What is Hindi Grammar in Hindi – Hindi Grammar क्या होता है?

Hindi Grammar – हिंदी व्याकरण What is Hindi Grammar in Hindi? What is Hindi Grammar meaning in Hindi ? | Hindi Grammar क्या होता है? Hindi Grammar का मतलब क्या होता है? 

क्या होता है हिंदी व्याकरण (Hindi grammar)? 

Hindi Grammar

एक भाषा “शब्दों का सेट” या दूसरे शब्दों में “नियमों का सेट” है। इस “नियमों का सेट” को हम व्याकरण कहते हैं। व्याकरण हमें वह क्रम बताता है जिसमें शब्दों को सही वाक्य बनाने के लिए तैयार किया जाता है। 

हर भाषा के अपने नियम होते हैं या अपने खुद के व्याकरण होते हैं। 

किसी भी भाषा में महारत हासिल करने के लिए सबसे पहले मूल बातें समझने की जरूरत होती है और जब हम किसी भाषा को बोलने की बात करते हैं तो बुनियाद और कुछ नहीं बल्कि व्याकरण ही होता है। 

अपने शुद्ध रूप में हिंदी भाषा को बोलते और लिखते समय हिंदी व्याकरण, नियमों का एक सेट प्रदान करता है जिसके द्वारा हम बेहतर तरीके से हिंदी भाषा के शुद्ध रूप को लिखित व मौखिक रूप से प्रकट कर सकते है ।

शब्दों के प्रकार (वाक् के भाग) – Parts Of Speech

संज्ञा
सर्वनाम
विशेषण
क्रिया
क्रिया-विशेषण
सम्बन्धबोधक
संयोजक
समुच्चयबोधक
विस्मयादिबोधक
Hindi Grammar

हिंदी व्याकरण में भाषण के कुछ हिस्सों का अंग्रेजी के साथ मेल खाता है। हिंदी में भी, भाषण के आठ भाग हैं। 

वाक् (speech) के आठ भाग हैं संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, संयोजक, सम्मुच्यबोधक, विस्मयादिबोधक ।

आइए हम एक-एक करके भाषण के हिस्सों का विश्लेषण करें।

1. संज्ञा : संज्ञा को हिंदी में संज्ञा (संज्ञा) के रूप में जाना जाता है। अंग्रेजी में संज्ञाओं की तरह, संज्ञा भी लोगों, स्थानों, चीजों और विचारों का नाम देता है। 

उदाहरण के लिए: 

● कमला – एक महिला का नाम 

● दिल्ली – भारत की राजधानी

● मिठास-मिठाई की मिठास 

● गणित – एक विषय 

वाक्यों में संज्ञा (संज्ञा) के उदाहरण हैं:

● कमला एक सुंदर महिला है। 

● दिल्ली भारत के उत्तरी भाग में है।

● गणित एक रोचक विषय है |

● रसगुल्ले की मिठास की बात अलग है |

2. सर्वनाम (सर्वनाम): अंग्रेजी की तरह, सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त शब्द हैं। 

उदाहरण के लिए: वह (इस हिंदी सर्वनाम का उपयोग तीसरे व्यक्ति के लिए दोनों लिंगों के लिए एकवचन संख्या के सर्वनाम के रूप में  किया जाता है।

वे – हम – तुम – तुम्हारा

● वे हमसे बहुत दूर रहता है |

● हम उसके घर के करीब है | 

● तुम अपना काम करो | 

● तुम्हारा ध्यान कहा है? 

यहाँ पढ़ें : What is Hindi Language in Hindi

3. विशेषण – अंग्रेजी में Adjective की तरह, विशेषण भी संज्ञा या सर्वनाम के बारे में अतिरिक्त जानकारी देता है। 

उदाहरण के लिए: 

चतुर – काला – लम्बा- छोटा- सुन्दर 

निम्नलिखित वाक्य विशेषण के उदाहरण हैं: 

● कमला इक चतुर लड़की है। 

● राजेश लंबा लड़का है |

● काला रंग रोशनी सोखता है |

● खिले हुए फ़ूल सुन्दर लगते हैं |

4. क्रिया – किसी कार्य को करना क्रिया कहलाती है| 

उदाहरण के लिए: खाता है, पीता है, जाता है, खेलता है आदि 

निम्नलिखित वाक्यों में क्रिया के उदाहरण हैं : 

● राजेश आम बहोत खाता है। 

● राजेश फलो का जूस पीता है।

● समीर हर दिन स्कूल जाता है। 

● रवि रोज खेलने जाता है ।

5. क्रिया-विशेषण: वह शब्द जो हमें क्रियाओं की विशेषता का बोध कराते हैं, वे शब्द क्रिया-विशेषण कहलाते हैं।

दुसरे शब्दों में – जिन शब्दों से क्रिया की विशेषता का पता चलता है, उन शब्दों को हम क्रिया-विशेषण कहते हैं।

जैसे – हिरण तेज़ भागता है।

इस वाक्य में भागना क्रिया है। तेज़ शब्द हमें क्रिया कि विशेषता बता रहा है कि वह कैसे भाग रहा है। अतः तेज़ शब्द क्रिया-विशेषण है।

क्रिया विशेषण के उदाहरण :

● वह धीरे-धीरे चलता है।

● खरगोश तेज़ दौड़ता है।

● कम बोलना सीखो |

● कार्य को ध्यानपूर्वक करो |

ऊपर दिए गए उदाहरणों में धीरे-धीरे, तेज़ आदि शब्द चलना, दौड़ना, बढ़ना आदि क्रियाओं की विशेषता बताने का काम कर रहे हैं। अतः यह शब्द क्रिया-विशेषण कहलाते हैं।

6. सम्बन्धबोधक (सम्बन्ध सूचक, अव्यय या पूर्वसर्ग) 

व्याकरण में सम्बन्धबोधक एक अविकारी शब्द है।

जो अविकारी शब्द संज्ञा या सर्वनाम शब्दों के पहले या पीछे आकर उसका सम्बन्ध वाक्य के किसी अन्य शब्द से कराते हैं, उन्हें सम्बन्धबोधक कहते हैं।

सम्बन्धबोधक सार्थक शब्दों के आठ भेदों में एक भेद है।

जैसे- बिना, पूर्वक, और, वास्ते, तुल्य, समान, तक, सहित, के लिए आदि।

उदाहरण

● राम के बिना मेरा कार्य नहीं होगा।

● सीता के समान अन्य कोई नारी नहीं है।

● मोहन अपनी पत्नी सहित घर गया है।

● लंबाई के मामले में मोहन राजेश के समान है |

“कोई भी वह शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम को वाक्य के बाकि भाग से जोड़ता है, उसे पूर्वसर्ग या preposition कहते हैं.”

“पूर्वसर्ग वे शब्द होते है जिनके द्वारा स्थिति, समय अथवा गतिविधि के सन्दर्भ में और अधिक जानकारी मिल पाती है। पूर्वसर्ग प्रायः संज्ञा पदबन्ध (phrase) द्वारा अनुसरित होते हैं।”

7. संयोजक – हिंदी व्याकरण में संयोजक वह है जो जोड़ने या मिलाने का काम करता है या वह शब्द जो दो शब्दों या दो वाक्यों को जोड़ता है या फिर सभा-समितियों आदि की बैठकों का आयोजन करने वाला व्यक्ति भी संयोजक कहलाता है 

जेसे की : के लिए, और, न, लेकिन,इतना ही नहीं, बल्कि यह भी, ना तो ये न ही ये आदि | What is Hindi Grammar meaning in Hindi ? | Hindi Grammar क्या होता है? Hindi Grammer का मतलब क्या होता है?

उदाहरण :

● उस कमरे में या तो रमेश छुपा है या राजेश |

● महेश केवल बुद्धिमान ही नहीं बल्कि नम्र भी है |

● आप अपना पक्ष रखिए लेकिन दूर रहकर |

● चुकीं वह देर से पहुंचा इसलिए ट्रेन पहले ही चली गई |

8. समुच्चयबोधक– Conjunction को सम्मुच्यबोधक कहा जाता है, समुच्चयबोधक दो शब्दों का मेल है, समुच्चय + बोधक । समुच्चय संयोजन है और बोधक सूचक है। वह दो शब्दों या दो वाक्यों से जुड़ता है।

जैसे: और, तथा, या, लेकिन आदि

उदाहरण के लिए:

● श्रुति और नेहा पढ़ रही है। 

● मुझे अंगुठी या घड़ी चाहिए।

● वह कक्षा में आया लेकिन देरी से |

● सेब तथा केला दोनों फल है |

यहाँ पढ़ें : Hindi Letters क्या होते है

8. विस्मयादिबोधक – जिन शब्दों में हर्ष, शोक, विस्मय, ग्लानि, घृणा, लज्जा आदि भाव प्रकट होते हैं वे विस्मयादिबोधक अव्यय कहलाते हैं। इन्हें ‘द्योतक’ भी कहते हैं। जैसे-

● अहा ! क्या मौसम है।

● उफ ! कितनी गरमी पड़ रही है।

● अरे ! आप आ गए ? 

● वाह! क्या खाना बनाया है |

उपरोक्त भाषण के अंश विकारी और अविकारी के अंतर्गत आते है जिसमें इनका लिंग वचन, काल आदि परिवर्तित या अपरिवर्तित रहता है | आइए जानते हैं विकारी और अविकारी शब्द की परिभाषा क्या है?

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विकारी शब्द

(a) विकारी शब्द, लिंग, वचन, पुरुष, कारक, काल आदि से रूपांतरित होते रहते हैं। इसके अंतर्गत संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया आते हैं। जैसे- यहाँ, वहाँ, धीरे, तेज, कब, और, तथा, एवं आदि |

● मुझे वहाँ जाना है |

● राधा धीरे बोलती है |

● मोहन तेज चलता है |

● तुम कब आओगे ? 

उपरोक्त पद विकारी हैं।

अविकारी शब्द 

(a) अविकारी शब्द कभी और किसी परिस्थिति में अपने रूप को नहीं बदलते हैं। इसके अंतर्गत क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक, उपसर्ग आदि आते हैं।

जैसे- मैं, मुझ, मुझे, मेरा, अच्छा, अच्छे, हम,मैंने आदि ।

उदाहरण:

● वो लोग बहुत अच्छे है |

● मैंने काम कर लिया |

● मुझे यहा से जाना है | 

● हम घूमने जायेंगे |

उपरोक्त पद अविकारी हैं।

उपरोक्त article में आपने जाना – What is Hindi Grammar in Hindi? What is Hindi Grammar meaning in Hindi ? | Hindi Grammar क्या होता है? Hindi Grammar का मतलब क्या होता है? उम्मीद है आपतक Hindi Grammar (हिंदी व्याकरण) के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त हुई होगी। आपका प्रेम व स्नेह हमे आपतक महत्वपूर्ण जानकारियां लाने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

Reference-
25 सितंबर 2020, Hindi Grammar, विकिपीडिया

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