Pinocchio Story In Hindi | पिनोकीयो की कहानी | pinocchio Ki Kahani, Best Fairy Tale

Pinocchio | पिनोकियो | Tales in Hindi | बच्चों की नयी हिंदी कहानियाँ

Pinocchio Story In Hindi

Pinocchio Story In Hindi | पिनोकीयो की कहानी

बहुत साल पहले की बात है एक छोटे से शहर में एक खिलौने वाला रहता था जिसका नाम जेपैटो था वह लकड़ी के छोटे-छोटे खिलौने बनाकर उन्हें बेचा जाता था जेपैटो एक बहुत गरीब और निसंतान व्यक्ति था उसको बस एक यही दुख था कि उनके कोई संतान नहीं थी। वह बच्चों के लिए सुंदर-सुंदर खिलौने बनाया करता था 

Pinocchio Story In Hindi
Pinocchio Story In Hindi

एक बार उसे जंगल में लकड़ी का एक बड़ा सा टुकड़ा मिला उसने उस लकड़ी से एक पुतला बनाया जब वह बना रहा था तब उसको लकड़ी में से एक आवाज आई पहले तो वह चौक गया फिर उसने सोचा कि उसको गलतफहमी हुई है और उसने अपना काम चालू रखा और एक पुतला बना दिया।

पुतले में से आवाज आई हेलो पहले तो जब मैं तो डर गया लेकिन बाद में उसने पुतले को गोद में उठा लिया और उसका नाम पिनोकियो रखा।

वह दोनों खुशी से रहने लगे 1 दिन पिनोकियो को विद्यालय जाने की इच्छा हुई जेपैटो के पास पैसे नहीं थे इसलिए उसने अपना कोर्ट भेजकर पिनोकियो को पैसे दिए और पाठशाला भेजा।

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रास्ते में पिनोकियो ने उन पैसों से सर्कस देखा। उसे सर्कस देख कर बहुत मजा आ रहा था वह भी स्टेज पर चढ़कर बाकी सब के साथ नाचने लगा सर्कस के मालिक को उसे देख कर बहुत मजा आया वह उसे पुतला जैसा डांस करता नजर आ रहा था मास्टर उसे अपने सर्कस में रखना चाहता था। इसलिए रिंग मास्टर ने पिनोकियो को बंदी बना लिया।

पिनोकियो जोर जोर से रोने लगा तभी वहां पर एक परी आई और उसने पिनोकियो को चुप कराया और कुछ पैसे दिए और आजाद कर दिया खुशी से पिनोकियो स्कूल जाने लगा लेकिन एक धूर्त लोमड़ी और बिल्ली ने उसे मूर्ख बनाया और उससे सारे पैसे ले लिए उसे रोता देसी राई और उसे सच बोलने को कहा परंतु पिनोकियो ने परी से झूठ बोला और झूठ बोलते ही उसकी नाक बड़ी हो गई जबकि नाक बहुत बड़ी हो गई तो उसने परी को सब सच-सच बता दिया परी ने फिर उसकी नाक ठीक कर दी। परी ने उसको वापस पैसे दिए स्कूल जाने के लिए कहा।

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परंतु रास्ते में उसे सर्कस मास्टर मिला और उसने गुस्से में पिनोकियो को पानी में फेंक दिया परंतु पिनोकियो डूबा नहीं क्योंकि वह लकड़ी का बना था और वह तैरने लगा तैरते तैरते हुए एक अलग जगह पहुंच गया जब वह घर नहीं पहुंचा तो जेपैटो उसे ढूंढने के लिए निकला और ढूंढते ढूंढते उसे पता चला रास्ते में कि वह नदी में गिर गया है।

तब वह एक नाव लेकर नदी में ढूंढने निकला लेकिन पिनाकीओ को एक ब्हेल ने निगल लिया था वही पानी में डूबने के कारण जेपौटो को भी उसी ब्हेल ने निगल लिया वे दोनों सफलतापूर्वक चालाकी से बाहर निकलने में सफल हो गए अबे दोनों साथ-साथ रहने लगे और एक दूसरे का ख्याल रखने लगे पिनोकियो ने मन लगाकर पढ़ाई की और परी के आशीर्वाद से दोनों सुख पूर्वक जीवन व्यतीत करने लगे।

References-
10 june 2021, Pinocchio Story In Hindi, wikipedia

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