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सुखासन करने केे तरीके, लाभ, सावधानियाँ – Sukhasana karne ke tarike – Steps to do Sukhasana

सुखासन योग को ईज़ी पोज़ भी कहा जाता है। यह हर उम्र का इंसान कर सकता है। इसको करने से पूरे शरीर मे रक्त का संचार अच्छे से होता है, तथा इसके करने से आपको आराम मिलता है और आपकी थकान कम हो जाती है। सुखासन योग करने से आपको ध्यान लगाने में मदद मिलती है।

सुखासन किसी भी उम्र का व्यक्ति कर सकता है, यह करने मे भी सरल होता है तथा आपके तनाव को कम करके शांति प्रदान करता है। इसलिए इस लेख मे हम आपको सुखासन करने के तरीकों के बारे मे बता रहे हैं जिससे आप आसानी से इस लेख को कर सकें।

सुखासन करने के तरीके – Sukhasana karne ke tarike – Steps to do Sukhasana

सुखासन एक बहुत ही साधारण आसन है। लेकिन इसके फायदे अनमोल हैं। अगर आप सुखासन कुछ मिनट तक करने का अभ्यास कर लेते हैं तो इससे आपको मन की शांति और आराम मिलता है। लेकिन अगर आप इसका नियमित अभ्यास करें और कुछ घंटों तक इस आसन को करने मे सफल हो जाएं तो यह आपकी कुंडलिनि भी जागृत करने मे मदद करता है इसलिए हम आपको इस आसन को करने के आसान तरीके बता रहे हैं।

Sukhasana karne ke tarike

1. सुखासन करने के लिए सबसे पहले ज़मीन पर एक योगा मेट बिछा कर उस पर आराम से बैठ जाएं।

2. अब अपनी कमर को बिल्कुल सीधा रखें और पैरों को सीधा कर लें।

3. इसके बाद अपने दोनो पैरों को एक – एक कर के क्रॉस अवस्था में घुटनों से भीतर की ओर लाएं।

4. आप के पैर घुटनों से मुड़े हुए होने चाहिए, पालती मारकर बैठ जाएं। कोशिश करें कि आपके घुटनें ज़मीन को छूते रहें।

5. आप सही स्थिति मे बैठे है या नही यह देखने के लिए अपने पैरों की ओर देखें आपके पैर पिंडलियों की तरफ से त्रिभुजा कार लगेंगे। क्योंकि इसमे आपकी पिडंलिया क्रास हो जाती है।

6. आपको अपनी कमर को बिल्कुल सीधा रखना होता है इस आसन को करते समय आपकी कमर मुड़ी हुई नही होनी चाहिए। इसका मतलब आपकी रीढ़ की हड्डी और प्यूबिक बोन फर्श से एक समान दूरी पर होने चाहिए।

7. इसके बाद आप अपने दोनो हाथों की हथेलियों को अपने घुटनों पर उपर की ओर कर के रख लें।

8. आपके रीढ़ की हड़्डी सीधी होनी चाहिए और कंधे बिल्कुल तने हुए होने चाहिएं। आपको इस बात का भी ध्यान रखना है कि आपके कमर के नीचे का हिस्सा भी बिल्कुल सीधा होना चाहिए।

9. आसान की शुरुआत में आप कम समय के लिए इस अवस्था में बैठे लेकिन इसका निरंतर अभ्यास करते रहें और धीरे- धीरे इस आसन मे अधिक समय तक बैठने का अभ्यास करें।

10. जब आपको इस आसन मे बैठने का अभ्यास हो जाए। तब अपने समय की सीमा को बढ़ाएं अगर आप ढाई घंटे तक इस आसन मे बैठ जाते हैं तो समझ लें कि यह आसन आपको सीद्ध हो जाएगा।

11. सुखासन करने के लिए एक बात का और ध्यान रखें, निरंतर अपने पैरों की स्थिति को बदलते रहें।

12. सिर, गर्दन और अपनी रीढ़ की हड्डी को बिना तनाव के सीधा रखें तथा अपनी दोनों आँखों को बंद कर लें।

सुखासन क्या हैं – Sukhasana kya hai –  What is Sukhasana in Hindi

सुखासन एक बहुत ही सरल एवं आनंद देने वाला, तथा एक ही अवस्था में बने रहने वाला आसन हैं। यह आसन ध्यान करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।

अगर आप योग की शुरुआत करना चाहते हैं तो उस स्थिति के लिए यह आसन सबसे सरल आसन है और कोई भी आसानी से इस आसन को सीख कर योग की शुरुआत कर सकता है।

यहाँ पढ़े : सुखासन क्या है

सुखासन करते समय सावधानियाँ – Sukhasana karte samay savadhaniyan –  Precautions while doing Sukhasana Yoga

1. अगर किसी को स्लिप डिस्क की समस्या हो तो भी इस आसन को नही करना चाहिए।

2. अगर कोई गर्भवती महिलाओं को इस आसन को करना है तो उन्हे पहले अपने डॉक्टर से या विशेषज्ञों से सलाह ले लेनी चाहिए। अगर डॉक्टर आसन करने की सलाह दे तभी इस आसन को करना चाहिए।

3. ध्यान रखें कि अगर आपके कूल्हों मे सूजन हो या किसी के कूल्हों मे चोट लगी हो तो भी इस आसन को न करें।

सुखासन योग करने के लाभ – Sukhasana yoga karne ke fayde – Benefits of doing Sukhasana Yoga 

1. सुखासन योग करने से आपको शांति मिलती है।

2. इस योग को करने से ध्यान केंद्रित करने मे मदद मिलती है।

3. सुखासन से आपके घुटनों की शक्ति बढ़ती है।

4. इस आसन से आपका मानसिक संतुलन बनता है।

5. यह एक ध्यान मुद्रा है इसलिए यह आपका तनाव कम होता है और मन को शांती प्रदान करता है।

6. यह तनाव और चिंता कम करता है, तथा इससे आपकी रीढ़ की हड्डी भी मजबूत होती है।

यहाँ पढ़े : सुखासन के फायदे

सुखासन करने के बाद ये आसन करें – Sukhasana karne ke bad ye aasan Karen – Do this aasana after doing Sukhasana

सुखासन योग की शुरुआत करने के लिए एक बहुत ही सरल आसन है जिसे आप थोड़े से अभ्यास के बाद आसानी से कर सकते हैं। इसलिए हम आपको कुछ आसन बता रहे हैं जिन्हे आप सुखासन करने के बाद कर सकते हैं।

1.     वज्रासन (Vajrasana)

2.     अनुलोम-विलोम (Anulom-Vilom)

3.     उत्तानासन (Uttanasana)

4.     कपालभाति (Kapalbhati)

5.     बालासन (Balasana)

6. धनुरासन (Dhanurasana)

इस लेख मे आपने जाना की सुखासन करने के तरीके क्या होता हैं तथा सुखासन से संबंधित अन्य जानकारी के बारे में भी जाना। अगर आपका इसके संबंध मे कोई सुझाव हो तो आप हमे कमेंट करके बता सकते हैं। आप का स्नेह हमे आप तक ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी पहुँचाने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

Reference

Written by savita mittal

मेरा नाम सविता मित्तल है। मैं एक लेखक (content writer) हूँ। मेैं हिंदी और अंग्रेजी भाषा मे लिखने के साथ-साथ एक एसईओ (SEO) के पद पर भी काम करती हूँ। मैंने अभी तक कई विषयों पर आर्टिकल लिखे हैं जैसे- स्किन केयर, हेयर केयर, योगा । मुझे लिखना बहुत पसंद हैं।

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