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full form of DNA – डीएनए का फुल फॉर्म क्या होता है

आधुनिक युग को विज्ञान का युग कहा जाता है। समय के साथ- साथ विज्ञान ने बहुत उन्नति कर ली है। जिससे हर परेशानी का समाधान करना संभव हो गया है। वर्तमान समय मे मनुष्य ने विज्ञान की मदद से अंतरिक्ष से लेकर मानव स्वास्थ्य तक के क्षेत्रो मे उपलब्धियां हासिल की हैं।

विज्ञान के द्वारा ही मानव स्वास्थ्य के क्षेत्र मे डीएनए DNA की खोज की गई है। डीएनए के माध्यम से मनुष्य ने कई जटिल समस्याओं को हल किया है। आज इस लेख मे हम आपको डीएनए के बारे मे ही जानकारी दे रहे हैं जैसे- डीएनए की फुल फॉर्म क्या होती है और क्या होता है डीएनए।

What is the full form of DNA? डीएनए का फुल फॉर्म क्या होता है।

full form of DNADeoxyribo Nucleic Acid
full form of DNA in Hindiडीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक अम्ल
Invention1953
discovererजेम्स और फ्रांसिस क्रिक
full form of DNA

डीएनए का फुल फॉर्म होता है। “डीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक अम्ल” (Deoxyribo Nucleic Acid) डीएनए जीवित कोशिकाओं के गुण सूत्रों मे पाए जाने वाले तंतुनुमा अणु होते हैं। डीएनए का एक अणु चार अलग- अलग तत्वों से मिलकर बनता है। जो न्यूक्लियोटाइड कहलाता है। डीएनए की संरचना बहुत ही घुमावदार होती है। यह हर एक जीवित कोशिका के लिए ज़रुरी है।

What is DNA डीएनए क्या होता है?

डीएनए को “डीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक अम्ल” कहा जाता है। इसकी आकृति लहरदार होती है। डीएनए के अणु की संरचना एक घुमावदार सीढ़ी की तरह होती है। और यह हर एक कोशिका के लिए ज़रुरी होता है। हर एक डीएनए का अणु चार तत्वों से मिलकर बनता है जो न्यूक्लियोटाइड कहलाता है। जिन्हे- एडेनिन, ग्वानिन, थाइमिन और साइटोलिन कहते हैं। हर न्यूक्लियोटाइड मे एक नाइट्रोजन युक्त वस्तु होती है।  

DNA की आकृति घुमावदार होती है इसलिए सोचने वाली बात यह है कि DNA को अगर सुलझाया जाए तो यह सूर्य से पृथ्वी तक की दूरी को कई बार नाप सकता है।

DNA हर कोशिका मे 0.09 माइक्रोमीटर की जगह लेता है। तथा 1 ग्राम DNA मे 700 टेराबाईट की जानकारी दी जाती है। DNA अपना प्रतिरुप बनाता है जिससे हर कोशिका विभाजन के समय हर नई कोशिका को DNA मिल सके। हमारे शरीर से प्रतिदिन 1 हजार से लेकर 10 लाख तक डीएनए नष्ट हो जाते हैं। और लगभग इतने ही DNA बनते भी हैं। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन दुनियां की जितनी भी प्रजातियां है उनकी जानकारी को एक चम्मच DNA मे सुरक्षित किया जा सकता है।

डीएनए कितने प्रकार के होते हैं

डीएनए मुख्यत: तीन प्रकार के होते है। यह निम्न प्रकार के वंशावली डीएनए परीक्षण होते है-

एक्स- डीएनए और ऑटोसोमल

वाई- डीएनए और एमटीडीएनए

ऑटोसोमल परीक्षण गुणसूत्र (1-22) और एक्स को देखते हैं। ऑटोसोम (गुणसूत्र 1-22) माता- पिता और उनके सभी पूर्वजों से विरासत मे मिलते है। एक्स- गुणसूत्र एक विशेष वंशानुक्रम पैटर्न को फोलो करता है।

वाई- डीएनए, वाई- क्रोमोसोम को देखता है, जो बेटे को पिता से विरासत मे मिलता है। और केवल पुरुषों द्वारा उनकी प्रत्यक्ष पैतृक रेखा का पता लगाने के लिए किया जा सकता है।

डीएनए माइट्रोकॉन्ड्रिया को देखता है, जो माँ से बच्चे को विरासत मे मिलते है। और इसलिए इसका उपयोग प्रत्यक्ष मातृ रेखा का पता लगाने के लिए किया जाता है।

(Invention of DNA)

When and who discovered DNA डीएनए की खोज कब और किसने की

 डीएनए जिसे “डीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक अम्ल” कहा जाता है कि खोज वर्ष 1953 मे जेम्स और फ्रांसिस क्रिक वैज्ञानिको ने की थी। और इस खोज के लिए इन्हे 1962 मे नोबल पुरस्कार भी मिला था। DNA एक मॉलिक्यूल होता है। जिसमे सभी जीवों के जेनेटिक कोड मौजूद होते हैं। DNA सभी जीवों अर्थात मनुष्यों, पेड़ पौधों, जीव जंतुओं, बैक्टीरिया और कीटाणु आदि सभी मे पाया जाता है।

full form of DNA

Where is the DNA found? डीएनए कहां पाया जाता है

हमारे शरीर मे DNA लाल रक्त कोशिकाओं को छोड़कर लगभग सभी कोशिकाओं मे पाया जाता है। हर मनुष्य का DNA उसके माता पिता के DNA के मिश्रण से बना होता है। और इसी कारण माता पिता के बहुत से लक्षण और आदतें बच्चों मे भी पाई जाती हैं। जैसे चमड़ी का रंग, बालों का रंग, कद, आँखे आदि।

What is a DNA test? डीएनए टेस्ट क्या होता है

आपने कभी न कभी डीएनए का नाम ज़रुर सुना होगा। और क्या आप जानते हैं कि इसका टेस्ट कैसे होता है। वर्तमान मे DNA के 1200 प्रकार के टेस्ट होते हैं। DNA एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी मे स्थानांतरित होता है। प्रत्येक मनुष्य के जीन्स मे 46 गुणसूत्र होते हैं जिनमे से 23 पिता के तथा 23 माता के होते है।

अगर किसी के DNA मे परिवर्तन आता है तो उसे म्यूटेशन कहा जाता है, क्योंकि माना जाता है कि यह किसी रासायनिक दोष की वजह से हुआ होगा या फिर सूर्य की पराबैंगनी किरणों की वजह से।

DNA टेस्ट की मदद से आनुवांशिक बीमारियों का पता भी लगाया जा सकता है इससे आनुवांशिक गुणों की पूरी जानकारी मिलती है। और साथ ही साथ यह भी निश्चित किया जा सकता है कि आपको आने वाले समय मे कौन सी बीमारी होगी। DNA टेस्ट के माध्यम से बालों और आँखो का रंग भी सुनिश्चित किया जा सकता है।

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DNA टेस्ट कैसे होता है

 DNA टेस्ट मनुष्य के बालों, गाल के अंदर की कोशिकाएं, मूत्र के सेंपल, खून एवं त्वचा की मदद से किया जा सकता है। इन्ही सेंपल के आधार पर DNA की जांच की जाती है जिसे मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला मे ही किया जाता है। और जांच की रिपोर्ट 10 से 20 दिनो के दर दे दी जाती है। DNA जांच करवाने के लिए आपको 5000 से 50000 तक राशि खर्च करनी पड़ सकती है। यह निर्भर करता है कि आप किस प्रकार की जांच करवाते हैं। क्योंकि DNA के 1200 प्रकार के जांच किए जाते हैं।

What is the importance of DNA? डीएनए का क्या महत्व है?

डीएनए का मेडिकल के क्षेत्र मे बहुत अधिक महत्व होता है। समय के साथ- साथ डीएनए मे बहुत से प्रयोग हुए हैं जिससे वर्तमान समय मे मेडिकल के अलावा कृषि के क्षेत्र मे, फॉरेंसिक जांच, और कानूनी क्षेत्र मे भी डीएनए का काफी उपयोग होने लगा है। इसलिए बहुत से कानूनी मामलों को सुलझाने मे भी DNA बहुत महत्वपूर्ण होता है।

DNA की जाँच के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि किसी व्यक्ति का पिता कौन है या फिर संबंधित व्यक्ति के साथ भाई, बहन आदि कोई रिश्ता है या नही। कृषि के क्षेत्र मे अधिक रोग प्रतिरोधक क्षमता व अच्छे प्रजनन वाले जीवों की पहचान करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। इसके साथ- साथ DNA टेस्ट की मदद से आनुवांशिक बीमारी का पता लगाकर उनकी अगली पीढ़ी को इस बीमारी से रोकथाम के लिए भी प्रयास किए जाते हैं।

निष्कर्ष- इस लेख मे हमने डीएनए से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी देने की कोशिश की है। जिसके माध्यम से हमारे डीएनए से जुड़े बहुत से सवाल हल हो जाते हैं। हमने जाना की डीएनए का फुल फॉर्म होता है “डीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक अम्ल” Deoxyribo Nucleic Acid और इसके साथ- साथ इसकी उत्पत्ति और खोज करता के बारे मे भी जाना है डीएनए टेस्ट हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण हो सकता है यह भी हमने जाना।

इसके माध्यम से बहुत से कानूनी मामलों को भी सुलझाने मे मदद मिलती है इस नज़रिए से देखा जाए तो भी या एक बहुत ही बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही वर्तमान समय मे कृषि क्षेत्र मे भी डीएनए का महत्व बढ़ता जा रहा है इससे कीट प्रतिरोधक और जीव जंतु और बैक्टीरिया आदि के बारे मे भी जानकारी मिलती है। तथा इससे आनुवांशिकता की समस्याओं का भी पता लगाया जा सकता है इसलिए डीएनए का बहुत महत्व है।

Reference-
2020, DNA, विकिपीडिया

Written by Amit Singh

I am a technology enthusiast and write about everything technical. However, I am a SAN storage specialist with 15 years of experience in this field. I am also co-founder of Hindiswaraj and contribute actively on this blog.

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