महर्षि दधीचि की कहानी | Maharishi Dadhichi Story In Hindi | दधीचि ऋषि की कहानी

महर्षि दधीचि जीवन परिचय, महर्षि दधीचि जीवन परिचय, दधीचि ऋषि का जन्म, दधीचि ऋषि की वंशावली, महर्षि दधीचि का आश्रम, दधीचि ऋषि के पुत्र, दधीचि की हड्डियों का क्या बना, ऋषि दधीचि की कथा किस पुस्तक में है, महर्षि दधीचि फोटो


महर्षि दधीचि की कहानी | Maharishi Dadhichi Story In Hindi | दधीचि ऋषि की कहानी

असुर सेना के आक्रमण से डरकर इंद्र दधीचि ऋषि के पास सहायता मांगने और उनसे हर तरह के भय को दूर करने वाली मधु विद्या का पाठ सीखने पहुंचे। दधीचि इंद्र को मधु विद्या देने पर सहमत हो गए। इंद्र ने तभी उन्हें चेतावनी दी, ” अगर आप यह विद्या किसी और को देंगे तो मैं आपका सिर काट डालूंगा।”

Maharishi Dadhichi
Maharishi Dadhichi

मधु विद्या सीखने के बाद इंद्र का मुख चमकने लगा। उनके मुख का तेज देखकर अश्विनी कुमारों ने भी मधु विद्या सीखने की इच्छा जताई। वे दधीचि के पास गए लेकिन उन्होंने अश्विनी कुमारों को अपने वचन के बारे में बता दिया।

अश्विनी कुमारों ने तय किया कि अगर वे दधीचि के सिर की जगह घोड़े का सिर लगा दे तो इंद्र को मूर्ख बनाया जा सकता है। योजना के अनुसार दधीचि ने घोड़े का सिर लगाकर अश्विनी कुमारों को मधु विद्या सिखाने शुरू कर दी।

जब इंद्र को यह पता चला तो उन्होंने दधीचि के घोड़े वाले सिर को काट कर अलग कर दिया। इंद्र के जाते ही अश्विनी कुमारों ने दधीचि के घर पर फिर से उनका मूल सिर लगा दिया।

यहाँ पढ़ें : वाल्मीकि की कहानी
भर्तृहरि की कहानी
गंगा अवतरण कथा
राजा ययाति की कहानी

महर्षि दधीचि की कहानी | इंद्र ने दधीचि का सर क्यों काट दिया था | Story of Maharishi Dadhichi |

Maharishi Dadhichi

reference
Maharishi Dadhichi

Leave a Comment