गर्मी का मौसम पर निबंध | essay on summer season in Hindi | ग्रीष्म ऋतु पर निबंध

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ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी लेलो।

भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी।।

मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन।

वो कागज की कश्ती, वो बारिश का पानी…।।

जगजीत सिंह यह गजल सुनते हर किसी को अपना बचपन याद आ जाता है। वही बचपन जिसमें नानी के घर जाने के लिए गर्मी की छुट्टियों का बेहद बेसब्री से इंतजार होता था। अमूमन स्कूल की छुट्टियां तो साल में कई बार होती हैं, लेकिन गर्मी की छुट्टी हर बच्चे के लिए काफी खास होती हैं। यही कारण है कि कड़ी धूप और तपती दोपहर के बावजूद गर्मी का मौसम हर किसी के लिए यादगार बन जाता है।

धरती पर मुख्य रुप से चार मौसम बेहद अहम माने जाते हैं – ग्रीष्म काल, शीत काल, वसंत ऋतु और शरद ऋतु। जहां ग्रीष्म काल को गर्म मौसम और तपसी धूप के लिए जाना जाता है, वहीं शीत काल ठंडी हवाओं, धुंध, कोहरा और कुछ जगहों पर बर्फबारी के लिए मशहूर है। इसके अलावा वसंत ऋतु और शरद ऋतु, जिसे पतझड़ भी कहा जाता है, गर्मी और सर्दी के मध्य की ऋतुएं होती हैं, जिनमें गर्म और सर्द हवाओं का मिलाजुला रुप देखने को मिलता है।

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अमूमन ग्रीष्म काल सूरज की गति के साथ बदलता रहता है। अप्रैल से जुलाई के महीने में जब सूरज धरती के उत्तरी ध्रुव में होता है, तब भारत सहित कई देश गर्मी का अनुभव करते हैं, वहीं अक्टूबर से फरवरी के बीच सूर्य के दक्षिणी ध्रुव में होने के कारण आस्ट्रेलिया में ग्रीष्म काल का आगाज होता है और उत्तरी ध्रुव सर्द हवाओं की चपेट में होता है। आसान शब्दों में यह कहना गलत नहीं होगा कि एक समय पर हर जगह का मौसम एक जैसा नहीं होता है बल्कि यह सूरज की गति के साथ समय-समय पर बदलता रहता है।

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अगर भारत में ग्रीष्म ऋतु की बात करें तो वसंत ऋतु (फरवरी – मार्च) और शरद ऋतु (सितम्बर अक्टूबर) के बीच के समय को ग्रीष्म काल कहा जाता है। भारत में गर्मी के मौसम की शुरुआत अंग्रेजी तारीख के मुताबिक 21 मार्च (equinox) और हिन्दू पंचाग के अनुसार नवरात्री के पहले दिन को माना जाता है। इस दिन सूरज ठीक भूमध्य रेखा (equator) के ऊपर होता है।


सर्दी ने आँचल समेत ली,

गर्मी अपनी बाहें फैला रही हैं,

पर मौसम है इतना सुहावना

सर्दी-गर्मी मिल जुलकर लुभा रही हैं।


इसी दिन सर्य उत्तरी ध्रुव में प्रवेश करना शुरु करता है और भारत में ग्रीष्म कालीन ऋतु का आगाज होता है। जिसके बाद सूरज कर्क रेखा की ओर अग्रसर होता है और कुछ ही समय में गर्मी का मौसम अपने शिखर पर पंहुच जाता है।

अंग्रेजी महीनों के मुताबिक कुल चार महीनों – अप्रैल, मई, जून और जुलाई के महीनों में भारत में भीषण गर्मी पड़ती है। इसी दौरान 21 जून (summer solstice) को साल का सबसे गर्म और बड़ा दिन कहा जाता है, जिसका कारण है कि इस दिन सूरज कर्क रेखा पर पहुंच जाता है और दिल्ली हरियाणा सहित ज्यादातर उत्तर भारत पूरी तरह से गर्मी की चपेट में होता है।

गर्मी के मौसम में लगभग चार महीनों तक पर्वतीय क्षेत्रों के अलावा समूचे भारत में तपती धूप और गर्म लू का कहर बरपता है। वहीं यूरोप और अमेरिका के कई शहरों में गर्म हवाओं (heat waves) से लोग बेहाल रहते हैं।

जुलाई के बाद जहां एक तरफ सूर्य फिर से दक्षिणी ध्रुव में प्रवेश करने के लिए भूमध्य रेखा की ओर बढ़ना शुरु करता है, वहीं भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दस्तक देने के कारण लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलना शुरु हो जाती है।

इसी कड़ी में 23 सितम्बर (equinox) को सूर्य भूमध्य रेखा पार कर धरती के दक्षिणी ध्रुव में प्रवेश करता है और उत्तर में शरद ऋतु का आगमन होने के साथ गर्मी का अंत होता है।

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सूर्य के भूमध्य रेखा के करीब होने के कारण प्रशांत महासागर सहित बंगाल की खाड़ी में कम दवाब क्षेत्र (low pressure area) होने के कारण सितम्बर और अक्टूबर के महीने में चक्रवाती तूफानों का निर्माण होता है, जो भारत, अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया को किनारों की तरफ बढ़ते हैं।

भारत में सर्वाधिक गर्मी थार रेगीस्तान की उपस्थिति के कारण राजस्थान राज्य में होती है। जिसके बाद उत्तर प्रदेश और राजधानी दिल्ली में भी भीषण गर्मी पड़ती है।

बावजूद इसके गर्मी का मौसम हर किसी के लिए बेहद खास होता है। पूरे साल की तरह गर्मी के मौसम में त्यौहारों की जमकर धूम रहती है। नवरात्री के त्योहार से शुरु हुआ यह सिलसिला बैसाखी, गुड़िया, तीज, नाग पंचमी से होता हुआ रक्षाबंधन और कृष्ण जन्माष्टमी तक जाता है।

त्योहारों से परे बड़े, बूढ़े और खासकर बच्चे गर्मी के मौसम में स्कूल की छुट्टियों का बेहद बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस दौरान जहां कई बच्चे अपने परिवार के साथ नानी और दादी के घर जाते हैं, वहीं कई लोग छुट्टियां मनाने शिमला, मनाली, मसूरी और लेह लद्दाख जैसे ठंडे हिल स्टेशन पर जाकर वादियों का भरपूर लुत्फ उठाते हैं। तो कुछ लोग समुद्र के किनारे पर लहरों के शोर में सुकून का ढूंढ़ लेते हैं।


बचपन में देखा कि

गर्मी ऊन में होती है,

स्कूल में पता चला

कि गर्मी जून में होती है।


भारत में ग्रीष्म कालीन ऋतु के महत्व पर प्रकाश डालें तो जहां एक तरफ गर्मी के मौसम में चिलचिलाती धूप और जानलेवा लू से लोग बेहाल रहते हैं, वहीं खेती प्रधान देश होने के नाते गर्मी काफी अहम मानी जाती है।

गर्मी के मौसम में भारत में मुख्य रुप से अहम खरीफ फसलों मसलन चावल, मक्का, और दालों की खेती काफी बड़े पैमाने पर होती है, वहीं कद्दू, खीरा, खरबूजा, तरबूजा, टमाटर सहित कई सब्जियां भी उगाई जाती हैं।

भारत की गर्म और आर्द्र जलवायु (hot and humid climate) के चलते ही भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है। इसके अलावा भारत का नाम दुनिया टॉप 5 गन्ना उत्पादक और बागवानी में आम व केले का सबसे बड़ा उत्पादक देश है।

हालांकि भारत में सर्दियों के दस्तक देने के साथ ही सूर्य दक्षिणी ध्रुव में गर्मी का कहर बरसाता नजर आता है। यही कारण है कि आस्ट्रेलिया जैसे दक्षिणी ध्रुव में स्थित देशों में 25 दिसम्बर (winter solstice) को न सिर्फ बड़े दिन बल्कि गर्मी की छुट्टी के रुप में भी मनाया जाता है।   

यही नहीं गर्मी के मौसम में ही दुनिया के कई देश के महत्वपूर्ण उत्सवों को बेहद धूम-धाम के साथ अलग-अलग तरह से मनाया जाता है। उदाहरण के लिए अमेरिका में मेमोरियल दिवस (memorial day), कनाडा में विक्टोरिया दिवस (victoria day), जॉर्डन में 25 मई को स्वतंत्रता दिवस (Independence day), 14 जुलाई को फ्रांस में बैस्टाइल दिवस (bastille day), 4 जुलाई को अमेरिका में स्वतंत्रता दिवस(America independence day), 14 अगस्त को पाकिस्तान में स्वतंत्रता दिवस(pakistan independence day), 15 अगस्त को भारत में स्वतंत्रता दिवस(indian independence day), 26 जनवरी को आस्ट्रेलिया दिवस (Australia day) और 30 अगस्त को तुर्की में विक्टोरिया दिवस (turkey victoria day) प्रमुख त्योहारों के रुप में मनाए जाते हैं।

गर्मी के मौसम में मिलने वाली इन छुट्टियों का लोग पूरा इस्तेमाल करते हैं। कुछ लोग अपनी पसंदीदा जगह पर छुट्टियां मनाने के लिए जाते हैं, तो कुछ लोग अपने मनपसंद खेल जैसे क्रिकेट, बास्केटबॉल, फुटबॉल, बॉलीबॉल, बेसबॉल, टेनिस और गोल्फ खेलना पसंद करते हैं।

दरअसल गर्मी की छुट्टियां ही एक ऐसा समय होता है, जब लोग न सिर्फ परिवार और चाहने वालों के साथ खूब सारा समय व्यतीत करते हैं बल्कि अपनी दौड़भाग वाली दिनचर्या से परे अपने हुनर को निखारने का काम करते हैं। इसी कड़ी में कुछ लोग स्केटिंग, स्वीमिंग, सर्फिंग, हॉर्स राइडिंग, वॉटर पोलो जैसे करतब दिखाते नजर आते हैं।

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