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NEP 2020 in Hindi? नई शिक्षा नीति के 10 महत्वपूर्ण पहलू

NEP 2020 नई शिक्षा नीति के लिए मोदी कैबिनेट मे बुधवार को मंजूरी दे दी गई है। यह नीति शिक्षा जगत मे पूरी तरह से बदलाव लेकर आई है। केंद्र सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति को मंजूरी मिल गई हैं। नई शिक्षा नीति में 10 + 2 के फॉर्मेट को भी पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। New Educational policy 2020 in Hindi? नई शिक्षा नीति क्या है।

अब इस शिक्षा नीति (10 + 2) से बांटकर 5 + 3 + 3 + 4 फॉर्मेट में ढाला गया है। इसका मतलब यह है कि अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा 1 व कक्षा 2 सहित फ़ाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे। फिर अगले तीन साल को कक्षा 3 से लेकर 5 तक के चरण में विभाजित किया जाएगा।

Necessary reforms in higher education – उच्च शिक्षा मे किए गए आवश्यक सुधार

उच्च शिक्षा के सचिव अमित खरे ने बताया कि उच्च शिक्षा मे कई बड़े सुधार किए गए हैं। इन सुधारों मे ग्रेडेड अकैडमिक, (Graded academic) प्रशासनिक (Administrative) तथा वित्तिय स्वायत्तता (Financial autonomy) शामिल है। इन बदलावों के साथ हम 2035 तक 50 फीसदी सकल नामांकन का अनुपात प्राप्त करेंगे।

· भारत मे 45000 कॉलेजों (Colleges) में इस नीति के तहत कॉलेजों को शैक्षणिक, (Educational) प्रशासनिक (Administrative) और वित्तीय स्वायत्तता (Financial autonomy) दी जाएगी।

· क्षेत्रीय भाषाओं मे ई- कोर्स (E-course) शुरु किए जाएंगे। इसके साथ – साथ वर्चुअल लैब्स (Virtual labs) विकसित किए जाएंगे।

· नए सुधारों में टेक्नोलॉजी (Technology) और ऑनलाइन एजुकेशन (Online education) पर अधिक ज़ोर दिया जाएगा। अगर वर्तमान की बात करें तो अभी डीम्स विश्व विधालय, (University) सेंट्रल विश्व विधालय, (Central University) और स्टैंड अलोन विश्वविधालय, (Stand alone university) सभी के लिए अलग – अलग नियम बने हुए हैं लेकिन नई शिक्षा नीति के तहत सभी के लिए नियम एक समान होंगे।

· NEP 2020 इस नीति के तहत बोर्ड परिक्षाओं (Board examinations) मे कई बदलाव किए गए है। जैसे बोर्ड परिक्षाओं के महत्व को कम किया जाएगा तथा इसमे वास्तविक ज्ञान (Real knowledge) पर अधिक महत्व दिया जाएगा।

यहाँ पढ़ें : New Education Policy 2020

10 important things about the NEP 2020 – नई शिक्षा नीति की 10 महत्वपूर्ण बातें

केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई New Educational Policy 2020 नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा मे कई बड़े परिवर्तन आए हैं जो शिक्षा के स्तर को अधिक लाभदायक (उच्च) बना देते हैं। इतना ही नही इस नीति के तहत अब सिर्फ किताबों से पड़ कर याद करने तक की शिक्षा नही रह जाएगी बल्कि प्रेक्टिकल के माध्यम से शिक्षा को अधिक महत्वपूर्ण बनाया जाएगा। इसके 10 महत्वपूर्ण बड़े परिवर्तन हैं।

NEP 2020

1.  NEP 2020 नई शिक्षा नीति के तहत स्कूल पाठ्य क्रम को मेन कॉंसेप्ट (Main concept) में कम किया जाएगा। इसके साथ नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार कक्षा 6 से व्यावसायिक शिक्षा का एकीकरण शामिल है।

2.  इस नीति के माध्यम से बोर्ड की परिक्षाएं अब Modular के रुप में हो सकती हैं। इस नीति के द्वारा अब बोर्ड की परिक्षाएं चीज़ों को रट्टा मारकर याद करने के बजाय पाठ्य क्रम को अच्छे से समझने के साथ ज्ञान और योग्यता पर आधारित होगी।

3.  सभी उच्च शिक्षा संस्थानों, (Higher education institutions) कानूनी और मेडिकल कॉलेजों (Legal and Medical Colleges) को छोड़कर, मे शिक्षा एकल नियामक यानी सिंगल रेगूलेटर (Single regulator) द्वारा होगी।

4.  मल्टीपल एंट्री और एक्ज़िट सिस्टम परीक्षा (Multiple Entry and Exit Systems) में पहले साल के बाद प्रमाण पत्र (certificate), दूसरे साल के बाद डिप्लोमा (Diploma) और तीन से चार साल बाद डिग्री (Degree) दी जाएगी।

5.  NEP 2020 नई शिक्षा नीति के तहत विश्व विधालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली आम परीक्षा (General examination) होगी। ये परीक्षा एनटीए (NTA) यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) के द्वारा कराई जाएंगी।

6.  NEP 2020 केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत निजी और सार्वजनिक उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए सामान्य मापदंड अपनाया जाएगा। इस बात को रखते हुए प्रेस कांफ्रेंस में शिक्षा सचिव अमित खरे ने ये कहा कि अब तक हमारे पास अलग – अलग स्टैंड अलोन संस्थानों के लिए हर विश्व विधालयों, केंद्रीय विश्व विधालयों के लिए अलग – अलग मानदंड रखा जाएगा।

7.  NEP 2020 नई शिक्षा नीति के तहत 2035 तक हाई स्कूल के 50 प्रतिशत छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का विस्तार किया जाएगा। लेकिन इससे पहले सार्वभौमिक (Universal) वयस्क साक्षरता प्राप्त करना आवश्यक है।

8.  नई शिक्षा नीति के तहत मंत्रिमंडल ने तय किया कि सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) का लगभग 6 प्रतिशत शिक्षा के लिए सार्वजनिक खर्च को बढ़ाया जाएगा। यह खर्च अभी करीब 4.43 प्रतिशत के आस पास तक है।

9.  NEP 2020 नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सरकार 2030 तक प्री स्कूल से सेकेंड्री  स्कूल तक (माध्यमिक स्तर) 100 प्रतिशत ग्रॉस एनरोलमेंट (Gross enrollment) के अनुपात को लक्षित कर सकती है।

10. NEP 2020 नई शिक्षा नीति के अनुसार पांचवी कक्षा तक मातृ भाषा (Mother tongue) को शिक्षा का एक माध्यम बनाया जाएगा।

New education policy changes mid 2020 नई शिक्षा नीति 2020 के मध्य बदलाव

केंद्र सरकार (central government) की घोषणा के अनुसार शिक्षा नीति मे बड़े बदलाव कर दिए गए हैं। इसके माध्यम से देश मे प्रचलित 34 साल पुरानी शिक्षा नीति को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। इस नीति के बदलाव के अनुसार सबसे बड़ी बात यह है कि अब 10+2 के पेटर्न को बदल दिया गया है। यह बदलाव शिक्षा के लिए निर्णायक बदलाव माना जा रहा है।

भारत के केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में हुई मंत्री मंडल की बैठक मे 21 वीं सदी की नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई। इस बैठक में केंद्र मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा कि अब मानव संसाधन मंत्रालय का नाम बदल कर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है।

उच्च शिक्षा में 2035 तक नामांकन अनुपात

भारत सरकार के अनुसार कैबिनेट ने New Educational Policy 2020 राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दी है। उच्च शिक्षा में प्रमुख सुधारों के तहत 2035 तक 50 फीसदी तक सकल नामांकन अनुपात का लक्ष्य रखा गया है।

जानिये 10+2 का नया रुप

जैसा कि हमने आपको बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत 10+2 के प्रारुप को पूरी तरह से बदल दिया है। अब इसे 10+2 से हटाकर 5+3+3+4 के पेटर्न में रखा गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब स्कूल के पहले पांच साल मे प्री प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा एक और दो सहित फ़ाउंडेशन अवस्था शामिल की जाएगी। इसके बाद तीन साल को कक्षा 3 से 5 के चरण मे विभाजित किया जाएगा। तथा उसके बाद के तीन साल कक्षा 6 से 8 तक मध्य चरण मे होंगे। तथा फिर माध्यमिक अवस्था के चार साल कक्षा 9 से 12 तक होंगे।

इस पाठ्यरक्रम के अलावा स्कूलों मे कला, वाणिज्य तथा विज्ञान स्ट्रीम का कोई कठोर पालन नही किया जाएगा। इनमे से छात्र जो भी चाहें अपनी इच्छानुसार वो पाठ्यक्रम ले सकते हैं।

अध्यापन के मानक बदलेंगे

नई शिक्षा नीति के तहत सिर्फ शिक्षा मे ही परिवर्तन नही होंगे बल्कि अध्यापन के लिए भी कई बदलाव किए जाएंगे जैसे-

नई शिक्षा नीति के तहत इच्छुक, वरिष्ठ तथा रिटायर्ड अध्यापकों का एक बड़ा पूल बनेगा, जिनके द्वारा विश्व विधालय व कॉलेजों के अध्यापकों को सहयोग देंगे।

2030 तक अध्यापन के लिए चार साल की न्यूनतम इंटीग्रेटेड बीएड (B.Ed.) की डिग्री को ज़रुरी किया जाएगा।

अध्यापकों के लिए भी इस नीति के तहत कॉमन नेशनल प्रोफेशनल स्टैंड्डर्स (Common national professional standards) तैयार किए जाएगें। एनसीईआरटी, (N c E r T) एससीईआरटी (SCERT) अध्यापकों एवं विशेषज्ञ संस्थानों से चर्चा के आधार पर नेशनल काउंसलिंग फॉर टीचर एजुकेशन संस्थान (National Counseling for Teacher Education Institute) इसे तैयार करेंगे।

नई शिक्षा नीति के प्रमुख पांच स्तम्भ क्या हैं?

नई शिक्षा नीति की मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने ट्विट करके नई शिक्षा नीति के पांच प्रमुख स्तंभो के बारे मे जानकारी दी है। ये स्तम्भ इस प्रकार हैं एक्सिस Access (सभी तक पहुँचना), इक्विटी Equity (भागीदारी), अफोर्डेबिलिटी Affordability (किफायत) क्वालिटी Quality (गुणवत्ता), और अकाउंटेबिलिटी Accountability (जवाब देही)।New Educational Policy 2020 नई शिक्षा नीति, शिक्षा के क्षेत्र मे एक बड़ा बदलाव लेकर आएगी। जिससे शिक्षा को और अधिक प्रभावशाली बनाया जा सकेगा।

Reference

Bharat Sarkar: NEP 2020

MHRD: New Education Policy 2020

Written by savita mittal

मेरा नाम सविता मित्तल है। मैं एक लेखक (content writer) हूँ। मेैं हिंदी और अंग्रेजी भाषा मे लिखने के साथ-साथ एक एसईओ (SEO) के पद पर भी काम करती हूँ। मैंने अभी तक कई विषयों पर आर्टिकल लिखे हैं जैसे- स्किन केयर, हेयर केयर, योगा । मुझे लिखना बहुत पसंद हैं।

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