शेर और चार बैल पंचतंत्र की कहानी | sher aur char bel Panchtantra ki kahani in Hindi | lion and four bulls

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शेर और चार बैल पंचतंत्र की कहानी | sher aur char bel Panchtantra ki kahani in Hindi | lion and four bulls

एक समय की बात है। एक शेर ने चार बैलों को घास खाते हुए देखा। शेर ने एक बैल पर हमला कर दिया। सभी बैल एकजुट हो गए और उन्होंने शेर को खदेड़ दिया। उनमें से एक बैल ने कहा, “अगर हम एक साथ रहे तो शेर को भी हरा सकते हैं।”

सभी बैल खुशी से घास चरने लगे। अगले दिन शेर ने फिर एक बैल पर हमला किया। परंतु फिर इस बार भी बैलो ने मिलकर उसे हरा दिया। शेर समझ गया कि जब तक बैलो में एकता है, वह उन्हें नहीं हरा सकता। उसने उन्हें हराने की एक योजना बनाई। वह एक बैल के पास गया और उसने बैलो की शक्ति की प्रशंसा करते हुए कहां, “बैल तुम कितने बहादुर और ताकतवर हो परंतु तुम्हारे दोस्त तुम्हें कमजोर समझते हैं।”

sher aur char bel Panchtantra ki kahani
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बैल को अपने दोस्तों पर बहुत गुस्सा आया और उसने उनसे दोस्ती तोड़ने का फैसला किया।

शेर ने दूसरे बैलों के पास जाकर वही बात कही। अगले दिन शेर दूर से छुपकर उन बैलो को देखने लगा। उसने देखा कि वह सभी आपस में लड़ रहे हैं। झगड़े के बाद चारों बैल अलग-अलग दिशा में चले गए।

अपनी योजना को सफल होता देख शेर खुश हो गया। वह सोचने लगा, “आज तो मुझे बढ़िया खाना खाने का मौका मिला है।”

उसने पहले बैल पर हमला कर दिया। कोई और बैल उसकी मदद के लिए नहीं आया। और शेर उसे मारकर खा गया। शेर इसी तरह एक-एक करके बालों पर हमला करता रहा।

किसी भी बैल में इतनी शक्ति नहीं थी कि वह अकेला शेर का सामना कर सके। शेर ने चारों बैलो को मार दिया।

नैतिक शिक्षा :– एकता में बल होता है।

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