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Yoga for Thyroid in Hindi – थायराइड के लिए योगासन

थायराइड रोग गले की ग्रंथी को प्रभावित करता है। थायराइड एक बहुत ही गंभीर समस्या है। थायराइड के सबसे आम लक्षणों मे थकान, वजन कम होना, कम ऊर्जा, ठंड, गले की सूजन, दिल की धड़कन का कम या अधिक होना, शुष्क त्वचा, कब्ज या दस्त जैसी परेशानियां शामिल है। कुछ योग आसन से आप थायराइड ग्रंथी को नियंत्रत कर सकते हैं। कई अध्ययन से भी यह पता चला है कि योग आसन थायराइड पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

What is Thyroid – थायराइड क्या होता है?

थायराइड एक ग्रंथी होती है जो हमारे गले मे पाई जाती है। यह तितली के आकार की होती है। जो सांस की नली के पास होती है। थायराइड ग्रंथी को पियूष ग्रंथी नियंत्रित करती है। थायराइड ग्रंथी दो प्रकार के हार्मोन बनाती है। जब इन हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है तब थायराइड की समस्या हो जाती है।

थायराइड एक ग्रंथी होती है जो हमारे गले मे पाई जाती है। यह तितली के आकार की होती है। जो सांस की नली के पास होती है। थायराइड ग्रंथी को पियूष ग्रंथी नियंत्रित करती है। थायराइड ग्रंथी दो प्रकार के हार्मोन बनाती है। जब इन हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है तब थायराइड की समस्या हो जाती है। तथा इसके कारण अन्य समस्याएं होने लगती है। लेकिन कुछ योग के माध्यम से आप थायराइड को नियंत्रित कर सकते हैं।

थायराइड एक ग्रंथी होती है जो हमारे गले मे पाई जाती है। यह तितली के आकार की होती है। जो सांस की नली के पास होती है। थायराइड ग्रंथी को पियूष ग्रंथी नियंत्रित करती है।

थायराइड ग्रंथी दो प्रकार के हार्मोन बनाती है। जब इन हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है तब थायराइड की समस्या हो जाती है। (Yoga for Thyroid in Hindi) तथा इसके कारण अन्य समस्याएं होने लगती है। लेकिन कुछ योग के माध्यम से आप थायराइड को नियंत्रित कर सकते हैं। तथा इसके कारण अन्य समस्याएं होने लगती है। लेकिन कुछ योग के माध्यम से आप थायराइड को नियंत्रित कर सकते हैं।

Yoga for Thyroid – थायराइड के लिए योग

थायराइड एक गंभीर समस्या है लेकिन अगर आप नियमित रुप से योगा करते हैं तो आप थायराइड को नियंत्रित कर सकते हैं। इसलिए हम आपको थायराइड के लिए कुछ आसन बता रहे हैं जो इस प्रकार हैं-

1. सर्वांगासन योग (Sarvangasana)

2. मार्जरासन योग (Marjarasana)

3. मत्स्यासन योग (Matsyasana)

4. हलासन योग (Hallasana)

5. उष्ट्रासन योग (Ustrasana)

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1. Sarvangasana yoga for Thyroid (Shoulder Stand Pose) – थायराइड के लिए सर्वांगासन योग

सर्वांगासन योग थायराइड ग्रंथी को उत्तेजित करके थायरॉक्सिन को नियंत्रित करने मे मदद करता है। इस योग के नियमित अभ्यास से थायराइड ग्रंथी को गतिशील बनाने मे मदद मिलती है। जिन लोगों को दमा की परेशानी होती है उनके लिए भी यह बहुत फायदेमंद होता है। इस योग से पैर से सर की तरफ ब्लड का प्रवाह होता है। इसलिए इसके माध्यम से थायराइड का इलाज करने मे मदद मिलती है।

Sarvangasana yoga for Thyroid (Shoulder Stand Pose) - थायराइड के लिए सर्वांगासन योग

सर्वांगासन योग करने का तरीका

1. सबसे पहले योगा मैट बिछा कर उस पर पीठ के बल लेट जाएं।

2. अब धीरे- धीरे अपने पैरों को उपर की तरफ उठाएं। ध्यान रहे आपके पैर घुटनों से मुड़े नही।

3. अपने हाथों से कमर को सहारा देते हुए कमर को उपर की तरफ उठाएं।

4. अब अपने पैरों और पीठ को 90 डिग्री तक उठाने की कोशिश करें।

5. इस योग को करते समय आपका मुंह आकाश की तरफ होना चाहिए। और कोहनियां ज़मीन के साथ टिकी होनी चाहिए।

6. इस अवस्था मे कुछ देर रुकने के बाद धीरे- धीरे अपनी सामान्य अवस्था मे वापिस आ जाएं।

2. Marjarasana Yoga for Thyroid (Cat-Cow pose) – थायराइड के लिए मार्जरासन योग

मार्जरासन योग करते समय व्यक्ति की स्थिति बिल्ली अथवा गाय के समान प्रतीत होती है इसलिए इसे कैट- काऊ पोज़ भी कहते हैं। इस आसन को करने से आपकी रीढ़ की हड्डी लचकदार होती है। और आपके रक्त का प्रवाह भी बढ़ता है। आसन को करने की विधि इस प्रकार है।

Marjarasana yoga for Thyroid (Cat-Cow pose) - थायराइड के लिए मार्जरासन योग

मार्जरासन योग करने का तरीका

1. इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट बिछा कर उस पर घुटने के बल बैठ जाएं।

2. अब अपने दोनो हाथों को आगे की तरफ जमीन पर टिका लें।

3. अब अपने आप को ठोड़ा उपर उठाएं और आपका वजन हाथों और पैरों पर होना चाहिए।

4. अब सांस को अंदर लेते हुए सिर को पीछे की ओर तथा ठोड़ी को उपर करें।

5. अब सांस छोड़ते हुए सिर को सीधा करें।

6. इसके बाद पुन: सांस लेते हुए अपने सिर को नीचे करें और ठोड़ी को अपनी छाती से लगाने का प्रयास करें।

7. इस आसन को कम से कम 5 से 6 बार तक दौहराएं।

यह थायराइड रोग को नियंत्रित करने के लिए लाभदायक होता है।

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3. Matsyasana Yoga for Thyroid (Fish pose) – थायराइड के लिए मत्स्यासन योग

इस योग को करते समय शरीर मछली के आकार का प्रतीत होता है। इसे करने से कमर का दर्द ठीक होता है, और गर्दन से जुड़ी समस्या कम होती है, पेट की चर्बी कम होती है तथा सबसे महत्वपूर्ण बात यह आसन थायराइड मे रामबाण की तरह काम करता है। इससे गर्दन, छाती व कंधों मे भी खिचाव महसूस होता है। जिससे इस हिस्से की मासपेशियों मे तनाव कम होता है।

इसके साथ ही सांस व फेफड़ों से जुड़े रोग भी कम होते हैं। इससे कब्ज की समस्या भी ठीक होती है और यह योग करने से पीठ के उपरी हिस्से मे आराम मिलता है। और रीढ़ की हड्डी मे लचीलापन आता है। यह योग आँखो के लिए भी अच्छा होता है। तथा घुटने व पीठ मे भी आराम मिलता है।

Matsyasana yoga for Thyroid (Fish pose) - थायराइड के लिए मत्स्यासन योग

मत्स्यासन योग करने का तरीका

1. जमीन पर मैट बिछा कर पद्मासन की मुद्रा मे बैठ जाएं और हाथों को सहारा लेते हुए धीर- धीरे पीछे की और झुकते हुए पेट के बल लेट जाएं।

2. अब हाथों की मदद से शरीर को उपर उठाएं।

3. अब पैरों व सिर के बल पर शरीर को संतुलित करें।

4. अब बाएं पैर को दाएं हाथ से और दाएं पैर को बाएं हाथ से पकड़ लें।

5. ऐसा करते समय आपकी कोहनियां और घुटने जमीन से स्पर्श करने चाहिए।

6. इस स्थिति मे कुछ देर तक रह कर सांस लें और छोड़ें।

7. लगभग 30 सेकेंड तक इसी अवस्था मे रहें।

8. अब सांस छोड़ते हुए हाथों का सहारा लेते हुए लेट जाएं और फिर उठते हुए प्रारंभिक स्थिति मे बैठ जाएं।

नोट- अगर आपको रीढ़ की हड्डी से संबंधित कोई परेशानी है, घुटनो मे दर्द, हर्निया है या फिर अल्सर है तो आप इस योग को बिल्कुल भी न करें।

4. Halasana Yoga for Thyroid – थायराइड के लिए हलासन योग

जिन लोगों को मधुमेह, मोटापा या थायराइड की शिकायत है उन्हे हलासन योग को ज़रुर करना चाहिए। यह आसन करते समय शरीर की मुद्रा खेत मे जोते जाने वाले हल के समान हो जाती है। इसलिए इसे हल आसन कहा जाता है। यह मेटाबॉलेज़्म को नियंत्रित कर बढ़ते वजन को रोक सकता है।

गले की बीमारी, सिर दर्द और बबासीर  की शिकायत मे भी राहत मिलती है। इससे कब्ज जैसी समस्याएं भी ठीक हो सकती है। इस आसन को करने से रक्त का प्रवाह सिर मे अधिक होती है। जिससे आपके बालों को भी पर्याप्त मात्रा मे खनीज तत्व मिलते है। और बालों के झड़ने की समस्या भी कम हो जाती है।

Yoga for Thyroid in Hindi

हलासन योग करने का तरीका

1. ज़मीन पर मैट बिछा कर उस पर पीठ के बल लेट जाएं। और हाथों को भी शरीर से सटा कर सीधा कर लें।

2. अब पैरों को बिना घुटनों से मोड़े धीरे- धीरे उपर की ओर उठाएं।

3. अब सांस छोड़ते हुए पीठ को उठाते हुए पैरों को पीछे की ओर ले जाएं।

4. पैरों की उंगलियों को ज़मीन से स्पर्श करने का प्रयास करें।

5. इस बात का ध्यान रखें की यह आसन करते समय आपके हाथ बिल्कुल सीधे रहें।

6. अब 1 मिनट तक इसी अवस्था मे रहते हुए मूल अवस्था मे आ जाएं।

नोट- जिन लोगों को सर्वाइकल व उच्च रक्त चाप की समस्या हो उन्हे ये आसन नही करना चाहिए।

यहाँ पढ़ें : आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए योगा

5. Ustrasana Yoga for Thyroid – थायराइड के लिए उष्ट्रासन योग

उष्ट्रासन का अर्थ होता है “ऊंट” इसे करते समय स्थिति ऊँट जैसी हो जाती है इसलिए इसे उष्ट्रासन कहा जाता है। इसे करने से सभी तरह के शारीरिक विकार व क्रोध कम होते हैं। जब हम ये आसन करते हैं तो गर्दन मे खिचाव महसूस होता है। जिस कारण यह थायराइड की समस्या मे लाभदायक होता है।

इसके साथ पेट की चरबी कम करने, पाचन तंत्र को बेहतर करने और डायबिटीज़ को भी नियंत्रित करने मे मदद करता है। अगर किसी को स्लिप डिस्की की समस्या है या फिर फेफड़ों से संबंधित कोई बीमारी है, तो उष्ट्रासन करने से इन समस्याओं से आराम मिलता है।

Yoga for Thyroid in Hindi

उष्ट्रासन योग करने का तरीका

1. इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले वज्रासन की मुद्रा मे बैठ जाएं।

2. इस मुद्रा मे घुटनो व पैरों के बीच करीब एक फुट की दूरी होनी चाहिए।

3. अब आप घुटनो के बल खड़े हो जाएं और सांस लेते हुए पीछे की ओर झुकें।

4. दाई हथेली को दाईं ऐड़ी पर और बाई हथेली को बाई एड़ी पर रखें।

5. ध्यान रहे इस समय गर्दन पर कोई झटका न आएं।

6. इसके बाद जांघे फर्श से समकोण दिशा मे होनी चाहिए और सिर पीछे की ओर झुका होना चाहिए।

7. इस मुद्रा मे शरीर का पूरा भार बांह व पैरों पर होनी चाहिए।

नोटजिन्हे उच्च रक्तचाप, हर्निया, अधिक कमर दर्द है, हृदय रोग से पीड़ित है उन्हे यह योगासन नही करना चाहिए।

Reference

Written by savita mittal

मेरा नाम सविता मित्तल है। मैं एक लेखक (content writer) हूँ। मेैं हिंदी और अंग्रेजी भाषा मे लिखने के साथ-साथ एक एसईओ (SEO) के पद पर भी काम करती हूँ। मैंने अभी तक कई विषयों पर आर्टिकल लिखे हैं जैसे- स्किन केयर, हेयर केयर, योगा । मुझे लिखना बहुत पसंद हैं।

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