट) यूजर को कंप्यूटर पर अलग-अलग मैसेज को इनपुट करने की अनुमति देते हैं। यह यूजर्स द्वारा बाएं और दाएं बटन पर क्लिक करने पर आधारित होता है। एक कंप्यूटर सिस्टम आपके माउस ड्राइवर के कॉन्फ़िगरेशन के आधार पर बाएँ या दाएँ-क्लिक को समझता है।

बॉल/लेजर/एलईडी (Ball/laser/LED)

मैकेनिकल माउस में रबर बॉल होती है जो टेबल जैसी सपाट चीजों की सतह पर रोल करती है। ऑप्टिकल माउस में लेज़र या एलईडी होते हैं। ये भाग माउस को अलग अलग दिशाओं में गति को ट्रैक करने और माउस कर्सर को स्क्रीन पर ले जाने की अनुमति देते हैं।

माउस व्हील (Mouse wheel)

अपने डॉक्यूमेंट पेज को ऊपर और नीचे दिशा में स्क्रॉल करने के लिए माउस में व्हील का प्रयोग किया जाता है। कई माउस में कम से कम एक व्हील होता है जो कंप्यूटर पर स्क्रॉलिंग डेटा भेजने के लिए उपयोग किया जाता है।

उदाहरण के लिए, यदि आपका वर्तमान विंडो एक ब्राउज़र विंडो है, तो स्क्रॉल व्हील आपको उस विंडो को ऊपर और नीचे स्क्रॉल करने में मदद करेगा। कई माउस पर स्क्रॉल व्हील तीसरे बटन के रूप में भी कार्य करता है। कुछ मामलों में, स्क्रॉल बटन दबाने से स्क्रॉल मोड चालू या बंद हो जाएगा। यह मोड आपको व्हील घुमाने के बजाय पूरे माउस को घुमाकर स्क्रॉल करने की अनुमति देता है।

प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (Printed circuit board)

यह बोर्ड माउस के अंदर स्थापित एक सर्किट बोर्ड होता है। इसमें सभी इलेक्ट्रॉनिक्स घटक जैसे कैपेसिटर, डायोड और रजिस्टर आदि एम्बेडेड होते हैं। यह बोर्ड इलेक्ट्रॉनिक्स सिग्नल के रूप में इनपुट लेता है जब यूजर माउस द्वारा निर्देश देता है जैसे क्लिक करना, स्क्रॉलिंग, और बहुत कुछ। या यूं बोलें कि इसका उपयोग माउस सिग्नल की सभी सूचनाओं, क्लिकों और अन्य सूचनाओं को प्रसारित करने के लिए किया जाता है।

केबल/वायरलेस रिसीवर (Cable/wireless receiver)

कॉर्डेड (तार वाले) माउस में एक प्लग के साथ एक केबल होता है जो कंप्यूटर से जुड़ता है। यदि माउस वायरलेस है, तो उसे वायरलेस सिग्नल प्राप्त करने के लिए यूएसबी रिसीवर की आवश्यकता होती है, जैसे (ब्लूटूथ, इन्फ्रारेड, रेडियो सिग्नल), और फिर इससे कंप्यूटर में इनपुट दिया जाता है।।

बैटरी (Battery)

बैटरी का उपयोग वायरलेस माउस को चलाने के लिए किया जाता है। तार वाले मौज में इसकी जरूरत नहीं होती है। अगर वायरलेस माउस की बैटरी डाउन हो जाती है तो माउस ठीक से काम नहीं करेगा।

Mouse माइक्रोप्रोसेसर (Microprocessor)

यह एक ऐसा प्रोसेसर है जो माउस के सर्किट बोर्ड पर लगा होता है। माइक्रोप्रोसेसर माउस का दिमाग है, क्योंकि माइक्रोप्रोसेसर के बिना माउस के सभी घटक (कंपोनेंट्स) बेकार हैं।

यहाँ पढ़ें: GPU Kya hai ?
यहाँ पढ़ें: HDD vs SSD

माउस के उपयोग (Functions of a mouse)

Wireless mouse in Hindi

एक माउस कंप्यूटर पर विभिन्न कार्य करने में सक्षम है। हम सभी कार्यों को नीचे बताने जा रहे हैं।

How to use Mouse in Hindi ( Use of Left & Right Click, Scroll Button, Drag )

माउस पॉइंटर को मूव करना (Mouse cursor movement)

माउस का मुख्य कार्य स्क्रीन पर माउस कर्सर को अपनी मनचाही दिशा में ले जाना है। जब हम माउस को ऊपर या नीचे रोल करते हैं तो माउस कर्सर कंप्यूटर स्क्रीन पर चलता है।

चयन करना (Selection)

एक माउस यूजर को टेक्स्ट, फ़ाइल या फ़ोल्डर और कई फाइलों को एक साथ सलेक्ट करने का विकल्प प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, यदि आप किसी को मल्टीफाइल भेजना चाहते हैं, तो आप एक साथ कई फाइलों का चयन कर सकते हैं और उन्हें भेज सकते हैं। माउस का उपयोग करके यूजर किसी भी पिक्चर, टेक्स्ट, फ़ाइल और फ़ोल्डर आदि का चयन करने के साथ साथ कॉपी, डिलीट और पेस्ट जैसे अन्य कार्य भी कर सकता हैं।

प्रोग्राम खोलना या चलाना (Open and run a program)

आप माउस द्वारा एक फ़ोल्डर, आइकन या अन्य ऑब्जेक्ट को खोल सकते हैं। आपको कर्सर को किसी फ़ाइल, फ़ोल्डर या आइकन पर ले जाने की आवश्यकता है, फिर उस ऑब्जेक्ट पर डबल क्लिक करें जिसे आप खोलना या रन कराना चाहते हैं। माउस की मदद से, यूजर कई कार्य भी कर सकते हैं जैसे कि खुली फ़ाइल, फ़ोल्डर बंद करना, किसी भी विंडो को अधिकतम-न्यूनतम (maximize and minimise) करना, ऑब्जेक्ट खोलने के लिए डबल क्लिक और बहुत कुछ।

ड्रैग-एंड-ड्रॉप (Drag and drop)

जब आप कुछ सलेक्ट करते हैं, तो उसे ड्रैग-एंड-ड्रॉप विधि का उपयोग करके एक स्थान से दूसरे स्थान पर मूव किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले, आपको उस फ़ाइल या ऑब्जेक्ट को हाइलाइट करना होगा जिसे आप स्थानांतरित(ट्रांसफर) करना चाहते हैं। फिर, माउस बटन दबाते हुए इस फाइल को मूव करें और मनचाहे स्थान पर छोड़ दें।

होवरिंग (Hovering)

जब माउस कर्सर क्लिक करने वाले ऑब्जेक्ट (लिंक) पर आ जाता है तो माउस के किसी भी बटन को दबाए बिना सूचना प्रदर्शित (displaying information) करता है, और लिंक का रंग भी बदल देता है। उस हाइपरलिंक को दबाने के बाद, आप उस लिंक वाले पेज पर जा सकते हैं।

ऊपर और नीचे स्क्रॉल करें (Scrolling up and down)

यदि आप एक बड़ा वेब पेज देख रहे हैं या एक बड़े दस्तावेज़ पर काम कर रहे हैं, तो आपको एक एक पेज को ऊपर या नीचे स्क्रॉल करना होता है। माउस का स्क्रॉल बटन आपके दस्तावेज़ या वेब पेज को ऊपर और नीचे स्क्रॉल करने में मदद करता है। आप स्क्रॉल बार को क्लिक और ड्रैग भी कर सकते हैं।

गेम खेलना (Playing game)

माउस यूजर को विभिन्न गेम खेलने का विकल्प प्रदान करता है। गेम खेलते समय माउस का उपयोग किसी ऑब्जेक्ट को सलेक्ट करने के लिए किया जाता है।

संयोजन गतिविधियाँ (Combination activities)

माउस का उपयोग कई संयोजन गतिविधियों में किया जा सकता है। माउस के साथ कुछ कीबोर्ड की कुंजियों का उपयोग करके कई कार्य किए जा सकते हैं जैसे नई विंडो में हाइपरलिंक के लिए CTRL + माउस क्लिक और स्क्रीन को ज़ूम इन करने के लिए CTRL + स्क्रॉल करना आदि।

माउस के प्रकार (Types of mouse)

माउस के प्रकार | Types of mouse in hindi

कंप्यूटर के साथ विभिन्न प्रकार के माउस का उपयोग किया जाता है। आधुनिक समय में, एक ऑप्टिकल माउस एक डेस्कटॉप कंप्यूटर के लिए सबसे आम प्रकार के माउस में से एक है जो यूएसबी पोर्ट से जुड़ता है, जिसे यूएसबी माउस कहा जाता है। और टचपैड लैपटॉप कंप्यूटर के लिए उपयोग किया जाने वाला सबसे लोकप्रिय प्रकार का माउस है। कई प्रकार के माउस के साथ एक सूची नीचे दी गई है:

  1. ऑप्टिकल माउस
  2. जोस्टिक माउस
  3. यांत्रिक माउस
  4. कॉर्डलेस (वायरलेस) माउस
  5. फुटमाउस
  6. टचपैड (ग्लाइडपॉइंट) माउस
  7. ट्रैकबॉल माउस
  8. ट्रैकपाइंट माउस
  9. इंटेलीमाउस (व्हील माउस)
  10. लेजर माउस

1. ऑप्टिकल माउस (Optical mouse)

यह एक बेहतरीन कंप्यूटर पॉइंटिंग डिवाइस है, जिसे पहली बार 19 अप्रैल 1999 को माइक्रोसॉफ्ट द्वारा पेश किया गया था। यह एक लेजर या प्रकाश उत्सर्जक डायोड (एलईडी) का उपयोग करके गति को ट्रैक करता है। एक ऑप्टिकल माउस एक छोटे से कम-रिज़ॉल्यूशन कैमरे द्वारा प्रति सेकंड एक हजार से अधिक चित्र कैप्चर करता है।

1999 में, Microsoft द्वारा माउस को पेश करने से पहले, कई अलग-अलग कंपनियों और अन्वेषकों द्वारा एक ऑप्टिकल माउस का आविष्कार किया गया था। 1980 के दशक में, स्टीव किर्श और रिचर्ड लियोन दोनों ने अपने स्वयं के संस्करणों के साथ एक ऑप्टिकल माउस विकसित किया, जिसे काम करने के लिए एक विशेष सतह की आवश्यकता थी (कर्सर को स्थानांतरित करने हेतु)। एक ऑप्टिकल माउस वायरलेस और कॉर्डेड दोनों प्रकार के संस्करणों के साथ उपलब्ध है।

ऑप्टिकल माउस में रबर बॉल मैकेनिकल माउस के बजाय उन्नत तकनीक जैसे एलईडी (प्रकाश उत्सर्जक डायोड), ऑप्टिकल सेंसर और अन्य डीएसपी (डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग) का उपयोग किया जाता है। इसमें प्रकाश परावर्तित होने पर सेंसर द्वारा गति का पता लगाया जाता है। ऑप्टिकल माउस को साफ करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इसमें कोई गतिशील घटक (moving parts) नहीं है।

2. जॉयस्टिक माउस (Joystick mouse)

जॉयस्टिक एक इनपुट डिवाइस है जो सभी दिशाओं में चलती है और कंप्यूटर प्रोग्राम में मशीन या प्रतीक (symbol) को नियंत्रित करती है। यह काफी हद तक एक माउस की तरह है, सिवाय इसके कि यदि आप माउस को हिलाने के लिए रुकते हैं, तो कर्सर भी रुक जाएगा। लेकिन जॉयस्टिक के साथ, पॉइंटर रुकता नहीं है और जॉयस्टिक द्वारा इंगित की गई दिशा में लगातार चलता रहता है। पॉइंटर को रोकने के लिए आपको जॉयस्टिक को उसकी सीधी स्थिति में लौटाना होगा।

अधिकांश जॉयस्टिक में दो बटन होते हैं, जिन्हें ट्रिगर के रूप में जाना जाता है। इस प्रकार के माउस का उपयोग ज्यादातर वीडियो गेम और ग्राफिक एप्लिकेशन खेलने के लिए किया जाता है। जॉयस्टिक देखने में एक प्लास्टिक की छड़ी की तरह है।

आज, ज्यादातर जॉयस्टिक यूएसबी पोर्ट का उपयोग करके कंप्यूटर से जुड़ते हैं। विभिन्न प्रकार के पोर्ट हैं जो जॉयस्टिक को जोड़ने के लिए उपयोग किए जाते हैं जैसे ब्लूटूथ, सीरियल पोर्ट, यूएसबी, गेम पोर्ट।

3. मैकेनिकल माउस (Mechanical mouse)

यह एक ऐसा कंप्यूटर माउस है, जिसे बॉल माउस भी कहा जाता है। इसके नीचे की तरफ एक रबर या धातु की गेंद होती है। इसमें सेंसर होते हैं, जब यूजर माउस को किसी भी दिशा में ले जाता है, तो माउस के अंदर के सेंसर गति का पता लगाते हैं और माउस पॉइंटर को स्क्रीन पर उसी दिशा में ले जाते हैं। आज ऑप्टिकल माउस ने मैकेनिकल माउस का स्थान ले लिया गया है। इस प्रकार के माउस को कंप्यूटर से जोड़ने के लिए केबल (तार) की आवश्यकता होती है।

4. कॉर्डलेस (वायरलेस) माउस (Wireless mouse)

कॉर्डलेस माउस को वायरलेस माउस के रूप में भी जाना जाता है। इस प्रकार के माउस ब्लूटूथ, आरएफ, या इन्फ्रारेड तरंगों और रेडियो फ्रीक्वेंसी जैसी तकनीकों की सहायता से कंप्यूटर से जुड़े होते हैं। आमतौर पर, USB रिसीवर का उपयोग कंप्यूटर को वायरलेस माउस से जोड़ने के लिए किया जाता है, जिसे कंप्यूटर में प्लग किया जाता है और वायरलेस माउस से सिग्नल स्वीकार करता है।

5. फुटमाउस (Foot Mouse)

यह एक प्रकार का कंप्यूटर माउस है जो यूजर को अपने पैरों से माउस पॉइंटर या कर्सर को नियंत्रित करने की क्षमता प्रदान करता है। यूजर अपने हाथों को फ़ुटमाउस से बाधित किए बिना कीबोर्ड और माउस दोनों का एक साथ उपयोग कर सकता है। फुटमाउस विकसित करने का एक उदाहरण यह भी है कि यह विकलांग या गर्दन या उच्च पीठ की समस्याओं वाले यूजर्स के लिए अधिक फायदेमंद है। फुट माउस का प्रयोग वे लोग करते हैं जो अपने हाथों या भुजाओं से माउस का प्रयोग करने में असमर्थ होते हैं।

6. टचपैड (Touch pad)

यह एक सपाट सतह होता है। इसका प्रयोग उंगलियों से कर्सर को स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। यह मुख्य रूप से लैपटॉप पर देखा जाता है। इससे बाहरी माउस के उपयोग से मुक्ति मिल जाती है। इसे आपकी उंगली से संचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

टचपैड की सपाट सतह पर अपनी उंगलियों को खींचकर, आप माउस कर्सर को स्क्रीन पर वांछित दिशा में ले जा सकते हैं। इसके स्पर्श सतह के नीचे दो बटन भी शामिल हैं, जो क्रमशः बाएँ और दाएँ-क्लिक बटन के अनुरूप हैं।

7. ट्रैकबॉल माउस (Trackball mouse)

यह एक हार्डवेयर इनपुट डिवाइस है जो माउस के समान कार्य करता है, लेकिन इसमें शीर्ष पर एक मूवेबल बॉल शामिल होती है जो उपयोगकर्ताओं को कर्सर को किसी भी दिशा में ले जाने की अनुमति देती है। इसे एक उल्टा माउस की तरह डिज़ाइन किया गया है, जिसे नियमित माउस की तुलना में कम हाथ और कलाई की गति की आवश्यकता होती है। क्योंकि, पूरे माउस को हिलाने के बजाय, आपको गति इनपुट उत्पन्न करने के लिए केवल चलने योग्य गेंद को अपने हाथ से रोल करने की आवश्यकता होती है।

8. ट्रैकपॉइंट माउस (Trackpoint mouse)

सन् 1992 में, IBM ने पोर्टेबल कंप्यूटर के साथ उपयोग किया जाने वाला पहला ट्रैकपॉइंट माउस पेश किया। कभी-कभी, इसे इरेज़र पॉइंटर कहा जाता है, क्योंकि यह पेंसिल के इरेज़र हेड जैसा दिखता है। यह कीबोर्ड के बीच में “G,” “H,” और “B” बताने के बीच स्थित होता है। इस प्वाइंटिंग स्टिक, स्टाइल प्वाइंटर और नब (nub) के नाम से भी जाना जाता है।

9.  इंटेली माउस (Intelli Mouse)

इंटेली माउस को व्हील माउस या स्क्रॉल माउस के रूप में भी जाना जाता है। इस माउस को Microsoft द्वारा 1996 में डिज़ाइन किया गया था। इसका व्हील बाएँ और दाएँ बटन के बीच में स्थित होता है। यूजर किसी भी दस्तावेज़ पृष्ठ को ऊपर और नीचे स्क्रॉल करने के लिए माउस के व्हील का उपयोग कर सकते हैं।

10. लेजर माउस (Laser mouse)

लेजर माउस माउस एक तरह का ऑप्टिकल माउस है जिसमे गति की पहचान करने के लिए लेजर लाइट का उपयोग करता है। इसकी सटीकता अन्य ऑप्टिकल माउस की तुलना में अच्छी होती है। इसका इस्तेमाल माउस गेमिंग, ग्राफिक और इंजीनियरिंग डिज़ाइन के लिए उपयोग करते हैं, जहां सटीकता की आवश्यकता है।

Leave a Comment