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आयुर्वेद में एलोवेरा के फायदे एवं एलोवेरा के उपयोग – Benefits and uses of Aloe vera in Ayurveda in hindi

एलोवेरा, जिसे आयुर्वेद में घृतकुमारी भी कहते है, एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है। घृतकुमारी के गुणों का उल्लेख ऋग्वेद में भी पाया जा सकता है। इसका उपयोग चिकित्सा क्षेत्र के अलावा सौंदर्य बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। आज कल कॉस्मेटिक क्षेत्रो में भी इसकी मांग बढ़ रही है। इसके व्यापक औषधीय गुणों के कारण यह औषधि आयुर्वेदिक चिकित्सको में बहुत प्रसिद्ध है।

एलोवेरा नाम दो शब्दों से बना है – एलो जिसका अरेबिक में मतलब होता है “चमकता हुआ कड़वा पदार्थ” और वेरा जिसका लैटिन में अर्थ होता है “खरा”। मिस्र के लोगों ने इसे अमरत्व का पौधा भी कहा है।

भारत के अलावा एलोवेरा का औषधिय उपयोग चीन, ग्रीस, मिस्र, मेक्सिको और जापान जैसी संकृतिओ में भी किया जा रहा है। मिस्र की रानियाँ सौंदर्य बढ़ाने के लिए इसका उपयोग नियमित तौर पे करती थी। इसके अतिरिक्त, इसका उपयोग सिकंदर और कोलंबस के सैनिकों द्वारा अपने घाव भरने के लिए किया जाता था। १९वीं सदी की शुरुआत में अमेरिका द्वारा एलोवेरा का उपयोग रेचक (पेट साफ़ करने वाली) औषधि की तरह भी किया जाता था।

यहाँ पढ़ें : ayurveda ke anusar dincharya

हिंदी में एलोवेरा को ग्वारपाठा और घीकवार के नाम से भी जाना जाता है। इसकी उत्पत्ति उत्तर अफ्रीका में हुई पर अब ये पूरी दुनिया में फैल चुका है। दुनिया में २६ अलग अलग एलोवेरा के प्रकार पाए जाता है।भारत मे एलोवेरा का पौधा गुजरात, राजस्थान, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे सूखे प्रदेशों में विशेष रूप से पाया जाता है। आयुर्वेद में एलोवेरा के लाभ बताये गए है। आज हम एलोवेरा के औषधीय गुण के साथ साथ एलोवेरा के फायदे और नुकसान के बारे में चर्चा  करेंगे।

एलोवेरा : विटामिन्स एवं मिनरल्स का भरपूर स्रोत

एलोवेरा में कई उपयोगी विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते है जो की हमारे शरीर के समस्त विकास के लिए अनिवार्य है।

विटामिन्स: एलोवेरा में विटामिन ए (बीटा कैरोटीन), विटामिन सी और विटामिन इ पाए जाते है जो की एंटीऑक्सिडेंट्स है। इसके अतिरिक्त, इसमें विटामिन बी-१२, फोलिक एसिड और कॉलिन भी पाए जाते है। एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर में से फ्री रेडिकल्स को कम करता है और कोशिकाओं को हानि होने से बचाते है।

मिनरल्स: एलोवेरा कैल्शियम, क्रोमियम, कॉपर, सेलेनियम, मैग्नीशियम, मेंगेनीज़, पोटैशियम, सोडियम और जिंक जैसे मिनरल्स का एक अच्छा स्रोत है। ये सब मिनरल्स हमारे शरीर के सामान्य कामकाज और समस्त विकास के लिए अनिवार्य है।

इसके अलावा एलोवेरा में ७५ से अधिक प्रकार के महत्वपूर्ण रसायन पाए जाते है जो हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी है।

एलोवेरा के आयुर्वेदिक घटक

आयुर्वेद में सभी औषधियो का वर्णन उसके पांच घटक – रस, गुण, वीर्य, विपाक और उसके कर्म से किया जाता है जिसे रसपंचक भी कहते है।

ayurveda anusar aloe vera ke fayde in hindi

एलोवेरा के फायदे – Benefits of Aloe Vera

आयुर्वेद में एलोवेरा के फायदे अनेक बताये गए है। इसके तिक्त रस (कड़वे स्वाद) की वजह से ये मधुमेह (डायबिटीज़) में शुगर लेवल घटाने में मदद करता है। इसके अलावा ये रेचक (पेट साफ़ करता है), आँखों के लिए हितकारक, कायकल्पीय, शरीर को बल प्रदान करने वाला और सभी दोषों को संतुलित करने वाला है।

एलोवेरा के फायदे :

  • शुगर लेवल कम करता है
  • घाव भरने में मदद करता है
  • त्वचा को मुलायम बनाता है
  • त्वचा को मॉइस्चराइज़ करता है
  • एंटी एजिंग (बुढ़ापे को स्थगित करता है)
  • कब्ज़ में असरकारक है
  • वजन घटाता है
  • कोलेस्ट्रॉल लेवल्स को बैलेंस करता है
  • चेहरे पर पिम्पल्स को कम करता है
  • एंटी सेप्टिक है

एक अनुसंधान के अनुसार एलोवेरा के सेवन से कैलोजन की मात्रा बढ़ती है जिससे घाव जल्दी भरता है। पाया गया है की एलोवेरा त्वचा को यु.वी. किरणों के हानिकारक असरो से भी बचाता है। एलोवेरा में एंटी एजिंग प्रॉपर्टीज भी पायी गई है और ये शरीर के लिए मॉइस्चराइजर की तरह भी काम करता है। इसके एंटी सेप्टिक गुण धर्म की वजह से इसका उपयोग वायरस और बैक्टीरिया से होने वाले त्वचा के रोगों में भी किया जाता है।

एलोवेरा के उपयोग – Uses of Aloe Vera

एलोवेरा का उपयोग हम कई अलग अलग रूप से कर सकते है। मुख्य तौर पे एलोवेरा जेल और जूस का उपयोग किया जाता है। आयुर्वेद में अनेक एलोवेरा के उपयोग बताये गए है। आपको एलोवेरा जेल कोई भी मेडिकल स्टोर पर मिल जायेगा या फिर नीचे दिखाई गई प्रक्रिया की मदद से आप घर पर भी बना सकते है।

एलोवेरा जेल घर पर कैसे बनाये? – How to make Aloe vera gel at home?

  1. सबसे पहले, एलोवेरा जेल बनाने के लिए एक हरे और बड़े पत्ते को लेकर पानी से अच्छे से साफ़ करलें।
  2. अब उस पत्ते को १० मिनट तक किसी भी कटोरे पर ऐसे ही खड़ा रख दे जिससे उसमे से पिले रंग का अनावश्यक रेसिन निकल जायेगा। यह रेसिन निकालना अनिवार्य है अन्य था यह त्वचा पर खुजली वग़ैरा कर सकता है।
  3. अब चाकू की मदद से एलोवेरा की बाहरी मोटी सतह को निकल दे और चम्मच की मदद से अंदर के पार दर्शक प्राकृतिक जेल को ब्लेंडर में दाल दे।
  4. अब इसे १५-२० सेकंड तक अच्छे से ब्लेंड करे और आपका एलोवेरा जेल उपयोग के लिए तैयार है।
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एलोवेरा जेल का प्रयोग – Uses of Aloe Vera gel

1. चेहरे के लिए : एलोवेरा जेल एक अच्छा क्लीन्ज़र है। नियमित तौर पे इसका उपयोग करने से चेहरे पर से डेड स्किन सेल्स और धूल मिट्टी वगैरह हटते है और चेहरे पर एक अलग निखार आ जाता है। इसके अतिरिक्त, एलोवेरा में एंटी सेप्टिक गुण होने के कारण यह चेहरे पर से पिंपल्स वगैरह भी हटाता है और एक साफ़ और ख़िला हुआ चेहरा प्रदान करता है।

उत्तम परिणाम के लिए रोज रात को सोने से पहले चेहरे पर एलोवेरा जेल का हलके से मसाज करें और सुबह ठंडे पानी से चेहरा धो ले। आप एलोवेरा जेल के साथ गुलाब जल, मुलतानी मिट्टी, चंदन, बेसन या फिर हलदी मिलाकर फेसपैक भी बना सकते है। फेसपैक को चेहरे पर लगाकर १५-२० मिनट बाद पानी से धो लेना है और परिणाम देख कर आप खुद आश्चर्यचकित हो जायेंगे।

2. त्वचा के लिए : एलोवेरा जेल को त्वचा पर लगाने से त्वचा को पोषण मिलता है एवं हाइड्रेट करता है। यह त्वचा पर होने वाले रिंकल्स को भी कम करता है और जलने के दाग, धुप की कालिमा, इन्फेक्शन और एलर्जी इत्यादि जैसे कई विकारो में असरकारक है।

बेहतर परिणाम के लिए आप चाहे तो एलोवेरा के साथ साथ मुलतानी मिट्टी, गुलाब जल, निम्बू रस या फिर हल्दी मिलाकर प्रयोग भी कर सकते है।

3. घाव के लिए : एलोवेरा जेल घाव को जल्दी भरने में मदद करता है। घाव की जगह पर एलोवेरा जेल लगाने से घाव जल्दी भर जाता है और शरीर को आराम मिलता है। घाव के दौरान एलोवेरा के जूस का भी सेवन हितकारक साबित हुआ है। एलोवेरा में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते है जिसकी वजह से अंधरुनि सूजन कम होती है और दर्द कम होता है। घाव पर एलोवेरा जेल के साथ साथ हल्दी का भी प्रयोग किया जा सकता है।

4. बालों के लिए : एलोवेरा जेल को बालों में लगाने से बाल घने और सुनहरे हो जाते है। यह बालों को सूखने और झड़ने से बचाता है। एलोवेरा जेल बालों को पोषण प्रदान करता है और उनके विकास में मदद रूप बनता है।

एलोवेरा जेल में निम्बू के रस को मिलाकर बालों में हलके हाथों से लगा दे। फिर, बालों को १५-२० मिनट तक गरम तौलिये में लपेट कर रखे और आखिर में बालों को गुनगुने पानी से शैम्पू कर ले। ये प्रक्रिया को हफ्ते में १-२ बार करने से बाल घने और रेशमी बन जाते है।

एलोवेरा जूस घर पर कैसे निकाले? – How to make Aloe Vera juice at home?

  1. सबसे पहले, एलोवेरा जूस बनाने के लिए एक हरे और बड़े पत्ते को ले और पानी से अच्छे से साफ़ करलें।
  2. अब उस पत्ते को १० मिनट तक किसी भी कटोरे पर ऐसे ही खड़ा रख दे जिससे उसमे से पिले रंग का अनावश्यक रेसिन निकल जायेगा। यह रेसिन निकालना अनिवार्य है अन्य था यह त्वचा पर खुजली वग़ैरा कर सकता है।
  3. चाक़ू की मदद से उसके कांटो को हटा दे और पूरे पत्ते को छोटे छोटे टुकड़ो में काट ले।
  4. अब सब टुकड़े को ब्लेंडर में दाल कर अच्छे से ब्लेंड कर ले।
  5. आप इसके अंदर एक निम्बू भी निचोड़ सकते है।
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एलोवेरा जूस का प्रयोग – Uses of Aloe Vera juice

  1. मधुमेह (डायबिटीज़) : एलोवेरा जूस का नियमित सेवन ब्लड सुगर लेवल को कम करता है और यह टाइप-II डायबिटीज़ में असरदायक साबित हुआ है। डायबिटीज़ के मरीज़ हर रोज १०० – १५० मिली तक एलोवेरा जूस का सेवन कर सकते है और उत्तम परिणाम हासिल कर सकते है।
  1. वजन घटाने के लिए : एलोवेरा जूस के नियमित सेवन से शरीर में मेटाबोलिजम बढ़ता है और शरीर डिटॉक्सीफाई होता है और अतिरिक्त चरबी कम हो जाती है और वजन कम हो जाता है। आम तौर पर मोटापे से परेशान मरीज़ों को प्रतिदिन २० मिली एलोवेरा जूस का आमला, तुलसी या गिलोय के रस के साथ सेवन करने की सलाह दी जाती है।
  1. कब्ज़ के लिए : एलोवेरा एक अच्छा रेचक है। यह हमारे पाचनतंत्र की सफाई करने में मदद करता है। कब्ज़ से पीड़ित मरीज़ों को एलोवेरा का जूस पिलाने से उन्हें राहत मिलती है।
  1. कोलेस्ट्रॉल के लिए : एक अनुसंधान के अनुसार एलोवेरा के नियमित सेवन से शरीर में बनने वाले बेड कोलेस्टेरोल की मात्रा ३०% तक काम की जा सकती है।

इसके अतिरिक्त एलोवेरा के कई और फायदे और है जिसपर अभी अनुसंधान करना बाकी है। एलोवेरा सच में एक जादुई औषधि है।

एलोवेरा के नुकशान (साइड इफेक्ट्स) – Side effects of Aloe Vera

हमने एलोवेरा के फायदे और एलोवेरा के उपयोग देखे। लेकिन अगर एलोवेरा का अत्यधिक मात्रा में सेवन किया जाए या फिर अगर आपके शरीर में एलर्जी हो तो साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते है, जैसे की:

त्वचा पर लगाने पर : त्वचा का रंग लाल हो जाना, खुजली आना, त्वचा में चुभन महसूस होना आदि एलोवेरा के साइड इफेक्ट्स है। त्वचा पर पहली बार उपयोग करने से पहले हमेशा थोड़ा जेल थोड़े हिस्से पर लगाकर एलर्जी के लिए जांच कर लेनी चाहिए।

एलोवेरा के सेवन पर : पेट में मरोड़, अतिसार, लाल रंग का मूत्र आदि इसके साइड इफेक्ट्स है। एलोवेरा के अत्यधिक सेवन से कोलन कैंसर की संभावना भी बढ़ जाती है।

ध्यान दे : यहाँ बताये गए एलोवेरा के फायदे और एलोवेरा के उपयोग मात्र आपकी शिक्षा हेतु के लिए है। साइड इफेक्ट्स दिखने पर सेवन को तुरंत ही रोक दे और अपने चिकित्सक की सलाह ले।

Reference –

Written by Vishal Dave

I am Vishal Dave from Surendranagar, Gujarat. I am currently pursuing a bachelor's degree in Ayurveda and I am very much passionate about writing.

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