तेजस्वी यादव की जीवनी – Indian Politician

सत्ता के गलियारों में बिहार की सियासी बिसात आजादी के पहले से ही बुलंद रही है। देश की आजादी से लेकर वर्तमान राजनीति तक, बिहार के जिक्र के बिना हर किस्सा अधूरा है। शायद यही कारण है कि आजाद भारत की शुरूआत से नए भारत के आगाज तक बिहार की राजनीति से सरोकार रखने वाली कई हस्तियों को आम से खास बनने में देर नहीं लगी।

ऐसे में बिहार की सियासत से सरोकार रखने वाली एक राजनीतिक शख्सियत, जिसने परिवार की राजनीतिक विरासत से परे क्रिकेट को अपना करियर चुना। क्रिकेट के मैदान में किस्मत आजमाने के बाद राजनीति की पिच पर भी शानदार ओपनिंग करते हुए उन्होंने सबसे युवा उपमुख्यमंत्री के तौर पर राज्य की कमान संभाली। वर्तमान दौर में बतौर विपक्षी नेता बिहार की सियासत में एक्टिव रहने वाली मशहूर राजनीतिक शख्सियत हैं तेजस्वी यादव…।

नाम (Tejashwi Yadav) तेजस्वी यादव
जन्म तिथि (birthday)9 नवंबर 1989
जन्मस्थान (Places) गोपालगंज बिहार
आयु (age) 31
पिता (father) लालू प्रसाद यादव
माता (mother) राबड़ी देवी
भाई (brother) तेज प्रताप यादव
बहन (sister) मीसा भारती
राजनीतिक पार्टी (political party) राष्ट्रीय जनता दल (RJD)
Tejashwi Yadav

तेजस्वी यादव का शुरूआती जीवन (Tejashwi Yadav biography)

तेजस्वी यादव का जन्म 9 नवंबर 1989 को बिहार के गोपालगंज में हुआ था। बिहार के मशहूर राजनीतिक परिवार(tejashwi yadav family) से ताल्लुक रखने वाले तेजस्वी यादव के पिता लालू प्रसाद यादव और माता राबड़ी देवी बिहार विधानसभा क हिस्सा होने के साथ-साथ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। वहीं लालू यादव और राबड़ी देवी के सभी बच्चों में तेजस्वी यादव सबसे छोटे बेटे हैं।

Tejashwi Yadav

बिहार की राजधानी पटना से अपने स्कूली शिक्षा की शुरूआत करने के बाद तेजस्वी यादव बहुत कम उम्र में देश की राजधानी दिल्ली चले गए। दरअसल उन दिनों तेजस्वी यादव की बहन मीसा भारती दिल्ली विश्वविद्यालय से MBBS की पढ़ाई कर रहीं थीं। जिसके चलते तेजस्वी को भी मीसा के साथ दिल्ली जाना पड़ा।

तेजस्वी यादव ने दिल्ली के वसंत विहार स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (tejashwi yadav education) से पाचंवी कक्षा तक की पढ़ाई की। इस दौरान तेजस्वी स्कूल की क्रिकेट टीम के कप्तान भी रहे। यही वो दौर था जब नन्हीं सी उम्र में क्रिकेट का कीड़ा तेजस्वी के मन में घर कर गया और उन्होंने खेल के मैदान में अपना भविष्य देखना शुरू कर दिया था।

छठवीं कक्षा से तेजस्वी ने आर.के.पुरम स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (tejashwi yadavdpsrkpuram) में दाखिला लिया। तेजस्वी यादव स्कूल के दिनों में काफी शर्मिले और संकोची स्वाभाव के थे। लेकिन जब बात क्रिकेट की आती तो उनका सारा संकोच पलक झपकते फुर्र हो जाता और उनके शानदार प्रदर्शन को देखकर सभी दंग रह जाते थे।

तेजस्वी यादव का क्रिकेट करियर (tejashwi yadav cricket career)

Tejashwi Yadav
Tejashwi Yadav

क्रिकेट को लेकर तेजस्वी की दिलचस्पी दिन-ब-दिन परवान चढ़ने लगी। उनकी मेहनत और लगन का ही नतीजा था कि महज 13 साल की उम्र में ही तेजस्वी यादव दिल्ली की अंडर-15 टीम का हिस्सा बन गए।

जिस टीम में तेजस्वी शामिल हुए थे, उसकी अगुवाई बतौर कप्तान विराट कोहली (tejashwi yadav and virat kohli)कर रहे थे, तो वहीं इस दौरान तेजस्वी ने इंशात शर्मा के साथ मिल कर कई मैच विनिंग पाटर्नशिप भी खेली।

इसके साथ तेजस्वी ने क्रिकेट के रूप में अपने करियर का चुनाव करते हुए पढ़ाई को विराम देने का फैसला किया और उन्होंने अपनी दसवीं की स्कूली शिक्षा को बीच में छोड़ दिया। जिसके बाद तेजस्वी ने अपना पूरा समय अपने हुनर को निखारने में लगाया और इस युवा खिलाड़ी को उसके बेहतरीन प्रदर्शन के कारण दिल्ली की अंडर 17 और अंडर 19 टीम के लिए चुन लिया गया।

वहीं 2008 में तेजस्वी यादव की मेहनत रंग लाई और तेजस्वी अंडर-19 भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम (tejaswiyadav u19) का हिस्सा बन गए।

IPL का हिस्सा बने तेजस्वी यादव (tejashwiyadav cricket ipl)

साल 2008 में तेजस्वी यादव का सेलेक्शन देश के मशहूर टूर्नामेंट इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में हो गया। जाहिर है IPL में तेजस्वी का चुनाव किसी सपने के साकार होने जैसा ही था। दिल्ली डेयरडेविल्स (tejashwi yadav delhi daredevils) का हिस्सा बने तेजस्वी लगातार 4 सालों यानी 2012 तक टीम में रहे। हालांकि रिजर्व सीट का खिलाड़ी (tejashwi yadav ipl career) होने के कारण तेजस्वीइस मौके को बखूबी भूनाने में कामयाब न हो सके।

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झारखंड क्रिकेट टीम में शामिल हुए तेजस्वी

IPL के अलावा तेजस्वी 2009 में झारखंड क्रिकेट टीम में शामिल हुए। इस दौरान बतौर गेंदबाज तेजस्वी ने 4 T-20 मैच खेले। जिसके बाद तेजस्वी विदर्भा क्रिकेट टीम के खिलाफ टेस्ट मैच खेलने के लिए पिच पर उतरे। इस मैच में जहां तेजस्वी सातवें नंबर के बल्लेबाज रहे तो वहीं उन्होंने पांच ओवरों में शानदार गेंदबाजी भी की।

जिसके बाद साल 2010 में तेजस्वी ने ओडिशा क्रिकेट टीम और त्रिपुरा क्रिकेट टीम के खिलाफ मैच खेला। तेजस्वी की टीम ओडिशा के खिलाफ अपना पहला मैच हार गयी, वहीं त्रिपुरा के खिलाफ होने वाले दूसरे मैच में उन्हें जीत हासिल हुई। इस मैच में तेजस्वी ने त्रिपुरा का एक विकेट भी झटका था।

Tejashwi Yadav
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तेजस्वी यादव का क्रिकेट को अलविदा

क्रिकेट के मैदान में तेजस्वी के करियर ने उड़ान भरना शुरू ही किया था, कि साल 2013 में अचानक उन्होंने क्रिकेट छोड़ने का फैसला कर सभी को हैरान कर दिया। तेजस्वी के इस एलान ने खेल जगत से लेकर सियासी गलियारों तक जमकर सूर्खियां बटोरी।

क्रिकेट को अलविदा कहने की खबर के बाद जहां कई लोगों ने इस फैसले का ठीकरा क्रिकेट में तेजस्वी की नाकामयाबियों पर फोड़ दिया, तो वहीं कई राजनीतिक नुमाइंदे तेजस्वी के इस फैसले को सियासी जामा पहनाने में जुटे गए।

हालांकि इन अफवाहों पर उस वक्त विराम लग गया जब तेजस्वी ने अपने एक इंटरव्यू (tejaswi yadav interview) में क्रिकेट छोड़ने के कारणों का जिक्र किया। तेजस्वी के मुताबिक,हर राज्य की क्रिकेट टीमें अपने राज्य के खिलाड़ियों को मौका देना पसंद करती हैं। वहीं बिहार राज्य का क्रिकेट बोर्ड न होने के कारण बिहार के खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों की टीम में दाखिला लेना पड़ता है, जहां उन्हीं राज्य के युवा खिलाड़ियों को अधिक प्राथमिकता दी जाती हैऔर दूसरे राज्यों से आए खिलाड़ियों के लिए सीमित विकल्प ही होतें हैं।

तेजस्वी यादव की राजनीतिक पिच पर एंट्री (Tejashwi Yadav political career)

Tejashwi Yadav
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खेल के मैदान को अलविदा कहने के बाद तेजस्वी ने सियासत की पिच पर कदम रखा। बिहार की राजनीति में तेजस्वी की एंट्री जितनी खास थी, देश की राजनीति भी उतना ही दिलचस्प रुख अख्तियार कर चुकी थी।

दरअसल यही वो दौर था, जब 2014 के आम चुनावों का आगाज होने वाला था, तो दूसरी तरफ मोदी लहर दिल्ली की गद्दी पर दस्तक देने को तैयार थी। इन चुनावों के नतीजे चौकानें वाले थे। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार बीजेपी के रूप में किसी गैर कांग्रेस सरकार ने प्रचंड बहुमत के साथ देश की कमान संभाली थी।

बिहार विधानसभा चुनावों का आगाज (bihar election 2015)

इन्हीं राजनीतिक समीकरणों के बीच बिहार में भी ठीक अगले साल यानी 2015 में विधानसभा चुनावों का एलान हो गया था। जहां एक तरफ हाल ही में सत्ता के गलियारों से रूबरू हुए तेजस्वी बिहार की सरजमीं पर पार्टी की नींव मजबूत करने में जुटे थे, तो दूसरी तरफ मोदी-शाह के विजयरथ ने बिहार का रुख कर लिया था।

जाहिर है समूचे देश में मची ‘अबकी बार मोदी सरकार’ की गूंज से बिहार भी अछूता नहीं था। ऐसे में राजद के सामने एक तरफ बीजेपी थी, तो दूसरी तरफ नीतीश कुमार के नेतृत्व में जनता दल यूनाइटेड (JDU)।

महागठबंधन सरकार और तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने बिहार के राघवपुर सीट (tejaswi yadav constituency) को अपना चुनावी क्षेत्र चुना और पूरे जोर-शोर के साथ पार्टी के प्रचार-प्रसार (tejaswi yadav election campaign) में जुट गए। तेजस्वी की इस ग्रैंड एंट्री को जनता ने भी हरी झंडी दिखा दी और चुनावों के नतीजों में तेजस्वी ने 91,236वोटों (tejaswi yadavmla) के साथ जीत दर्ज की।

हालांकि तेजस्वी की यह जीत अब तक फीकी थी, क्योंकि राजद (tejashwi yadavrjd) बहुमत हासिल करने में नाकाम रही। वहींराजद, जदयू और कांग्रेस ने मिलकर राज्य में गठबंधन सरकार (tejaswi yadav gathbandhan) बनाने का फैसला किया। तीनों पार्टियों की इस साझेदारी को महागठबंधन (tejashwiyadav grand alliance) करार दिया गया और बिहार की जनता ने भी इस साझेदारी को कुबूल कर लिया।

उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (vice chief minister tejaswi yadav)

Tejashwi Yadav
Tejashwi Yadav

महागठबंधन सरकार ने बिहार का दारोमदार संभाला और मुखयमंत्री बने नीतीश कुमार (tejashwi yadav nitishkumar)। इसके साथ ही युवा विधायक तेजस्वी यादव न सिर्फ नीतीश की पांचवी कैबिनेट का हिस्सा बने बल्कि सबसे कम उम्र में बिहार के उपमुख्यमंत्री बनने वाली पहली शख्सियत बन गए।

IRCTC घोटाला और CBI जांच (irctc scam)

2015 में महागठबंधन सरकार के कार्यकाल शुरू होने के महज कुछ ही दिनों बाद राजद जांच के कठघरे में आ गयी। दरअसल 2004 में राजद के कार्यकाल के दौरानचारा घोटाले मामले और IRCTC घोटाले की पोल खुली तो CBI ने लालू यादव और राबड़ी देवी सहित कई लोगों पर जांच का शिकंजा कस दिया।

2017 में CBI की अपील पर संज्ञान लेते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने लालू यादव को हिरासत में ले लिया।लालू यादव के जेल जाने से बिहार में सियासी सरगर्मी तेज हो गयी और सत्ता डगमगाने की सुगबुगाहटों पर उस वक्त मुहर लग गयी जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद के साथ महागठबंधन तोड़ते हुए बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया।

विपक्ष के नेता के रूप में तेजस्वी यादव (tejaswiyadav leader of opposition)

महज दो सालों तक उपमुख्यमंत्री रहे तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता बन गए। वहीं लालू यादव के जेल जाने के बाद तेजस्वी को पार्टी की कमान भी संभालनी पड़ी।

विपक्ष के नेता को तौर पर भी तेजस्वी बिहार की जनता के चहेते बने रहे। जिसका सबसे बड़ा कारण था कि बतौर विपक्षी नेता तेजस्वी अकसर विधानसभा से लेकर सड़क तक बिहार की जनता की आवाज बुलंद करते हुए सत्ता को सवालों कठघरे में खड़ा करते रहे हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 (biharelection 2020)

इसी कड़ी में साल 2020 में एक बार फिर बिहार में विधानसभा चुनावों का शंखनाद हुआ। हालांकि इन चुनावों के आगाज तक तेजस्वी राजनीति के दाव-पेंच बखूबी वाकिफ हो चुके थे। वहीं इन पांच सालों के दौरान तेजस्वी (tejaswi yadav vidhansabha seat)बिहार की जनता के कहीं ज्यादा करीब आ चुके थे, जिसका फायदा उन्हें इन आगामी चुनावों में होना लगभग तय था।

इन चुनावों में तेजस्वी एक बार फिर राघवपुर सीट (tejaswi yadav constituency 2020) से विधायक (tejaswi yadav mla) बनकर बिहार विधानसभा पहुंचे। नतीजों में जहां तेजस्वी को 96,786 मत मिले (tejaswi yadav election result), वहीं उन्होंने 37,760 मतों के बड़े अंतर से बीजेपी के सतीश कुमार को पीछे छोड़ दिया।

इस दौरान बिहार की 243 सीटों पर हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे तो राजद के पक्ष में रहे लेकिन पार्टी बहुमत पाने से एक बार फिर चूक गयी। हालांकि 23.1 फीसदी वोटों के साथ राजद(tejaswiyadav election result)राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बन गयी, वहीं 19.46 वोटों के साथ बीजेपी दूसरे नंबर पर रही।

पार्टी सीटें कुल मतवोट फीसदी
राजद (RJD)75 97,36,242 23.1
बीजेपी (BJP)7482,01,40819.46
जदयू (JDU)4364,83,41415.4
कांग्रेस (INC)1939,95,0039.5
लाजपा (LJP)123,83,4575.66
AIMIM55,23,2791.24
Tejashwi Yadav

इन चुनावों के नतीजों  के साथ ही बीजेपी और जदयू ने गठबंधन कर सरकार बनायी और नीतीश कुमार (tejaswi yadav vsnitishkumar)ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की। वहीं तेजस्वी यादव भी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता के रूप में बिहार विधानसभा में काबिज हुए।

Reference-
28 November 2020, biography of Tejashwi Yadav, wikipedia

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